इस नाटक में खलनायक का शृंगार बहुत डरावना लग रहा है। उसकी आंखों में क्रोध और हाथ में लाल बिजली का जादू देखकर रोंगटे खड़े हो गए। बुजुर्ग गुरु अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं लेकिन फिर भी पीछे हट रहे हैं। कैंची का जादूगर में ऐसे दृश्य देखकर मजा आ गया। विशेष प्रभाव बहुत अच्छे हैं और कहानी में रोमांच बना हुआ है। मैं अगली कड़ी देखने के लिए बेताब हूं क्योंकि अंत क्या होगा कोई नहीं जानता।
सफेद बालों वाले गुरु ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने शिष्यों को बचाने की कोशिश की। उनकी आंखों में पीड़ा थी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। तलवारबाजी के दृश्य बहुत ही शानदार तरीके से फिल्माए गए हैं। कैंची का जादूगर जैसे कार्यक्रम में ऐसे पात्र ही जान डालते हैं। इस मंच पर यह देखना बहुत सुखद अनुभव रहा। हर पल में एक नया मोड़ मिलता है जो दर्शकों को बांधे रखता है।
जब कई तलवारें एक व्यक्ति की ओर इशारा कर रही थीं, तो भी वह डरा नहीं। उसकी हंसी में घमंड साफ झलक रहा था। यह दिखाता है कि उसे अपनी शक्तियों पर कितना अभिमान है। कैंची का जादूगर की कहानी में यह संघर्ष बहुत महत्वपूर्ण लग रहा है। कार्रवाई दृश्यों की रचना बहुत सटीक है। मुझे यह पता चलने की उत्सुकता है कि क्या वह बच पाएगा या फिर गुरु जीतेंगे।
पीछे खड़े शिष्यों के चेहरे पर चिंता साफ दिख रही थी। वे अपने गुरु को चोट पहुंचते देख नहीं पा रहे थे। यह भावनात्मक पल कहानी को गहराई देता है। कैंची का जादूगर में रिश्तों की अहमियत को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। ऐसे दृश्य दर्शकों के दिल को छू लेते हैं। मुझे लगता है कि आगे चलकर ये शिष्य ही खेल पलट सकते हैं। यह नाटक बहुत ही रोचक मोड़ ले रहा है।
लाल बिजली और पुरानी तलवारों का मुकाबला देखने में बहुत अद्भुत लग रहा था। आधुनिक जादू और प्राचीन कला का मिश्रण अनोखा है। कैंची का जादूगर ने दृश्य प्रभावों पर बहुत मेहनत की है। रंगों का इस्तेमाल भी बहुत प्रभावशाली है। लाल और सफेद रंग का अंतर पर्दे पर बहुत अच्छा लग रहा था। ऐसे निर्माण मूल्य वाले कार्यक्रम कम ही देखने को मिलते हैं।