PreviousLater
Close

खून का सबकवां3एपिसोड

like2.0Kchase2.0K

खून का सबक

ईर्ष्या में एक औरत अपने बच्चे को अपनी सबसे अच्छी सहेली के बच्चे से बदल देती है। उसे नहीं पता कि बाद में सहेली उन्हें फिर से बदल देती है। 18 सालों तक वह अपनी असली बेटी के साथ कूड़े जैसा बर्ताव करती है, जबकि सहेली की बेटी पर दिल लगाती है। जब सच्चाई सामने आएगी, तो वह टूट जाएगी।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

गुलाबी पोशाक का जादू

जब वह साधारण लड़की गुलाबी पोशाक पहनती है तो कमरा ही बदल जाता है। खून का सबक में ऐसे पल दिल को छू लेते हैं। उसकी आँखों में चमक और चेहरे पर मुस्कान देखकर लगता है जैसे कोई परी उतर आई हो। जूतों का उपहार तो बस ऊपर से मिठास था।

बहन का प्यार भरा उपहार

पीली साड़ी वाली बहन का व्यवहार बहुत प्यारा लगा। उसने न सिर्फ पोशाक दी बल्कि चमकदार जूते भी उपहार किए। खून का सबक में रिश्तों की गरमाहट साफ झलकती है। ऐसे पल यादगार बन जाते हैं जब कोई आपकी खुशी के लिए इतना सोचे।

बदलाव का पल

साधारण कपड़ों से लेकर राजकुमारी जैसी पोशाक तक का सफर देखकर रोमांच होता है। खून का सबक में यह बदलाव बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। जब वह शीशे के सामने खड़ी होती है तो लगता है जैसे नई जिंदगी शुरू हो रही हो।

माँ का हैरान चेहरा

जब माँ ने अपनी बेटी को नए अवतार में देखा तो उनकी आँखें फटी की फटी रह गईं। खून का सबक में ऐसी प्रतिक्रिया बहुत असली लगती हैं। उनका हैरान होना और फिर मुस्कुराना दिल को छू लेता है। माँ का प्यार हमेशा बेमिसाल होता है।

जूतों की चमक

गुलाबी चमकदार जूते देखकर मन खुश हो गया। खून का सबक में ऐसी छोटी-छोटी बारीकियां कहानी को और भी खूबसूरत बना देती हैं। जब वह जूते पहनती है तो लगता है जैसे वह किसी राजमहल की रानी हो। ऐसे उपहार हमेशा याद रहते हैं।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down