नीली पोशाक पहने सुंदर महिला की मुस्कान के पीछे छिपा असली चेहरा देखकर रोंगटे खड़े हो गए। वह फोन पर बात करते हुए इतनी शांत कैसे रह सकती है? जबकि सामने खड़ी भूरी पोशाक वाली महिला की आँखों में साफ़ दर्द झलक रहा है। खून का सबक देखते हुए लगता है कि यह पार्टी किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। हर कोई नाटक कर रहा है, बस असली इरादे कौन छिपा रहा है, यही देखना बाकी है।
पीली साड़ी में वह लड़की कितनी मासूम लग रही है, पर क्या वह सच में बेचारी है? जब नीली पोशाक वाली महिला उसके पास आई, तो उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी। शायद वह सब जानती है। खून का सबक की कहानी में हर किरदार के पास कोई न कोई राज़ जरूर है। फूलों से सजी यह महफिल असल में जंग का मैदान लग रही है, जहाँ हर कोई अपने हथियार छिपाए खड़ा है।
भूरी पोशाक वाली महिला का धैर्य देखकर हैरानी होती है। सामने खड़ी महिला उसे चुभती हुई बातें कर रही है, पर वह टूट नहीं रही। उसकी आँखों में आँसू हैं पर होंठों पर मुस्कान। खून का सबक में यही तो सबसे दिलचस्प बात है कि कैसे लोग अपने दर्द को छिपाकर दुनिया को धोखा देते हैं। यह सीन देखकर लगता है कि आगे कोई बड़ा धमाका होने वाला है।
वह सूट पहने शख्स बस चुपचाप सब देख रहा है। क्या वह इस साजिश का हिस्सा है या बस एक मूक गवाह? जब नीली पोशाक वाली महिला फोन पर बात कर रही थी, तो उसकी नज़रें कहीं और थीं। खून का सबक की कहानी में हर किरदार का अपना महत्व है। शायद वह अगले मोड़ पर सबसे बड़ा रोल निभाने वाला है। उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है।
नीली पोशाक वाली महिला का फोन कॉल करते ही चेहरा बदल जाना सबसे खौफनाक पल था। एक पल में वह हँस रही थी, अगले पल उसकी आँखों में ठंडक आ गई। खून का सबक में ऐसे मोड़ ही तो दर्शकों को बांधे रखते हैं। लगता है कि उसने कोई बुरी खबर सुनी है या फिर कोई नया प्लान बनाया है। यह पार्टी अब और भी खतरनाक होने वाली है।