कार चेस का दृश्य बहुत ही शानदार था। जब दोनों गाड़ियां टकराईं तो चिंगारियां उड़ रही थीं। मैंने यह नेटशॉर्ट ऐप पर देखा और सांस रोके रही। कहानी में वही मोड़ है जो प्यार सच में छूत की बीमारी में मिलता है। चालक का ध्यान देखते ही बनता था। रात का रास्ता और खतरा सब कुछ बेहतरीन था। कार्रवाई का स्तर बहुत ऊंचा है।
लाल बालों वाली के हाथ में जो संदूक था, वह बहुत रहस्यमयी लग रहा था। सब उसी के पीछे क्यों हैं? जंगल का दृश्य बहुत रहस्य से भरा था। मुझे लगा जैसे प्यार सच में छूत की बीमारी की कहानी चल रही हो। खलनायक सूट वाली बहुत खतरनाक लग रही थी। उसकी आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। कोई आसान दुश्मन नहीं है यह।
उस चमकदार संदूक के अंदर आखिर है क्या? झरने के पास जंगल में भागना बहुत फिल्मी लगा। मुझे लगता है इस कार्यक्रम प्यार सच में छूत की बीमारी में कई राज छिपे हैं। अंत में बंदूक वाला दृश्य देखकर मैं हैरान रह गई। अगली कड़ी कब आएगी? इंतजार नहीं हो रहा है। हर पल नया मोड़ ले रहा है।
तटीय सड़क पर रोशनी बहुत खूबसूरत थी, खतरे के बावजूद। रात की शूटिंग मुश्किल होती है पर यह शानदार थी। यह देखकर लगा जैसे बड़ी बजट की फिल्म हो। प्यार सच में छूत की बीमारी अपने दृश्यों से हमेशा हैरान करता है। गाड़ियां बहुत चिकनी और तेज लग रही थीं। चलाने का कौशल देखते ही बनती है।
चालक और यात्री के बीच का भरोसा बहुत गहरा लग रहा था। टक्कर के दौरान भी उन्होंने एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। यह वही जज्बात है जो प्यार सच में छूत की बीमारी में दिखाया गया है। कीचड़ में भागना उनकी मजबूरी दिखा रहा था। सच्ची भागीदारी ऐसी ही होती है। जान की बाजी लगी थी।
पैटर्न वाली जैकेट वाली शख्स बंदूक लेकर बहुत आत्मविश्वासी चल रही थी। लगता है वह दिमाग है। मुझे जानना है उसका प्यार सच में छूत की बीमारी से क्या रिश्ता है। उसके पीछे नीले गाउन वाला शख्स अजीब लग रहा था। यह मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। खलनायक बहुत ताकतवर हैं।
एक भी पल नीरस नहीं था। पहली गोली से लेकर जंगल की भागदौड़ तक सब तेज था। मैंने नेटशॉर्ट पर यह बिना रुके देखा। इसकी रफ्तार वही है जो प्यार सच में छूत की बीमारी में मिलती है। अब आगे क्या होगा यह जानने की जिज्ञासा बढ़ गई है। कहानी बहुत आगे बढ़ रही है।
चालक के चेहरे पर तनाव साफ दिख रहा था। संवाद की जरूरत नहीं थी, डर साफ दिख रहा था। भाव ने प्यार सच में छूत की बीमारी की कहानी कह दी। खलनायक की अंत वाली मुस्कान बहुत डरावनी थी। काश मैं भी वहीं होती तो क्या करती। चेहरे के भाव बहुत गहरे थे।
समुद्र किनारे की सड़क और गहरे जंगल का अंतर बहुत अच्छा था। झरने वाला दृश्य शांत था पर तनावपूर्ण। यह माहौल प्यार सच में छूत की बीमारी जैसे रोमांचक के लिए सही है। जूतों पर कीचड़ ने वास्तविक फील दिया। जगह का चयन बहुत बढ़िया था। माहौल बहुत गहरा था।
हाल ही में देखे गए कार्रवाई दृश्यों में यह सबसे श्रेष्ठ था। चलती गाड़ी से शूटिंग बहुत वास्तविक लगी। मैं इस श्रृंखला प्यार सच में छूत की बीमारी की दीवानी हो गई हूं। बंदूक वाला रुकावट बेहतरीन था। अब तो बस अगला भाग चाहिए। रोमांच बना हुआ है।