शुरुआत में ही बेचारी लड़की को जंजीरों में जकड़ा देख दिल दहल गया। अंधेरी कोठरी और मोमबत्तियों की रोशनी में डर का माहौल बिल्कुल सही बना है। चश्मे वाला योद्धा जब अपनी शक्तियों का प्रयोग करता है तो लगता है कि कैंची का जादूगर की कहानी में कोई बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। बचाव का प्रयास देखकर रोंगटे खड़े हो गए। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना सच में रोमांचक अनुभव है।
वीआर चश्मे वाले पात्र की एंट्री बहुत ही रहस्यमयी थी। उसकी आंखों पर पट्टी जैसा डिवाइस भविष्य की तकनीक लग रहा था। जब उसने नीली ऊर्जा की ढाल बनाई तो समझ आया कि यह साधारण लड़ाई नहीं है। कैंची का जादूगर में जादू और विज्ञान का मिश्रण देखने को मिल रहा है। हर फ्रेम में एक नया सवाल खड़ा होता है कि आखिर ये सब क्यों हो रहा है।
सुनहरे नकाब वाले तलवारबाज का खौफनाक अंदाज देखकर ही समझ आ गया कि वह विलेन है। उसकी तलवार से निकलती लाल चिंगारियां खतरनाक थीं। जब उसने अपना नकाब उतारा तो चेहरे पर निशान ने कहानी को और गहरा कर दिया। कैंची का जादूगर के इस एपिसोड में एक्शन का स्तर बहुत ऊंचा है। दर्शक के रूप में मैं इस अगले भाग का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।
सेट डिजाइन और लाइटिंग पर बहुत मेहनत साफ झलकती है। पुराने महल जैसे स्थान पर आधुनिक हथियारों का होना एक अजीब लेकिन दिलचस्प विरोधाभास है। जादुई शक्तियों का टकराव जब स्क्रीन पर दिखा तो मजा आ गया। कैंची का जादूगर की कहानी में हर पल कुछ नया होता है। नेटशॉर्ट ऐप की क्वालिटी भी काफी अच्छी है जिससे देखने में मजा आता है।
जंजीरों में बंधी नायिका की बेचैनी हर पल बढ़ती जा रही थी। उसे बचाने आए योद्धा की ताकत दुश्मन के आगे कम पड़ती दिखी। लाल और नीली ऊर्जा का टकराव देखकर लगा कि महायुद्ध शुरू हो गया है। कैंची का जादूगर में भावनात्मक जुड़ाव भी उतना ही मजबूत है जितना एक्शन। यह दृश्य मन पर गहरा प्रभाव छोड़ गया है।