इस दृश्य में एक्शन का तूफ़ान देखकर रोंगटे खड़े हो गए। बड़े गुंडे की अकड़ देखते ही देखते टूट गई जब सफ़ेद पट्टी वाले लड़के ने उसे धूल चटा दी। अपराध सफाया जैसे सीन में दर्शकों की तालियाँ बिल्कुल जायज़ थीं क्योंकि जीत हमेशा सही इंसान की होती है।
जब वो बड़ा आदमी ज़मीन पर गिरा और खून बहने लगा, तो माहौल एकदम गंभीर हो गया। लाल सूट वाले बॉस का चेहरा देखकर लग रहा था कि अब असली खेल शुरू होगा। अपराध सफाया की कहानी में ये मोड़ बहुत ही दमदार था जो आगे की घटनाओं का संकेत देता है।
लड़ाई के बीच में भी वो काली ड्रेस वाली महिला जिस तरह शांत बैठी थी, उसने सबका ध्यान खींच लिया। उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी जो बता रही थी कि वो सिर्फ दर्शक नहीं बल्कि खेल का हिस्सा है। अपराध सफाया में ऐसे किरदार ही कहानी को गहराई देते हैं।
सफ़ेद पट्टी वाले लड़के की फाइटिंग स्टाइल देखकर लगता है जैसे वो किसी एक्शन फिल्म का हीरो हो। उसने बड़े गुंडे को उठाकर पटक दिया, ये सीन देखते ही बनता है। अपराध सफाया में ऐसे एक्शन सीक्वेंस दर्शकों को बांधे रखते हैं और रोमांच बढ़ाते हैं।
पीछे खड़ी भीड़ का रिएक्शन देखकर लग रहा था जैसे वो किसी अंडरग्राउंड फाइट क्लब में हों। जब गुंडा गिरा तो सबने तालियाँ बजाईं, ये दिखाता है कि यहाँ ताकतवर ही सब कुछ है। अपराध सफाया का ये माहौल बहुत ही डरावना और रोमांचक लग रहा है।