जब वह बर्तन उठाया गया और उसमें बंदर का सिर दिखा, तो दर्शकों की चीखें सुनाई देने लगीं। यह सीन वाकई बहुत तीव्र था। नीले शेफ ने कहा कि यह कानूनी है, लेकिन फिर भी घृणा हो रही थी। डबिंग बदले की आग में पका खाना में ऐसे दृश्य दर्शकों को झकझोर देते हैं। सफेद शेफ की मुस्कान बता रही थी कि वह सब कुछ पहले से जानता था। यह बदले की कहानी बहुत रोमांचक है।
उसने बिना एक शब्द कहे सब कुछ प्लान कर लिया था। जब एफबीआई ने आरोप लगाए, तो उसने चुपचाप सबूत पेश कर दिए। काले शेफ की हड़बड़ी देखने लायक थी। डबिंग बदले की आग में पका खाना में दिखाया गया है कि कैसे धैर्य और बुद्धि से बड़े से बड़े दुश्मन को हराया जा सकता है। अंत में जब सच्चाई सामने आई, तो सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं।
जब एफबीआई एजेंट्स ने कमरे में प्रवेश किया और सबको गिरफ्तार करने की धमकी दी, तो माहौल में तनाव छा गया। सब लोग घबरा गए थे। लेकिन सफेद शेफ की आंखों में एक अलग ही चमक थी। डबिंग बदले की आग में पका खाना में ऐसे सीन्स दर्शकों को बांधे रखते हैं। यह दिखाता है कि कैसे एक साजिश को उजागर किया जाता है। एजेंट्स के चेहरे पर गंभीरता देखकर लगता था कि मामला बहुत गंभीर है।
वह खुद को बहुत चालाक समझता था, लेकिन असल में वह सफेद शेफ के जाल में फंस चुका था। जब उसने लैब ब्रेन परोसा, तो उसे लगा कि वह जीत गया है। डबिंग बदले की आग में पका खाना में ऐसे किरदार दिखाते हैं कि अहंकार कैसे इंसान को अंधा कर देता है। अंत में जब सच्चाई सामने आई, तो वह कुछ बोल नहीं पाया। उसकी शर्मिंदगी देखने लायक थी।
जब उसे पता चला कि सब कुछ एक साजिश थी, तो उसका चेहरा देखने लायक था। वह हैरान और गुस्से में थी। उसने सफेद शेफ को देखा तो उसे सब समझ आ गया। डबिंग बदले की आग में पका खाना में ऐसे इमोशनल सीन्स कहानी को और भी दिलचस्प बनाते हैं। उसकी आंखों में आंसू और गुस्सा दोनों थे। यह दिखाता है कि कैसे धोखा इंसान को तोड़ देता है।
वह खुद को बहुत बड़ा समझता था और सब पर हुकूमत चलाना चाहता था। लेकिन जब सच्चाई सामने आई, तो उसकी बोलती बंद हो गई। डबिंग बदले की आग में पका खाना में ऐसे किरदार दिखाते हैं कि पावर कैसे इंसान को गलत रास्ते पर ले जाती है। उसकी घमंडी मुस्कान अब गायब हो चुकी थी। अंत में वह चुपचाप खड़ा था, कुछ बोलने की हिम्मत नहीं थी।
वह काले शेफ के साथ खड़ा था और सबको गलत साबित करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन जब सच्चाई सामने आई, तो उसका चेहरा उतर गया। डबिंग बदले की आग में पका खाना में दिखाया गया है कि कैसे गलत साथी इंसान को बर्बाद कर देते हैं। उसकी मुस्कान अब डर में बदल चुकी थी। यह सीन बहुत ही नाटकीय था और दर्शकों को बांधे रखता है।
यह शो सिर्फ खाना बनाने के बारे में नहीं, बल्कि पावर और बदले के बारे में है। जब एफबीआई ने रेड किया, तो सबकी असलियत सामने आ गई। डबिंग बदले की आग में पका खाना में दिखाया गया है कि कैसे प्रतिस्पर्धा इंसान को कितना नीचे गिरा सकती है। सफेद शेफ की चालाकी और काले शेफ की बेवकूफी का यह टकराव बहुत रोमांचक था।
जब सबूत सामने आए और सफेद शेफ की सच्चाई सामने आई, तो सबकी आंखें खुल गईं। काले शेफ की साजिश नाकाम हो गई। डबिंग बदले की आग में पका खाना में अंत बहुत संतोषजनक है। यह दिखाता है कि सच्चाई हमेशा जीतती है। सफेद शेफ की मुस्कान और काले शेफ की हार देखकर लगता है कि न्याय हो गया। यह एपिसोड बहुत यादगार था।
जब एफबीआई ने रेड किया तो सब डर गए, लेकिन सफेद पोशाक वाला शेफ बिल्कुल शांत था। उसने जानबूझकर अपने प्रतिद्वंद्वी को फंसाने की योजना बनाई थी। काले रंग के शेफ ने जब लैब का ब्रेन परोसा तो सबकी हालत खराब हो गई। डबिंग बदले की आग में पका खाना देखकर लगता है कि रसोई की दुनिया में भी राजनीति कितनी गहरी होती है। अंत में सच्चाई सामने आई तो सब दंग रह गए।