हरा वर्दी पहने सैनिक जब लाल रिबन बांधे खड़ा होता है, तो उसकी आँखों में एक अजीब सी बेचैनी दिखती है। वह शायद अपने परिवार को छोड़कर जा रहा है, या फिर किसी गलतफहमी का शिकार हुआ है। माँ का दिल, बेटी की जिद के बीच फंसा वह व्यक्ति दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है। उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचाती है।
छोटी बच्ची जब अपनी माँ का हाथ थामे खड़ी होती है, तो उसकी आँखों में सवाल और डर दोनों झलकते हैं। वह समझ नहीं पा रही कि बड़ों के बीच क्या चल रहा है। माँ का दिल, बेटी की जिद के बीच वह बस अपनी माँ के पास रहना चाहती है। उसकी मासूमियत और चुप्पी ने पूरे दृश्य को भावनात्मक बना दिया।
पीली चेक शर्ट वाली महिला जब बच्ची को गले लगाती है, तो उसकी आँखें नम हो जाती हैं। शायद वह जानती है कि आगे क्या होने वाला है। माँ का दिल, बेटी की जिद के बीच वह अपने बच्चे को सुरक्षित रखना चाहती है। उसकी चुप्पी और आँसू दर्शकों को भी रुला देते हैं। एक माँ का दर्द सबसे गहरा होता है।
जब सैनिक और चिट्टियों वाली महिला कार में बैठते हैं, तो उनकी आँखों में एक अजीब सी शांति है। शायद वे जानते हैं कि आगे क्या होने वाला है। माँ का दिल, बेटी की जिद के बीच वे अपने फैसले पर अडिग हैं। कार की खिड़की से बाहर देखते हुए उनकी चुप्पी सबसे ज्यादा बोलती है।
चिट्टियों वाली महिला जब सैनिक के पास खड़ी होती है, तो उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक है। शायद वह कुछ छिपा रही है, या फिर वह सैनिक के फैसले को समझती है। माँ का दिल, बेटी की जिद के बीच वह अपने रास्ते पर चल रही है। उसकी चुप्पी और मुस्कान दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है।
जब माँ बक्सा खोलती है, तो उसमें पुराने बर्तन और चीजें होती हैं। शायद ये उसकी यादें हैं, या फिर वह कुछ छिपा रही है। माँ का दिल, बेटी की जिद के बीच वह अपने अतीत को संभालकर रखना चाहती है। बक्से की चुप्पी और उसमें छिपी चीजें दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती हैं।
घर की दीवार पर 'परिवार में शांति ही सब कुछ है' लिखा है, जिसका मतलब है कि परिवार में शांति हो तो सब कुछ ठीक हो जाता है। लेकिन यहाँ तो सब कुछ उल्टा चल रहा है। माँ का दिल, बेटी की जिद के बीच परिवार टूट रहा है। दीवार का संदेश और हकीकत के बीच का अंतर दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है।
सैनिक की हरी वर्दी और लाल रिबन एक अजीब सा कॉन्ट्रास्ट बनाते हैं। वर्दी उसकी जिम्मेदारी दिखाती है, जबकि लाल रिबन उसकी भावनाओं को। माँ का दिल, बेटी की जिद के बीच वह अपने कर्तव्य और परिवार के बीच फंसा हुआ है। उसकी वर्दी और रिबन की चुप्पी सबसे ज्यादा बोलती है।
अंत में बच्ची जब उंगली से इशारा करती है, तो उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक है। शायद वह कुछ समझ गई है, या फिर वह अपने फैसले पर अडिग है। माँ का दिल, बेटी की जिद के बीच वह अपने रास्ते पर चल रही है। उसकी उंगली का इशारा और मुस्कान दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है।
जब कार चली जाती है, तो माँ और बच्ची बाहर खड़ी रह जाती हैं। उनकी आँखों में एक अजीब सी खालीपन है। शायद वे जानती हैं कि अब कुछ नहीं बदलेगा। माँ का दिल, बेटी की जिद के बीच वे अपने अकेलेपन को स्वीकार कर रही हैं। कार के जाने के बाद की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचाती है।