इस दृश्य में सैनिक वर्दी वाले व्यक्ति का गुस्सा देखकर रोंगटे खड़े हो गए। उसने सफेद शर्ट वाले को दीवार से लगा दिया, जो बहुत डरावना था। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे सीन दर्शकों को बांधे रखते हैं। छोटी बच्ची का डरना और बाकी लोगों की चुप्पी माहौल को और तनावपूर्ण बना रही है।
जब वह छोटी सी बच्ची बीच में आती है, तो सबका ध्यान बंट जाता है। उसकी मासूम आँखों में डर साफ दिख रहा था। माँ का दिल, बेटी की जिद की कहानी में यह पल बहुत इमोशनल है। सैनिक का गुस्सा अचानक शांत हो गया, शायद बच्ची को देखकर उसे अपनी गलती का अहसास हुआ होगा।
हरे रंग की वर्दी और लाल कॉलर वाले व्यक्ति की आवाज में जो दबदबा था, वह कमाल का था। उसने जिस तरह से सफेद शर्ट वाले को पकड़ा, लगता था जैसे वह उसे सबक सिखाना चाहता हो। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे किरदार कहानी को आगे बढ़ाते हैं। बाकी लोग बस तमाशबीन बने रहे।
पूरे कमरे में एक अजीब सी खामोशी छा गई थी जब झगड़ा शुरू हुआ। खिड़की से आती रोशनी और पीछे खड़े लोग इस ड्रामे को और भी गहरा बना रहे थे। माँ का दिल, बेटी की जिद का यह सीन दिखाता है कि कैसे एक छोटी सी बात बड़े विवाद का कारण बन सकती है। हर किसी के चेहरे पर अलग-अलग भाव थे।
हरे रंग के कपड़े वाली लड़की का चेहरा देखकर लग रहा था कि वह कुछ बोलना चाहती है लेकिन डर रही है। उसकी आँखों में चिंता साफ झलक रही थी। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे किरदार कहानी में गहराई लाते हैं। जब सैनिक ने हमला किया, तो वह बस खड़ी रही, जो उसकी मजबूरी को दर्शाता है।
सफेद शर्ट वाले लड़के की हालत देखकर तरस आ रहा था। वह बचाव की कोई बात नहीं कर पा रहा था और बस दीवार से सटा हुआ था। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे पल दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि आखिर हुआ क्या है। उसकी आँखों में हैरानी और डर दोनों थे।
पीछे खड़े लोग, जिनमें कुछ और सैनिक भी थे, बस चुपचाप सब देख रहे थे। किसी ने भी बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की। माँ का दिल, बेटी की जिद में यह दिखाता है कि कैसे लोग मुसीबत के वक्त चुप रहना पसंद करते हैं। उनकी चुप्पी उस सैनिक के गुस्से को और बढ़ा रही थी।
यह झगड़ा किस बात को लेकर हुआ, यह तो पता नहीं चला लेकिन सैनिक का गुस्सा हद से बाहर था। उसने बिना कुछ सोचे-समझे हमला कर दिया। माँ का दिल, बेटी की जिद की कहानी में ऐसे मोड़ आते रहते हैं जो दर्शकों को हैरान कर देते हैं। शायद कोई पुरानी दुश्मनी या गलतफहमी रही होगी।
जब सैनिक ने सफेद शर्ट वाले को पकड़ा, तो छोटी बच्ची डर के मारे पीछे हट गई। उसने अपनी आँखें बंद कर लीं, जैसे वह यह सब देखना नहीं चाहती। माँ का दिल, बेटी की जिद में बच्चों पर पड़ने वाले असर को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। यह पल बहुत दिल को छू लेने वाला था।
जब सैनिक ने बच्ची को देखा, तो उसका गुस्सा अचानक शांत हो गया। उसने सफेद शर्ट वाले को छोड़ दिया और बच्ची की तरफ देखने लगा। माँ का दिल, बेटी की जिद का यह अंत दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है कि आगे क्या होगा। क्या सैनिक का दिल पिघल गया या वह कुछ और सोच रहा था?