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झूठी कसम, सच्ची लगनवां2एपिसोड

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झूठी कसम, सच्ची लगन

रुद्र, जिसे औरतों से एलर्जी है, नशे में आरोही से शादी कर लेता है। दोनों को एक दूसरे का चेहरा याद नहीं रहता। वह विदेश भाग जाता है। आरोही अपनी माँ के बिलों के लिए संघर्ष करती है। एक साल बाद, रुद्र उससे एक क्लीनर के रूप में मिलता है, उसे कॉन्ट्रैक्ट गर्लफ्रेंड बना लेता है। धीरे धीरे दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगते हैं और बाद में पता चलता है कि वे पहले से ही शादीशुदा हैं।
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इस एपिसोड की समीक्षा

एक साल का सफर

जब वो पहली बार मिले थे सब कुछ साधारण था, लेकिन अब वो हीरा जड़ित गहनों की कलाकार बन चुकी है। उसकी आँखों में वो चमक देखकर लगता है कि उसने अपनी मेहनत से सब कुछ बदल दिया है। झूठी कसम, सच्ची लगन में ऐसा बदलाव बहुत देखने को मिलता है जो दिल को छू लेता है और उम्मीद देता है।

अमीरी का नशा

काली कारों का काफिला और अंगरक्षकों की फौज देखकर ही समझ आ जाता है कि वो कितना ताकतवर हो गया है। लेकिन उसकी आँखों में अभी भी वही पुरानी यादें तैर रही हैं जो उसे कहीं खोया हुआ महसूस कराती हैं। वो अमीर जरूर हो गया पर खुश नहीं लग रहा।

एलर्जी का राज

जब वो दूसरी लड़की ने उसे गले लगाया तो उसके हाथों पर लाल निशान क्यों आ गए? क्या उसे किसी खास इंसान को छूने से दिक्कत होती है? ये रहस्य बहुत गहरा लग रहा है और जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। ये प्रतिक्रिया किसी बीमारी का संकेत है या कोई जादू।

गहनों की चमक

उसने जो कागज़ात दिखाई उसमें हर गहने की बारीकी देखते ही बनती है। वो सिर्फ बनावट नहीं बेच रही, वो अपनी कहानी पेश कर रही है। झूठी कसम, सच्ची लगन की ये सबसे खूबसूरत पेशकश है जो कला को दर्शाती है और हुनर को सलाम करती है।

अनकही बातें

भीड़ में खड़े होकर भी वो एक दूसरे को महसूस कर रहे हैं। शब्दों की जरूरत नहीं है जब नज़रे मिलती हैं तो सब कुछ साफ हो जाता है। ये खामोशी शोर से ज्यादा बोल रही थी उस पल और दर्शकों को बांधे रखती है। ऐसा लग रहा था कि समय थम गया है।

घमंड या मजबूरी

वो चश्मा उतारकर जब उसे देखता है तो लगता है कि वो उसे पहचान गया है। क्या वो उससे दूर भाग रहा है या खुद को संभाल रहा है? उसके चेहरे के भाव सब कुछ बता रहे हैं और कहानी में नया मोड़ लाते हैं। ये पल बहुत ही रोमांचक था।

मुस्कान का मतलब

आखिर में उसकी मुस्कान में बहुत कुछ छिपा था। क्या वो जीत गई या बस खेल शुरू हुआ है? उसका आत्मविश्वास देखकर मज़ा आ गया और लगता है अब वो पीछे नहीं हटेगी। ये किरदार बहुत मजबूत लग रहा है और सबका ध्यान खींच रहा है।

लक्जरी लाइफ

महंगी गाड़ियों का काफिला देखकर होश उड़ गए। इतनी दौलत के बीच भी वो अकेला लग रहा था। अमीरी सब कुछ नहीं खरीद सकती, ये बात इस दृश्य में साफ झलकती है और सोचने पर मजबूर कर देती है। जीवन में पैसे से बड़ी चीजें भी होती हैं।

सफाई कर्मचारी वाला सीन

भवन के रास्ते में सफाई करने वाले से वो क्यों बात कर रही थी? क्या ये कोई योजना है या संयोग? हर दृश्य में एक नया मोड़ है जो दर्शकों को बांधे रखता है और अंत तक देखने के लिए मजबूर करता है। ये रहस्य बहुत अच्छा बनाया गया है।

इंतज़ार का फल

एक साल बाद की मुलाकात में वो तनाव देखने लायक था। झूठी कसम, सच्ची लगन में ऐसे नाटकीय मोड़ बार बार देखने को मिलते हैं जो कहानी को आगे बढ़ाते हैं और दर्शकों को हैरान करते हैं। ये कहानी दिलचस्प होती जा रही है।