ऑफिस का ये सीन बहुत इंटेंस है। लाल पोशाक वाली फोन पर बात कर रही थी और फिर वह सूट वाला गुलाब लेकर आ गया। उसकी आंखों में कुछ अलग ही चमक थी। मुझे लगा कि वह उसे मना कर देगी लेकिन फिर सेल्फी वाली बात ने सब बदल दिया। तूने खोया, मैंने पाया की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। अब देखना है कि आगे क्या होता है जब दूसरे व्यक्ति को यह फोटो दिखती है। सस्पेंस बना हुआ है।
गुलाबों का गुलदस्ता लेकर वह जब ऑफिस में घुसा तो माहौल बदल गया। लाल पोशाक वाली की डांट के बावजूद वह रुका रहा। यह जिद प्यार की थी या कोई और वजह। तूने खोया, मैंने पाया में ऐसे सीन दिल को छू लेते हैं। फिर जब उसने फोन निकाला और सेल्फी लेने की जिद की, तो लगा कि वह हार मान गई। लेकिन असली खेल तो अब शुरू हुआ है जब वह फोटो किसी और के पास पहुंची।
ग्रे स्वेटर वाला शख्स जब उस फ्रेम्ड फोटो को देख रहा था, तो उसके चेहरे का दर्द साफ दिख रहा था। शायद वह उस लाल पोशाक वाली को बहुत प्यार करता है। फिर उसने फोन पर वह सेल्फी देखी जिसमें वह सूट वाला और लाल पोशाक वाली साथ थे। तूने खोया, मैंने पाया की यह ट्रैंगल लव स्टोरी बहुत गहरी लग रही है। मैसेज में लिखा था कि बस एक फोटो है, पर क्या सच में बस इतना ही है।
ऑफिस की सेटिंग बहुत शानदार है और एक्टिंग भी लाजवाब। लाल पोशाक वाली का गुस्सा और सूट वाले की मासूमियत देखने लायक थी। जब उसने हाथ पकड़ने की कोशिश की तो लगा कि बीच में कुछ पुरानी बातें हैं। तूने खोया, मैंने पाया में हर एपिसोड के साथ नया राज खुलता है। अब वह तीसरा व्यक्ति जो फोटो देखकर चुप है, वह क्या करेगा। यह कहानी आगे बहुत रोचक होने वाली है।
फोन पर बात करते हुए उसका चेहरा बहुत सीरियस था। फिर अचानक वह सूट वाला आ गया और सब ध्यान बंट गया। गुलाबों की खुशबू और ऑफिस की ठंडक का कॉम्बिनेशन अजीब था। तूने खोया, मैंने पाया में ऐसे इमोशनल पल बहुत आते हैं। जब उसने सेल्फी क्लिक की तो लगा कि शायद वह उसे टेस्ट कर रही थी। अब उस मैसेज के बाद जो खामोशी है, वह शोर मचा रही है।
वह फ्रेम्ड वेडिंग फोटो दीवार पर टंगी थी और वह शख्स उसे देख रहा था। शायद वह उसकी यादों में खोया हुआ था। तूने खोया, मैंने पाया की कहानी में पुराने रिश्ते और नई गलतफहमियां बहुत अहम हैं। फिर फोन पर वह फोटो आई जिसने सब कुछ हिला दिया। क्या वह मैसेज सच था या बस बहाना। यह ड्रामा देखकर लगता है कि प्यार में धोखा कितना आसान है।
सूट वाले की स्माइल देखकर लगा कि वह सब ठीक कर लेगा, लेकिन लाल पोशाक वाली का रवैया ठंडा था। ऑफिस की टेबल पर हाथ रखकर जब वह बात कर रहा था तो लगा कि वह विनती कर रहा है। तूने खोया, मैंने पाया में किरदारों के बीच की दूरियां साफ दिखती हैं। फिर वह सेल्फी वाला सीन आया जो सब कुछ बदल गया। अब उस तीसरे इंसान की प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी जो बहुत जरूरी है।
सीन की शुरुआत बहुत सामान्य लगी लेकिन फिर गुलाबों ने एंट्री ली। लाल पोशाक वाली ने फोन काटा और ध्यान दिया। यह पावर डायनामिक बहुत इंटरेस्टिंग था। तूने खोया, मैंने पाया में ऐसे पल बार बार देखने को मिलते हैं। जब उसने फोन उठाया और फोटो खींची, तो लगा कि शायद वह मान गई। लेकिन उस मैसेज ने सब गड़बड़ कर दिया। अब आगे क्या होगा यह जानना जरूरी है।
ग्रे स्वेटर वाले शख्स की आंखों में आंसू थे जब उसने वह फोटो देखी। शायद उसे लगा कि उसे धोखा मिला है। तूने खोया, मैंने पाया की कहानी में भावनाओं का खेल बहुत गहरा है। वह मैसेज जिसमें कहा गया कि बस दोस्त हैं, क्या वह सच है। दीवार पर लगी फोटो और फोन की फोटो में बहुत फर्क है। यह कहानी दिल को छू लेती है और सोचने पर मजबूर करती है।
अंत में जब स्क्रीन पर टू बी कंटीन्यूड आया तो मैं हैरान रह गया। इतने में कहानी खत्म नहीं हो सकती। सूट वाले और लाल पोशाक वाली के बीच का कन्फ्यूजन अभी बाकी है। तूने खोया, मैंने पाया में हर क्लिफहैंगर नया सवाल खड़ा करता है। वह फोटो किसने भेजी और क्यों। यह सवाल अब दिमाग में घूम रहा है। नेटशॉर्ट पर ऐसे ड्रामा देखना बहुत पसंद आता है क्योंकि हर एपिसोड नया होता है।