सफेद हुडी वाले लड़के की शक्तियां देखकर दंग रह गया। जब उसने बैंगनी ऊर्जा से सैनिकों को उड़ाया, तो रोंगटे खड़े हो गए। ज़ॉम्बी बना, दुनिया बदली में ऐसी कार्रवाई पहले नहीं देखी। टूटी खिड़कियां और धूल का माहौल बहुत असली लग रहा है। हर पल में तनाव बना हुआ है और कहानी आगे बढ़ती जाती है। बस यही उम्मीद है कि आगे क्या होगा।
चश्मे वाली लड़की का आगमन बहुत रहस्यमयी था। वह भागती हुई आई और सफेद हुडी वाले के पास खड़ी हो गई। ज़ॉम्बी बना, दुनिया बदली की कहानी में इन दोनों का रिश्ता क्या है, यह जानना जरूरी है। बाहर तबाही फैली है और अंदर ये दोनों शांत खड़े हैं। छायांकन बहुत गजब का है। रंगों का इस्तेमाल खासतौर पर आंखों को भाता है।
दूरबीन बंदूक का निशाना लगते ही तनाव बढ़ गया। क्या अब इन दोनों पर हमला होगा? ज़ॉम्बी बना, दुनिया बदली में हर सीन के बाद नया मोड़ आता है। सफेद हुडी वाले के हाथों में लाल गोला देखकर लगा कि वह किसी और ही दुनिया से है। विशेष प्रभाव का काम बहुत बारीकी से किया गया है। देखने वाला हर पल कायल हो जाता है।
सैनिकों की हार देखकर लगा कि अब ताकत का समीकरण बदल गया है। ज़ॉम्बी बना, दुनिया बदली में साधारण इंसान और महाशक्तिशाली इंसान की लड़ाई दिखाई गई है। धूल भरी हवा और टूटे हुए शहर का नजारा दिल दहला देता है। सफेद हुडी वाले की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। ऐसी कहानियां बार बार देखने को मिलती नहीं हैं।
बैंगनी बिजली का असर जमीन पर लेटे सैनिकों पर बहुत गहरा था। ज़ॉम्बी बना, दुनिया बदली में लौकिक शक्तियों का दिखावा जबरदस्त है। लड़की के कंधे पर गुलाबी थैले ने माहौल में थोड़ी नरमी ला दी। बाहर बख्तरबंद गाड़ियां खड़ी हैं लेकिन अंदर डर का माहौल नहीं है। यह विरोधाभास बहुत अच्छा लगा। निर्देशक की सोच को सलाम।
सफेद हुडी वाले के चेहरे पर कोई डर नहीं था, बस ठंडक थी। ज़ॉम्बी बना, दुनिया बदली के किरदार बहुत गहरे लग रहे हैं। जब वह खिड़की के पास गया तो लगा वह सब कुछ नियंत्रण कर रहा है। टूटे शीशे के टुकड़े और धूप की किरणें बहुत खूबसूरत लग रही थीं। ऐसी दृश्य दावत मिलना आजकल मुश्किल है। बस देखते ही रह जाओ।
लड़की की आंखों में डर और हैरानी दोनों साफ दिख रहे थे। ज़ॉम्बी बना, दुनिया बदली में भावनात्मक पक्ष भी बहुत मजबूत है। सफेद हुडी वाले ने उसे बचाने के लिए ही शायद वह किया। बाहर का शहर वीरान पड़ा है और अंदर जीवन की उम्मीद बची है। कहानी की रफ्तार बहुत तेज है। एक बार शुरू किया तो रुका नहीं गया।
कार्रवाई सीन में जो धमाका हुआ वह सीधे दिल पर लगा। ज़ॉम्बी बना, दुनिया बदली में हर दृश्य में जान है। सैनिकों के गिरने का तरीका बहुत वास्तविक था। सफेद हुडी वाले की जगह हर बार बदलती रही। कैमरा कोण ने पूरे सीन को और भी नाटकीय बना दिया। ऐसे सीन बार बार देखने का मन करता है। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है।
अंत में दूरबीन बंदूक के निशाने पर सब कुछ आ गया। ज़ॉम्बी बना, दुनिया बदली का रोमांचक अंत बहुत तगड़ा था। अब अगली कड़ी का इंतजार नहीं हो रहा है। सफेद हुडी वाले और लड़की के बीच की चुप्पी भी बहुत कुछ कह रही थी। धूल और धुएं का असर बहुत गहरा था। तकनीकी पक्ष से यह श्रृंखला बहुत आगे है। बस देखते रहो और मजे लो।
पूरी श्रृंखला का माहौल बहुत अंधेरा और गंभीर है। ज़ॉम्बी बना, दुनिया बदली में उम्मीद और निराशा की लड़ाई है। सफेद हुडी वाले की शक्तियां ही इनका सहारा हैं। लड़की का लाल जैकेट वाला लुक भी बहुत प्यारा लगा। बाहर की तबाही के बीच ये दोनों कैसे टिकेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा। कहानी कहने का तरीका बहुत मजबूत है।