इस दृश्य में कृतिका तिवारी की आंखों में जो आग है, वह सब कुछ जला सकती है। जब वह जमीन से उठती है, तो लगता है कि अब बदला लेने का समय आ गया है। गायब हुआ रणदेव की कहानी में ऐसा मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। उसकी चोटें उसे कमजोर नहीं बना रही हैं, बल्कि और मजबूत बना रही हैं। काले कपड़े वाला योद्धा भी अब घबराया हुआ लग रहा है। दर्शकों को यह संघर्ष बहुत पसंद आ रहा है और सब अगला भाग देखना चाहते हैं।
पूरा आंगन लाशों से भर गया है, फिर भी लड़ाई रुक नहीं रही है। गौरी कपूर शांत खड़ी है, लेकिन उसकी आंखें सब कुछ देख रही हैं। गायब हुआ रणदेव सीरीज का यह एपिसोड बहुत ही तनावपूर्ण है। जब कृतिका तिवारी सामने आती है, तो हवाएं भी रुक जाती हैं। यह सिर्फ एक युद्ध नहीं, बल्कि सम्मान की लड़ाई है। पृष्ठभूमि का संगीत भी बहुत ही दिल दहला देने वाला है।
गौरी कपूर जो रणदेव की शिष्या है, उसका व्यवहार बहुत रहस्यमयी है। वह न तो डर रही है और न ही घबराई हुई है। गायब हुआ रणदेव में ऐसे किरदार ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। काले टोपी वाले व्यक्ति का प्रवेश जैसे मौत का संदेश लेकर आया हो। हर कोई जानना चाहता है कि आखिर हुआ क्या था। इनके संवाद बहुत ही गहरे और अर्थपूर्ण लग रहे हैं।
जमीन पर लेटे होने के बावजूद कृतिका तिवारी की हिम्मत नहीं टूटी है। उसकी आंखों में आंसू हैं, लेकिन इरादे पक्के हैं। गायब हुआ रणदेव की कहानी में यह सबसे भावुक पल है। जब वह खड़ी होती है, तो दर्शकों की सांसें रुक जाती हैं। यह साबित करता है कि वह उत्तरी जंगल की राजकुमारी क्यों है। उसका संघर्ष हर किसी को प्रेरित कर रहा है।
यह व्यक्ति कौन है जो काले कपड़े और टोपी पहने है? उसकी चाल में एक अलग ही खतरा है। गायब हुआ रणदेव में ऐसे विलेन की जरूरत थी। जब वह गौरी कपूर के पास जाता है, तो माहौल और भी तनावपूर्ण हो जाता है। लगता है कि कुछ बड़ा साजिश रची जा रही है। हमें अगले एपिसोड का इंतजार है। इसका रहस्य जल्द खुलना चाहिए।
कृतिका तिवारी का परिचय जैसे ही मिलता है, सबकी नजरें उस पर टिक जाती हैं। उसकी पोशाक और हाथ में पकड़ा हुआ वस्तु उसकी ताकत दिखाता है। गायब हुआ रणदेव में पात्रों का डिजाइन बहुत शानदार है। वह चुपचाप खड़ी है, लेकिन उसकी खामोशी शोर मचा रही है। क्या वह दोस्त है या दुश्मन, यह अभी साफ नहीं है। यह उलझन दर्शकों को बांधे रखती है।
ऊपर बालकनी में खड़ी लड़की की चीख दिल को दहला देती है। उसका दर्द साफ दिखाई दे रहा है। गायब हुआ रणदेव में ऐसे इमोशनल सीन बहुत प्रभावशाली हैं। नीचे खड़ा काला कपड़ा वाला व्यक्ति बिना हिले सब सुन रहा है। यह उदासीनता और भी डरावनी लगती है। कहानी बहुत गहरी होती जा रही है। यह दृश्य लंबे समय तक याद रहेगा।
लड़ाई खत्म हो गई है, लेकिन सन्नाटा अभी बाकी है। चारों तरफ गिरे हुए योद्धाओं को देखकर दुख होता है। गायब हुआ रणदेव की पटकथा बहुत मजबूत है। गौरी कपूर और कृतिका तिवारी के बीच की दुश्मनी अब साफ हो गई है। यह सिर्फ तलवारों का खेल नहीं, दिलों का खेल है। निर्देशक ने बहुत बारीकी से काम किया है।
गौरी कपूर को रणदेव की शिष्या बताया गया है, इसका मतलब क्या है? गायब हुआ रणदेव के टाइटल से इसका गहरा संबंध लगता है। शायद रणदेव ही इस सबका मुख्य कारण है। काले कपड़े वाले की आंखों में भी एक अजीब सी चमक है। हर किरदार के पीछे एक राज छिपा हुआ है। यह पहेली सुलझाने में मजा आ रहा है।
इस तरह की वेब सीरीज देखने का मजा ही अलग है। गायब हुआ रणदेव जैसे शो नेटशॉर्ट ऐप पर बहुत अच्छे लगते हैं। एक्टिंग से लेकर सेट डिजाइन तक सब कुछ बेहतरीन है। कृतिका तिवारी का अभिनय देखकर दाद देनी पड़ती है। मैं अगला पार्ट देखने के लिए बेताब हूं। यह ऐप पर उपलब्ध सबसे अच्छा कंटेंट है।