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तूने खोया, मैंने पायावां13एपिसोड

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तूने खोया, मैंने पाया

तीन साल बेकार पति बनकर रहा यश, असल में राजधानी के सूर्यवंशी परिवार का महान युवक निकला। तारा के पुराने प्यार ने आकर उसे तलाक दिलवा दिया। तलाक के बाद यश परिवार लौटा। दक्षिण के बड़े लोग उसके सामने झुके, प्रकाश जोशी जैसे बड़े चिकित्सक भी उसके कायल हो गए। तारा को बाद में पछतावा हुआ, पर यश ने उसे ठुकरा दिया। उसने कुणाल को रौंदा और राजधानी की राजकुमारी प्रियंका से शादी कर ली।
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इस एपिसोड की समीक्षा

दिल तोड़ने वाला अंत

इस दृश्य में भावनाओं का जो बहाव है वह देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। लाल पोशाक वाली नायिका की आंखों में जो दर्द है, वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। काले सूट वाला किरदार जब पीछे मुड़े बिना चला जाता है, तो लगता है जैसे कहानी का एक अध्याय हमेशा के लिए बंद हो गया हो। नेटशॉर्ट पर तूने खोया, मैंने पाया देखने का अनुभव बहुत ही रोमांचक रहा है। हर फ्रेम में एक नया रहस्य छिपा है जो दर्शकों को बांधे रखता है। अगले एपिसोड का बेसब्री से इंतजार है और यही इस धारावाहिक की खासियत है।

खामोशी का शोर

रात के उस सन्नाटे में जब कोई बात नहीं होती, तब भी सब कुछ कह दिया जाता है। सजे हुए कोट वाला व्यक्ति जब हैरानी से देखता है, तो लगता है कि उसे भी इस साजिश की खबर नहीं थी। पीछे खड़े गनमैन जैसे किरदार माहौल को और भी गंभीर बना देते हैं। तूने खोया, मैंने पाया की कहानी में हर मोड़ पर एक नया झटका लगता है। रोशनी का खेल और चेहरों के भाव इस ड्रामे की जान हैं। ऐसे पल बार बार देखने को मन करता है और हर बार कुछ नया मिलता है।

फोन कॉल का रहस्य

अंत में जब उसने फोन उठाया, तो लगता है कि अब खेल बदलने वाला है। उसकी आवाज में जो ठंडक थी, उसने सब कुछ बदल दिया। शायद यह बदले की शुरुआत है या किसी नए सच का खुलासा। तूने खोया, मैंने पाया में ऐसे ट्विस्ट ही दर्शकों को पसंद आते हैं। नेटशॉर्ट एप्लिकेशन पर वीडियो की क्वालिटी भी बहुत साफ है जिससे हर बारीक दिखती है। अधूरे अंत ने तो नींद ही उड़ा दी है और अब चैन नहीं मिल रहा है।

अलविदा का पल

जब वह धीरे धीरे सीढ़ियों से ऊपर जाता है, तो पीठ पर भी एक कहानी लिखी लगती है। शायद वह जानता था कि अब लौटकर देखना मुनासिब नहीं है। लाल वस्त्र वाली नायिका की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। तूने खोया, मैंने पाया के इस सीन में बिना डायलॉग के भी एक्टिंग लाजवाब है। संगीत और माहौल का मिलन बहुत ही खूबसूरत हुआ है। यह दृश्य लंबे समय तक याद रहेगा और दिल पर गहरा असर छोड़ जाएगा।

टूटे हुए वादे

रिश्तों की यह कशमकश देखकर लगता है कि प्यार कभी कितना दर्दनाक हो सकता है। दोनों के बीच की दूरी सिर्फ कदमों की नहीं, दिलों की भी है। सफेद कमीज वाला किरदार बीच में खड़ा होकर सब देख रहा है, शायद वह गवाह है या कोई और ही खेल खेल रहा है। तूने खोया, मैंने पाया की पटकथा बहुत मजबूत है। हर एपिसोड के बाद सवाल बढ़ते जाते हैं। नेटशॉर्ट पर लगातार देखना का मजा ही अलग है और समय का पता नहीं चलता।

रात का साया

नीली रोशनी में यह पूरा दृश्य किसी सपने जैसा लग रहा था, पर हकीकत बहुत कड़वी थी। जब वह मुड़ी और उसकी आंखों में आंसू थे, तो दिल भर आया। काले कोट वाले की बेरुखी देखकर गुस्सा भी आया और तरस भी। तूने खोया, मैंने पाया में ऐसे ही जटिल रिश्ते दिखाए गए हैं। मेकअप और कपड़ों का चयन भी किरदारों के मूड के हिसाब से बिल्कुल सही है। बस अगला पार्ट जल्दी आए ताकि हम जान सकें कि आगे क्या होता है।

अधूरी कहानी

कहानी वहीं रुक जाती है जहां सबसे ज्यादा उत्सुकता होती है। फोन की घंटी बजती है और सब कुछ बदल जाता है। शायद कोई नया इंसान कहानी में एंट्री लेने वाला है या कोई पुराना राज खुलने वाला है। तूने खोया, मैंने पाया के निर्देशक को सलाम जो इतना टेंशन बनाए रखते हैं। नेटशॉर्ट एप्लिकेशन का डिजाइन भी बहुत आसान है जिससे देखने में मजा आता है। हर पल कीमती है और हर सेकंड मायने रखता है इस कहानी में।

खामोश चीखें

बिना कुछ बोले ही सब कुछ कह दिया गया इस सीन में। जब वह व्यक्ति पीछे मुड़ता है तो उसकी आंखों में मजबूरी साफ दिख रही थी। शायद वह किसी मजबूरी में यह सब कर रहा है। लाल पोशाक वाली नायिका का सब्र देखकर दाद देनी पड़ती है। तूने खोया, मैंने पाया में हर किरदार की अपनी एक अलग कहानी है। नेटशॉर्ट पर सामग्री की विविधता बहुत अच्छी मिलती है। यह ड्रामा जरूर देखना चाहिए और दोस्तों को भी बताना चाहिए।

बदलाव की हवा

माहौल में जो बदलाव आया है वह साफ झलक रहा है। पहले सब कुछ सामान्य था और अब एक अजीब सी खामोशी छा गई है। सजे हुए कोट वाले की हैरानी जायज है क्योंकि उसे उम्मीद नहीं थी। तूने खोया, मैंने पाया की कहानी बहुत ही अनोखी है। रात के दृश्य की छायांकन कला बहुत ही शानदार है। नेटशॉर्ट एप्लिकेशन पर ऐसे ही बेहतरीन शो मिलते हैं जो मन को छू लेते हैं और प्रभावित करते हैं।

इंतजार की घड़ियां

अब तो बस यही दुआ है कि अगला एपिसोड जल्दी आए। यह अधूरापन बहुत बेचैन कर रहा है। फोन पर बात करते हुए उसका चेहरा बता रहा है कि अब वह चुप नहीं बैठने वाली। तूने खोया, मैंने पाया ने दर्शकों को अपने जाल में फंसा लिया है। हर एपिसोड के बाद उत्सुकता बढ़ती जाती है। नेटशॉर्ट पर वीडियो देखने की गति भी बहुत तेज है। बस यही कहना है कि कमाल का ड्रामा है और इसे मिस नहीं करना चाहिए।