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सुनहरी आँखेंवां1एपिसोड

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सुनहरी आँखें

एक जीवित रहने का विशेषज्ञ विमान दुर्घटना के बाद सात साल के बच्चे के रूप में फिर से जन्म लेता है। उसे "बहु-आपदा पलायन" नामक जीवन-मरण के खेल में फँसना पड़ता है – वह अपने परिवार के साथ सब आपदाओं को पार कर ही असली दुनिया में लौट सकता है। उसमें सुनहरी आँखें जागती हैं – जो अतीत देख सकें और भविष्य जान सकें। साथ ही उसे हजारों मील दूर देखने और दूर की आवाज़ें सुनने की शक्ति भी मिलती है। हजारों फीट ऊपर उड़ान में वह हादसे की चेतावनी देता है, पर कोई नहीं मानता। जब दाहिना पंख फटता है, तब सब चौंक जाते हैं। एक
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इस एपिसोड की समीक्षा

सूरज की भविष्य दृष्टि

सूरज शर्मा की भविष्य दृष्टि देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जब उसने हवाई जहाज के क्रैश का सपना देखा तो लगा कि सुनहरी आँखें वाली शक्ति सच में काम कर गई। बच्चे की मासूमियत और डर बहुत असली लगा। राजीव शर्मा को नहीं पता था कि उनका बेटा सब जानता है। यह दृश्य दिल दहला देने वाला था और दर्शकों को बांधे रखता है। ऐसे सीन बार बार देखने को मिलते हैं।

कॉमेडी और थ्रिलर का संगम

विक्रम कुमार का किरदार बहुत मजेदार था। जब सब डरे हुए थे तब भी वह बच्चों जैसी हरकतें कर रहा था। लेकिन जब असली खतरा सामने आया तो सबकी हालत खराब हो गई। सुनहरी आँखें सीरीज में ऐसा कॉमेडी और थ्रिलर का मिश्रण पहले नहीं देखा। अनिता वर्मा की चिंता साफ दिख रही थी। हर किसी के चेहरे पर खौफ था। यह संतुलन बहुत अच्छा है।

इंजन में आग का डरावना सीन

एयरक्राफ्ट के इंजन में आग लगने का सीन बहुत डरावना था। पायलट की बेबसी और यात्रियों की चीखें सुनकर रूह कांप गई। सूरज शर्मा ने सबको बचाने की कोशिश की लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। सुनहरी आँखें की शक्ति से वह सब देख सकता था। यह एपिसोड बहुत तेज रफ्तार था। एक्शन बहुत शानदार था। सब हैरान रह गए।

अमीर लोगों की घबराहट

अजय तिवारी जैसे नए अमीर लोग मुसीबत में कैसे घबरा जाते हैं यह देखने लायक था। वह पहले बहुत घमंडी लग रहा था लेकिन क्रैश के समय रोने लगा। राजीव शर्मा ने अपने बेटे को बचाने की पूरी कोशिश की। सुनहरी आँखें वाले लड़के की कहानी बहुत रोचक बन रही है। यह ड्रामा बहुत गहरा है। सबको पसंद आएगा।

मां और बच्चे का इमोशन

प्रिया शर्मा की छोटी बहन बहुत प्यारी लग रही थी। जब हवाई जहाज हिला तो वह डर के मारे रोने लगी। अनिता वर्मा ने उसे गले लगा लिया। मां का प्यार और बच्चे का डर बहुत अच्छे से दिखाया गया। सुनहरी आँखें सीरीज में इमोशनल सीन भी बहुत अच्छे हैं। परिवार का बंधन मजबूत दिखा। यह दिल को छू लेता है।

फ्लाइट अटेंडेंट की बेबसी

फ्लाइट अटेंडेंट की प्रोफेशनलियम देखकर हैरानी हुई। जब सब चिल्ला रहे थे तब भी वह शांत रहने की कोशिश कर रही थी। लेकिन जब आग लगी तो वह भी घबरा गई। सूरज शर्मा की चेतावनी को अगर कोई सुन लेता तो शायद बचाव हो जाता। सुनहरी आँखें का जादू चल रहा था। सब हैरान थे। यह पल यादगार है।

शानदार विजुअल इफेक्ट्स

विजुअल इफेक्ट्स बहुत शानदार थे। हवाई जहाज के टूटने और धुएं का नजारा बिल्कुल असली लग रहा था। रेगिस्तान में क्रैश होने का दृश्य बहुत भयानक था। सुनहरी आँखें वाले बच्चे ने सब कुछ पहले ही देख लिया था। यह साइंस फिक्शन और एक्शन का बेहतरीन संगम है। तकनीक बहुत अच्छी है। सबको देखना चाहिए।

पिता और पुत्र का रिश्ता

राजीव शर्मा और सूरज शर्मा के बीच का रिश्ता बहुत गहरा लगता है। पिता को नहीं पता था कि बेटा क्या देख रहा है। जब बच्चे ने आंखें खोलीं तो उनमें चमक थी। सुनहरी आँखें की एक्टिवेशन सीन बहुत ही शानदार तरीके से दिखाया गया है। यह पल बहुत जादुई था। दर्शक हैरान रह गए। यह सीन बहुत खास है।

विक्रम का स्टाइलिश अंदाज

विक्रम कुमार ने बीच में आकर माहौल हल्का करने की कोशिश की। उसका रेड बैंडना और चश्मा बहुत स्टाइलिश लग रहा था। लेकिन जब मौत सामने आई तो सबका मजाक उड़ गया। सुनहरी आँखें सीरीज में हर किरदार का अपना महत्व है। यह कहानी आगे बहुत रोमांचक होगी। सब इंतजार करेंगे। यह मजेदार है।

क्लाइमेक्स का सस्पेंस

अंत में जब जहाज गिरा तो सबकी सांसें रुक गईं। सूरज शर्मा की चीखें गूंज रही थीं। क्या वह सबको बचा पाएगा यह देखना बाकी है। सुनहरी आँखें वाली शक्ति से वह भविष्य बदल सकता है या नहीं। यह सस्पेंस बहुत बढ़िया बनाया गया है। अगला एपिसोड कब आएगा। सब उत्सुक हैं। यह रोमांचक है।