शुरू का सीन देखकर ही रोंगटे खड़े हो गए। जब वह सुनहरे बालों वाली लड़की डर के मारे कांप रही थी, तो लगा कुछ बड़ा होने वाला है। दोनों लड़कों के बीच की खामोशी बहुत भारी थी। भेड़ियों से घिरी में ऐसे ड्रामा की उम्मीद नहीं थी। जादूगरनी का इंतज़ार था पर पहले यह रिश्ते सुलझने चाहिए। इस प्लेटफॉर्म पर देखने का मज़ा ही अलग है।
कमरे का माहौल बदलते ही जादूई अंदाज़ शुरू हो गया। जादूगरनी की आँखों में एक अलग ही चमक थी। क्रिस्टल बॉल और मोमबत्तियों के बीच बैठे तीनों के चेहरे पर डर साफ़ दिख रहा था। भेड़ियों से घिरी की कहानी अब जादू की तरफ मुड़ रही है। यह मोड़ बहुत ही रोमांचक है। देखने वाले को बांधे रखता है।
एक लड़की और दो लड़के, यह क्लासिक त्रिकोण है। जब दूसरा लड़का कमरे में आया तो हवा बदल गई। सबकी नज़रें एक दूसरे पर थीं। भेड़ियों से घिरी में रिश्तों की यह उलझन देखने लायक है। कौन सच्चा है और कौन धोखेबाज, यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है। हर एपिसोड नया सवाल खड़ा करता है।
सेट डिज़ाइन और लाइटिंग कमाल की है। बेडरूम से लेकर जादूगरनी के अड्डे तक, हर जगह एक रहस्यमयी रोशनी है। कपड़ों का चयन भी पात्रों की हैसियत बता रहा है। भेड़ियों से घिरी में विजुअल स्टोरीटेलिंग बहुत मज़बूत है। कैमरा एंगल्स ने तनाव को और बढ़ा दिया है। ऐसे प्रोडक्शन वाले शो कम ही मिलते हैं।
जादूगरनी जब बोलती है तो लगता है वह सब जानती है। उसकी उंगली का इशारा और गंभीर आवाज़ ने सबको चुप करा दिया। लड़की की घबराहट देखकर लगा कि कोई बड़ी सच्चाई सामने आने वाली है। भेड़ियों से घिरी में यह जादूई तत्व कहानी को नई दिशा दे रहा है। अब आगे क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।
सुनहरे बालों वाली अभिनेत्री के चेहरे के भाव बहुत गहरे थे। डर, गुस्सा और उलझन सब एक साथ दिख रहा था। साथी कलाकारों की चुप्पी भी बहुत कुछ कह रही थी। भेड़ियों से घिरी के कलाकारों ने बिना ज्यादा संवाद के कहानी कह दी। ऐसे प्रदर्शन देखकर लगता है कि कहानी में दम है। इस ऐप पर ऐसी सामग्री की कमी है।
लगा था कि यह सिर्फ एक रोमांटिक ड्रामा है, पर जादूगरनी के आते ही सब बदल गया। अब लगता है कि इनके रिश्तों के पीछे कोई श्राप या जादू है। भेड़ियों से घिरी ने दर्शकों को हैरान कर दिया है। यह अप्रत्याशित मोड़ कहानी को और दिलचस्प बना रहा है। हर सीन के बाद नया सस्पेंस मिल रहा है। देखते रहने का मन करता है।
मोमबत्तियों की रोशनी और पुरानी किताबों के बीच बैठकर यह सभा बहुत प्रभावशाली लग रही थी। जादूगरनी के गले में खोपड़ी का पेंडेंट डरावना था। भेड़ियों से घिरी में ऐसे डीटेल्स पर ध्यान दिया गया है। अंधेरे और रोशनी का खेल देखने में बहुत अच्छा लग रहा है। यह सीन लंबे समय तक याद रहेगा। बहुत ही खूबसूरत तरीके से दिखाया गया है।
तीनों मुख्य पात्रों के बीच की रसायन बहुत जटिल है। जब वे जादूगरनी के सामने बैठे थे, तो उनकी शारीरिक भाषा अलग थी। एक दूसरे से दूर बैठे थे पर नज़रें जुड़ी थीं। भेड़ियों से घिरी में रिश्तों की यह जटिलता देखने लायक है। कौन किसका साथ देगा, यह अभी साफ नहीं है। यह अनिश्चितता ही कार्यक्रम की ताकत है।
शुरू से अंत तक यह वीडियो बांधे रखता है। बेडरूम का तनाव और जादूगरनी का रहस्य, सब कुछ सही अनुपात में है। भेड़ियों से घिरी ने साबित कर दिया है कि शॉर्ट फॉर्मेट में भी बड़ी कहानी बताई जा सकती है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सबसे बेहतरीन श्रृंखला लग रही है। जल्दी से अगला भाग देखने का मन कर रहा है। बहुत पसंद आया।