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तूने खोया, मैंने पायावां69एपिसोड

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तूने खोया, मैंने पाया

तीन साल बेकार पति बनकर रहा यश, असल में राजधानी के सूर्यवंशी परिवार का महान युवक निकला। तारा के पुराने प्यार ने आकर उसे तलाक दिलवा दिया। तलाक के बाद यश परिवार लौटा। दक्षिण के बड़े लोग उसके सामने झुके, प्रकाश जोशी जैसे बड़े चिकित्सक भी उसके कायल हो गए। तारा को बाद में पछतावा हुआ, पर यश ने उसे ठुकरा दिया। उसने कुणाल को रौंदा और राजधानी की राजकुमारी प्रियंका से शादी कर ली।
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इस एपिसोड की समीक्षा

लाल कोट का दर्द

लाल कोट वाली महिला की आंखों में दर्द साफ दिख रहा था। जब वह घुटनों पर गिर गई, तो लगा जैसे दिल टूट गया हो। सफेद सूट वाला व्यक्ति बिल्कुल भावहीन खड़ा रहा। इस नाटक में हर पल में तनाव है। तूने खोया, मैंने पाया कहानी में ऐसा मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। पुराने जोड़े ने जब उसे उठाया, तो लगा कि उम्मीद की किरण अभी बाकी है। देखने वाला हर पल बंधा रहता है। यह दृश्य बहुत ही भावुक था।

काले सूट की एंट्री

काले सूट में उस व्यक्ति की एंट्री ने सबका ध्यान खींच लिया। बॉडीगार्ड्स के साथ उसकी चाल में रौब था। ऑफिस का माहौल अचानक बदल गया। लगता है अब बदलाव का समय आ गया है। तूने खोया, मैंने पाया सीरीज में पावर गेम बहुत तेजी से बदल रहा है। जो जमीन पर रेंग रहा था, वही अब ऊपर उठ सकता है। यह दृश्य बहुत ही शानदार तरीके से फिल्माया गया है। सब हैरान रह गए।

खामोश लड़की

सफेद पोशाक वाली लड़की का खामोश रहना सबसे ज्यादा चौंकाने वाला था। उसने कुछ कहा नहीं, बस देखती रही। लाल कोट वाली के चीखने से कमरे में सन्नाटा छा गया। यह चुप्पी शोर से ज्यादा भारी लग रही थी। तूने खोया, मैंने पाया में रिश्तों की यह जटिलता दिलचस्प है। जब बुजुर्ग दंपत्ति आए, तो लगा कि परिवार का समर्थन अभी बाकी है। कहानी आगे बढ़ रही है।

जमीन पर गुस्सा

जमीन पर रेंगते हुए उस व्यक्ति की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। उसने कुछ नहीं कहा, बस घूरता रहा। यह खामोश गुस्सा सबसे खतरनाक होता है। लाल कोट वाली की मदद के लिए आए लोग भी रहस्यमयी लग रहे थे। तूने खोया, मैंने पाया की कहानी में हर किरदार का अपना राज है। ऑफिस के सीन में जो नया नेता आया, उसकी एंट्री धमाकेदार थी। सब कुछ बदल गया।

तनावपूर्ण कमरा

कमरे का माहौल बहुत ही तनावपूर्ण था। दीवार पर लिखे अक्षरों ने पृष्ठभूमि में एक अलग पहचान बनाई। लाल कोट वाली महिला की हालत देखकर तरस आ रहा था। फिर भी उसने हार नहीं मानी। तूने खोया, मैंने पाया में संघर्ष की यह तस्वीर बहुत प्रभावशाली है। जब वह ऑफिस में दाखिल हुई, तो उसके चेहरे पर नई चमक थी। अब खेल बदलने वाला है। देखने में मजा आया।

बेरुखी का दर्द

सफेद सूट वाले की बेरुखी ने सबका दिल तोड़ दिया। वह बिना कुछ बोले चला गया। पीछे खड़ी लड़की भी कुछ नहीं कर सकी। यह उपेक्षा सबसे बड़ा दर्द देती है। तूने खोया, मैंने पाया में भावनाओं को बहुत गहराई से दिखाया गया है। काले कोट वाले की एंट्री ने सबको चौंका दिया। अब देखना है कि कौन जीतता है। कहानी बहुत आगे बढ़ी है।

बुजुर्गों का सहारा

बुजुर्ग दंपत्ति का व्यवहार बहुत सहायक लगा। उन्होंने लाल कोट वाली को उठाया और सहारा दिया। इस भीड़ में इंसानियत अभी बाकी है। तूने खोया, मैंने पाया में रिश्तों की यह गर्माहट अच्छी लगी। ऑफिस के सीन में जो नया व्यक्ति आया, उसकी आंखों में चश्मा और हाथ में छड़ी थी। वह बहुत शक्तिशाली लग रहा था। सबको आश्चर्य हुआ।

नाटकीय गिरावट

जमीन पर गिरने का दृश्य बहुत ही नाटकीय था। लाल कोट वाली ने सब कुछ झेल लिया। फिर भी उसकी आंखों में आंसू नहीं थे, बस जिद थी। तूने खोया, मैंने पाया में महिला किरदार की मजबूती दिखी। जब वह ऑफिस में घुसी, तो उसकी चाल में बदलाव था। अब वह सिर्फ देखने वाली नहीं, खेलने वाली है। कहानी बहुत रोमांचक है।

गार्ड्स का खतरा

काले कपड़ों वाले गार्ड्स की मौजूदगी ने खतरा बढ़ा दिया। वे चुपचाप खड़े थे, बस देख रहे थे। उनके नेता की हरकतें बहुत अलग थीं। उसने कुर्सी पर बैठकर सबको देखा। तूने खोया, मैंने पाया में पावर डायनामिक्स बहुत तेजी से बदल रहे हैं। लाल कोट वाली और बुजुर्ग दंपत्ति अब एक टीम लग रहे हैं। सब कुछ बदल रहा है।

अंतिम ट्विस्ट

अंत में जो ट्विस्ट आया, उसने सबको हैरान कर दिया। जब वह व्यक्ति कुर्सी पर बैठा, तो लगा कि असली खेल अब शुरू हुआ है। लाल कोट वाली की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। तूने खोया, मैंने पाया का अगला एपिसोड देखने के लिए बेचैनी बढ़ गई है। यह शो हर बार नया मोड़ लेता है। बहुत ही रोमांचक अनुभव रहा।