सोनम जोशी का अंदाज देखकर लग रहा है कि वो कुछ छुपा रही हैं। प्रोफेसर आइवी की आंखों में शक साफ दिख रहा था जब उसने रिसर्च की बात की। क्या सच में सोनम ने आइवी की मेहनत चुराई है? यह ड्रामा देखकर रोंगटे खड़े हो गए। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसा प्लॉट मोड़ बहुत कम देखने को मिलता है। एडवेट का आगमन भी सस्पेंस बढ़ा रहा है। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी यह देखना बाकी है। दर्शक बंधे रहेंगे।
हॉस्पिटल के कॉरिडोर में यह मुलाकात साधारण नहीं लग रही थी। आइवी ने सोनम से हाथ मिलाते वक्त जो ठंडापन दिखाया, वो काबिले गौर है। लगता है पुरानी बातें हैं जो अभी सामने आएंगी। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की कहानी में यह टकराव सबसे दिलचस्प हिस्सा है। एडवेट का फोन कॉल और फिर उसका आना सब कुछ जोड़ रहा है। माहौल में तनाव साफ झलक रहा है। हर कोई जानना चाहता है।
जैसे ही सोनम ने फोन उठाया और एडवेट का नाम लिया, माहौल बदल गया। सूट में एडवेट की चाल और सोनम की खुशी देखकर लगता है कि इनके बीच कुछ खास है। पर आइवी की नजरें सब देख रही हैं। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में रोमांस और प्रोफेशनल ईर्ष्या का मिश्रण कमाल का है। अगले भाग का इंतजार नहीं हो रहा। यह जोड़ी स्क्रीन पर जंच रही है। कहानी बहुत रोचक है।
वरिष्ठ डॉक्टर ने सोनम की तारीफ की लेकिन आइवी की खामोशी सब कह रही थी। उसने साफ कह दिया कि तुम मेरी रिसर्च लेकर आगे बढ़ गई। यह आरोप बहुत गंभीर है। सोनम की प्रतिक्रिया भी गौर करने जैसा है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे मोड़ कहानी को नई दिशा देते हैं। क्या सोनम सच में दोषी है या कोई गलतफहमी है? यह जानना जरूरी है। रहस्य बना हुआ है।
मेडिकल दुनिया की यह राजनीति बहुत गहरी लग रही है। सोनम सबसे कम उम्र की इंटरन है, यह बात आइवी को चुभ रही है। प्रोफेसर आइवी का स्टैंड बहुत मजबूत है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में शक्ति संतुलन को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। एडवेट के आने से कहानी में नया मोड़ आने वाला है। बस देखते रहिए और मजे लीजिए। यह कार्यक्रम बेहतरीन है।
सोनम की मासूमियत भरी मुस्कान के पीछे क्या छुपा है? आइवी की नजरों में शक था लेकिन सोनम बेफिक्र लग रही थी। जब तक एडवेट नहीं आया, सब कुछ ठीक था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में किरदारों की परतें बहुत गहरी हैं। हर डायलॉग के पीछे एक राज छुपा है। यह सीन देखकर मैं उलझन में हो गया कि सच क्या है। रहस्य बना हुआ है। दर्शक हैरान हैं।
जब वरिष्ठ डॉक्टर ने सोनम का परिचय कराया, तो आइवी का चेहरा देखने लायक था। उसने सोचा नहीं था कि यहां मुलाकात होगी। यह डायलॉग ही सब कुछ बता रहा था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे संवाद कहानी की रफ्तार बढ़ा देते हैं। एडवेट का सही वक्त पर आना शायद सोनम के लिए बचाव बन सकता है। कहानी बहुत आगे बढ़ने वाली है। मजा आ रहा है।
आइवी और सोनम के बीच की खामोशी शोर मचा रही थी। बिना कुछ कहे ही दोनों के बीच की दुश्मनी साफ झलक रही थी। एडवेट के आने से यह तनाव और बढ़ गया है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में अभिनय बहुत सहज है। खासकर आइवी की आंखों का भाव सब कुछ कह जाता है। यह कार्यक्रम देखने का मजा ही कुछ और है। हर पल रोमांचक है। सबको पसंद आएगा।
सोनम ने जैसे ही एडवेट को फोन किया, उसकी आवाज में बदलाव आ गया। एडवेट भी तुरंत वहां पहुंच गया। क्या वो सोनम की मदद के लिए आए हैं? आइवी सब देख रही है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में रिश्तों की जटिलताओं को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। यह तिकोना प्रेम कहानी को और दिलचस्प बना रहा है। आगे क्या होगा देखना बाकी है। उत्सुकता बढ़ रही है।
यह सीन खत्म हुआ तो मन में सवाल रह गए। क्या आइवी सबूत दे पाएगी? क्या सोनम की पोल खुलेगी? एडवेट के आगमन ने सब कुछ बदल दिया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात का हर भाग रहस्य पर खत्म होता है। नेटशॉर्ट एप्लिकेशन पर यह श्रृंखला देखना मेरी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। बहुत ही शानदार कहानी है। सबको देखनी चाहिए। मिस मत कीजिए।