काले चमड़े की पोशाक वाले योद्धा की चालबाजी देखकर दंग रह गए। उसने दो चाकू निकाले लेकिन सामने वाले ने कैंची से वार किया। लड़ाई के दृश्य बहुत तेज हैं। कैंची का जादूगर नाम सही लगता है क्योंकि हथियार हवा में तैर रहे थे। पृष्ठभूमि में खड़े शिष्यों की घबराहट साफ दिख रही थी। गुरु जी की शक्ति का अनुमान लगा पाना मुश्किल है। यह दृश्य रोमांच से भरा है।
सफेद बालों वाले गुरु जी ध्यान में बैठे हैं लेकिन उनके चेहरे पर दर्द साफ है। खून की बूंद गिरते ही सबकी सांसें रुक गईं। कैंची का जादूगर में यह मोड़ बहुत नाटकीय लगा। लाल रंग की चमक के साथ हमला हुआ तो लगा अब अंत निकट है। परिधानों का विरोधाभास दिलचस्प है। पुराने जमाने की इमारत में आधुनिक हथियारों का उपयोग अनोखा है।
जो युवक कैंची चला रहा था उसका अंदाज बहुत निडर था। उसने शांति से खड़े होकर भी दुश्मन को चुनौती दी। कैंची का जादूगर की कहानी में यह पात्र सबसे रहस्यमयी लग रहा है। पीछे खड़े लोग कुछ बोल नहीं पा रहे थे। माहौल में तनाव इतना था कि सांस लेना मुश्किल लग रहा था। विशेष प्रभावों का उपयोग लड़ाई को भव्य बनाता है।
काले कपड़ों वाले योद्धा की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। वह बार बार हमला कर रहा था लेकिन रुक नहीं पा रहा था। कैंची का जादूगर में लड़ाई की बनावट बहुत सटीक है। जब गुरु जी को चोट लगी तो सबके चेहरे उतर गए। देखने वाली चिंतित होकर देख रही थीं। यह संघर्ष केवल शक्ति का नहीं बल्कि अहंकार का भी लग रहा था।
सिंहासन पर बैठे गुरु की शक्ति का अंदाजा धुएं से लगाया जा सकता है। उनके आसपास की ऊर्जा अलग थी। कैंची का जादूगर में यह पात्र सबसे शक्तिशाली प्रतीत होता है। हालांकि उन्हें चोट लगी है फिर भी वे शांत हैं। लड़ाई करने वालों की गति बहुत तेज थी। दृश्य कोण ने हर पल को कैद किया है। दर्शक बने रहना चाहेंगे।