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(डबिंग) बदले की आग में पका खानावां16एपिसोड

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(डबिंग) बदले की आग में पका खाना

शेफ लक्ष्य खन्ना, जो कभी "कुकिंग के बादशाह" थे, अपनी पत्नी की कार दुर्घटना में मृत्यु के बाद टूट गए। अवसाद से वे बेघर हो गए और कुत्ते 'शेरू' के अलावा सब कुछ खो दिए। किचन में काम करते समय एक सु-शेफ ने उन्हें प्रताड़ित किया, एक दुष्ट व्यवसायी ने उन्हें वापसी के लिए मजबूर किया। विश्वासघात और शेरू की हत्या के बाद लक्ष्य ने बदला लेने के लिए अपना चाकू उठा लिया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

रेस्तरां की कुर्सी पर दांव

क्या बात है! एक साधारण हाउस सैलेड को लेकर इतना बड़ा हाई वोल्टेज ड्रामा। मिस्टर काशी का रिएक्शन और वरुण बोहरा का आत्मविश्वास देखकर लगता है कि अब रेस्तरां की मालिकाना हक़ की लड़ाई शुरू होने वाली है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे मोड़ आते हैं जो सांस रोक दें। हारने वाले को इंडस्ट्री छोड़नी होगी, यह शर्त तो बहुत खतरनाक है!

एक्टिंग नहीं, असली जंग

हेड शेफ ने सलाद खाकर जो स्वर्ग का अनुभव बताया, वह सिर्फ एक्टिंग नहीं, बल्कि आने वाले तूफान की शांति थी। वरुण बोहरा ने जैसे ही कागज फाड़ा, माहौल बदल गया। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना की कहानी में हर डायलॉग में वजन है। जजों का चयन और शर्तें सुनकर लग रहा है कि अब असली टेस्ट शुरू होगा। कौन जीतेगा यह बाजी?

पिता-पुत्री का टकराव

अदा की चिंता और हेड शेफ का गुस्सा देखकर परिवारिक कलह साफ झलक रहा है। पिता अपनी इज्जत के लिए सब दांव पर लगा रहे हैं, जबकि बेटी उन्हें संभालने की कोशिश कर रही है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में इमोशनल लेयर भी बहुत गहरी है। वरुण बोहरा की मुस्कान में छुपी चालाकी और हेड शेफ का आवेश देखकर लगता है कि यह कॉन्टेस्ट आसान नहीं होगा।

सलाद बना हथियार

कभी सोचा था कि एक सलाद इतना विस्फोटक साबित होगा? वरुण बोहरा ने साबित कर दिया कि खाना सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं, दुश्मन को हराने के लिए भी होता है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना का यह एपिसोड तो आग उगल रहा है। मिस्टर सलीम गफूर और दूसरे जज का आना बताता है कि यह मुकाबला बहुत बड़े स्तर पर होगा। तैयार रहिए धमाके के लिए!

इगो का स्वाद कड़वा

हेड शेफ का घमंड और वरुण बोहरा का ठंडा दिमाग। दोनों के बीच की रसायन विज्ञान देखकर लगता है कि आग लगने वाली है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में हर किरदार अपनी जगह सही है। जब हेड शेफ ने हार मानने से इनकार किया और कॉन्टेस्ट की शर्त रखी, तो लगा कि अब कहानी में असली मजा आएगा। कौन बनेगा असली चेफ?

कागज फाड़ने की आवाज

जिस पल मिस्टर काशी ने एग्रीमेंट फाड़ा, उस पल पूरे रेस्तरां में सन्नाटा छा गया। वह आवाज किसी गोली चलने से कम नहीं थी। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे सीन्स हैं जो रूह कंपा दें। वरुण बोहरा का कहना कि 'डील पक्की', यह बताता है कि वह हारने के लिए तैयार नहीं है। अब देखना है कि कौन बाजी मारता है।

जजों का फैसला इंतजार

मिस्टर सलीम गफूर और दूसरे साहब का जज बनना इस कॉन्टेस्ट को और भी रोमांचक बना देता है। इनके सामने खाना परोसना आसान नहीं होगा। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में अब टेंशन अपने चरम पर है। हेड शेफ और वरुण बोहरा के बीच की यह लड़ाई सिर्फ खाने की नहीं, अस्तित्व की है। कौन रहेगा और कौन जाएगा?

स्वर्ग से नरक तक

हेड शेफ ने सलाद खाकर कहा कि वह स्वर्ग में पहुंच गया, लेकिन कुछ ही पलों में माहौल नरक जैसा हो गया। यह उतार-चढ़ाव देखने लायक है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना की स्क्रिप्ट बहुत मजबूत है। वरुण बोहरा की चालाकी और हेड शेफ का गुस्सा देखकर लगता है कि यह रेस्तरां अब युद्ध का मैदान बन गया है।

आखिरी दांव

हेड शेफ ने सब कुछ दांव पर लगा दिया है। अगर हारे तो रेस्तरां और इंडस्ट्री दोनों से हाथ धोना पड़ेगा। यह जोखिम बहुत बड़ा है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में हर कदम पर सस्पेंस बना हुआ है। वरुण बोहरा का आत्मविश्वास देखकर लगता है कि उसके पास कोई बड़ा प्लान है। अब बस कॉन्टेस्ट का इंतजार है।

सलाद में छुपा है खतरनाक खेल

शुरुआत में लगा कि बस एक साधारण सलाद की तारीफ हो रही है, लेकिन जैसे-जैसे ड्रामा बढ़ा, पता चला कि यह तो जंग का ऐलान है! वरुण बोहरा की चालाकी और हेड शेफ की जिद्द देखकर रोंगटे खड़े हो गए। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना देखते ही समझ आया कि रसोई में सिर्फ स्वाद नहीं, इगो भी पकती है। क्लाइमेक्स पर कॉन्टेस्ट का ऐलान सुनकर दिल की धड़कन तेज हो गई।