जब उसने फोन उठाया, तो लगा कुछ गड़बड़ है। चेहरे के भाव बदलते गए, और फिर वह खड़ा होकर चिल्लाने लगा। संगीत की रानी में ऐसे मोड़ देखकर दिल धड़कने लगता है। उसकी पत्नी का गुस्सा और बच्चों की हैरानी सब कुछ इतना असली लगता है कि लगता है मैं भी वहीं हूँ।
उस आदमी का गुस्सा देखकर लगता है जैसे वह किसी बड़े धोखे का शिकार हुआ हो। उसकी आवाज़ में दर्द और गुस्सा दोनों थे। संगीत की रानी के इस एपिसोड में भावनाओं का ऐसा खेल देखा कि सांस रुक गई। उसकी पत्नी का रिएक्शन भी बिल्कुल सही था — हैरान, गुस्से में, और फिर चुप।
जब बच्चे पीछे से आए और देखा कि माँ-पापा लड़ रहे हैं, तो उनकी आंखों में डर साफ दिख रहा था। संगीत की रानी में ऐसे सीन्स दिल को छू लेते हैं। वह लड़का और लड़की बस खड़े रहे, जैसे समझ नहीं पा रहे हों कि अब क्या करें। ऐसे पल असली जिंदगी जैसे लगते हैं।
वह फोन किसका था? क्यों इतना गुस्सा आया? संगीत की रानी में हर एपिसोड नया सवाल छोड़ जाता है। उसने फोन दिखाया, शायद कोई मैसेज था जो सब कुछ बदल गया। उसकी पत्नी का चेहरा देखकर लगा कि वह भी कुछ छिपा रही है। कहानी में उलझन बढ़ती जा रही है।
कमरा इतना सुंदर सजा था, सोफा, घड़ी, सजावट — सब कुछ शांत लग रहा था, लेकिन अंदर तनाव का तूफान चल रहा था। संगीत की रानी में ऐसे विरोधाभास बहुत अच्छे लगते हैं। बाहर से सब ठीक, अंदर से सब टूटा हुआ। यह दृश्य देखकर लगा कि जीवन भी ऐसा ही है।