जब एडिटी ने नैना को देखा तो उसकी आँखों में हैरानी थी। उसे यकीन नहीं हो रहा था कि नैना उसे नहीं जानती। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ये मोड़ बहुत तेज़ था। सुरक्षा गार्ड्स को बीच में आना पड़ा क्योंकि एडिटी काबू से बाहर हो रहा था। नैना का शांत रहना और भी शक पैदा करता है। क्या वो सच में भूल गई है?
नैना वर्मा ने जब कहा कि वो एडिटी को नहीं जानती, तो उसकी आवाज़ में कोई कंपन नहीं था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की ये कहानी बहुत उलझन भरी लग रही है। उसने कार में बैठते वक़्त भी कोई पछतावा नहीं दिखाया। एडिटी का पेट दर्द का नाटक भी उस पर असर नहीं कर पाया। ये रिश्ता क्या है?
एडिटी सिंहानिया ने पेट दर्द का बहाना बनाकर नैना को रोकने की कोशिश की। लेकिन नैना ने डॉक्टर के पास जाने को कहकर टाल दिया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे सीन दर्शकों को बांधे रखते हैं। एडिटी की बेबसी और नैना की जिद देखकर लगता है कि कुछ बड़ा छुपा है। कौन सच बोल रहा है?
अगर सुरक्षा गार्ड्स नहीं आते तो एडिटी नैना को जाने नहीं देता। भीड़ जमा हो रही थी और शोर बढ़ रहा था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में हर सीन में तनाव बना हुआ है। एडिटी चिल्ला रहा था कि वो गलत नहीं हो सकता। नैना का चेहरा बिल्कुल मिलता है पर स्वभाव अलग है। ये पहेली सुलझनी बाकी है।
एडिटी के साथ खड़ी दूसरी लड़की को उसकी हालत की फिक्र थी। वो बार बार पूछ रही थी कि उसे क्या हुआ। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में रिश्तों की ये उलझन देखने लायक है। एडिटी बस नैना को देख रहा था जबकि दूसरी लड़की उसे संभाल रही थी। भावनाओं का ये टकराव बहुत गहरा है।
एडिटी ने कहा कि नैना ने नोबेल जीता है जबकि डिग्री नहीं है। ये बातें सुनकर दिमाग घूम जाता है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे संवाद कहानी को आगे बढ़ाते हैं। नैना प्रोफेसर बन गई है पर एडिटी को उसकी पुरानी यादें सता रही हैं। सच क्या है ये जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। हर पल नया खुलासा हो रहा है।
नैना ने बिना पलटे कार में बैठने का फैसला किया। एडिटी चिल्ला रहा था कि वो कहीं नहीं जाएगी। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ये विदाई का सीन बहुत दर्दनाक था। ड्राइवर को गाड़ी चलाने का हुक्म मिला और एडिटी बेबस खड़ा रहा। क्या वो वापस आएगी? एडिटी का वादा है कि वो सच निकालेगा। ये जंग अभी शुरू हुई है।
अंत में एडिटी ने कसम खाई कि वो नैना को ढूंढकर लाएगा और सच कहेगा। उसकी आँखों में गुस्सा साफ़ दिख रहा था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में वादों का ये पल बहुत अहम है। नैना वर्मा नाम सुनकर वो और भी आक्रामक हो गया। अब वो चुप नहीं बैठेगा। कहानी में अब तेज़ी आएगी। देखना होगा क्या होता है।
एडिटी कह रहा था कि चेहरा नैना जैसा है पर व्यवहार बिल्कुल अलग है। ये बात बहुत मायने रखती है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में पहचान का ये संकट मुख्य विषय है। क्या वो प्लास्टिक सर्जरी करा गई है या कोई और है? नैना के चश्मे और कपड़े भी बदले हुए लग रहे हैं। हर छोटी चीज़ पर शक हो रहा है।
इस सीन के बाद ये जानना ज़रूरी है कि नैना क्यों झूठ बोल रही है। एडिटी का दर्द असली था या नाटक? (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में हर मोड़ पर सस्पेंस बना रहता है। नेटशॉर्ट पर ये सीरीज़ देखने का मज़ा ही अलग है। कहानी में गहराई है और किरदार भी मज़बूत हैं। जल्दी अगला भाग आए।