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सुनहरी आँखेंवां14एपिसोड

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सुनहरी आँखें

एक जीवित रहने का विशेषज्ञ विमान दुर्घटना के बाद सात साल के बच्चे के रूप में फिर से जन्म लेता है। उसे "बहु-आपदा पलायन" नामक जीवन-मरण के खेल में फँसना पड़ता है – वह अपने परिवार के साथ सब आपदाओं को पार कर ही असली दुनिया में लौट सकता है। उसमें सुनहरी आँखें जागती हैं – जो अतीत देख सकें और भविष्य जान सकें। साथ ही उसे हजारों मील दूर देखने और दूर की आवाज़ें सुनने की शक्ति भी मिलती है। हजारों फीट ऊपर उड़ान में वह हादसे की चेतावनी देता है, पर कोई नहीं मानता। जब दाहिना पंख फटता है, तब सब चौंक जाते हैं। एक
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इस एपिसोड की समीक्षा

बुजुर्ग का रहस्य

बुजुर्ग व्यक्ति की आँखों में एक अजीब सा रहस्य छिपा है। जब प्राचीन मूर्तियाँ अचानक जीवित हुईं तो सब लोग बुरी तरह डर गए। छोटे बच्चे ने इस मुश्किल वक्त में बहुत हिम्मत दिखाई। सुनहरी आँखें सीरीज का यह एपिसोड बहुत रोमांचक है। मंदिर का माहौल काफी डरावना लग रहा था। काश मैं भी वहाँ होता तो शायद भाग जाता। एक्शन सीन बहुत तेज और दिलचस्प थे। देखने में मजा आया।

मूर्तियों का हमला

लड़के का चेहरा देखकर लगता है वो सब कुछ पहले से जानता है। जब मूर्तियों की आँखें अचानक हरी हो गईं तो सब लोग जान बचाकर भाग रहे थे। सुनहरी आँखें कहानी में एक नया और खतरनाक मोड़ आया है। उस पुराने व्यक्ति ने हाथ में पत्थर तोड़ा था। डर का माहौल पूरे मंदिर में बना हुआ है। हर कोई अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था। यह दृश्य बहुत ही रोमांचक था।

सफेद कपड़े वाली

सफेद कपड़े वाली बहुत घबराई हुई लग रही थी। पीछे से पत्थर की मूर्तियाँ तेजी से आ रही थीं। सुनहरी आँखें शो का निर्माण स्तर बहुत ऊपर है। छोटे बच्चे ने सबको बचाने की पूरी कोशिश की। मंदिर में रोशनी का असर काफी अच्छा लगा। हर पल तनाव बढ़ता जा रहा था। दर्शक भी सीट पर चिपक जाएंगे। ऐसी कहानियाँ कम ही देखने को मिलती हैं।

जादुई मोड़

भूरे जैकेट वाले ने सबको सही रास्ता दिखाया। जब मूर्तियाँ चलने लगीं तो हड़कंप मच गया। सुनहरी आँखें में सच में कुछ जादू है। सबकी आँखें पहले लाल रंग की थीं। फिर अचानक सब कुछ बदल गया। यह रोमांच सभी को बहुत पसंद आएगा। कहानी में लगातार नए मोड़ आ रहे हैं। देखने वालों को यह बहुत पसंद आएगा।

डर और हंसी

नारंगी शर्ट वाले का कॉमेडी टाइमिंग काफी अच्छा था। डर के बीच भी थोड़ी हंसी मिल गई। सुनहरी आँखें ने दर्शकों को निराश नहीं किया। मूर्तियों की आवाज बहुत डरावनी लग रही थी। भागने का सीन जबरदस्त तरीके से फिल्माया गया था। हर कोई अपनी जान बचाने में लगा था। यह सीन लंबे समय तक याद रहेगा। बहुत ही शानदार प्रस्तुति थी।

मंदिर की कला

मंदिर की दीवारों पर बनी प्राचीन कलाकारी देखने लायक है। सुनहरी आँखें में दृश्य प्रभाव बहुत अच्छे हैं। बच्चे की आँखों में डर साफ तौर पर दिख रहा था। बुजुर्ग ने कुछ मंत्र पढ़े होंगे। कहानी में रहस्य बना हुआ है। कोई नहीं जानता आगे क्या होगा। यह रहस्य बनाए रखता है। दर्शक अगली कड़ी का इंतजार करेंगे।

हरी आँखें

हरी आँखों वाली मूर्ति ने सबको बुरी तरह डरा दिया। जमीन हिलने लगी थी और धूल उड़ रही थी। सुनहरी आँखें की कहानी काफी गहरी है। सब लोग एक साथ जान बचाकर भाग रहे थे। इस मुश्किल वक्त में सहयोग दिखाई दिया। हर कोई एक दूसरे की मदद कर रहा था। यह देखकर अच्छा लगा। ऐसी फिल्में बार बार देखी जा सकती हैं।

पत्थर तोड़ना

गले में तावीज वाले बुजुर्ग नेता लग रहे थे। उसने हाथ में पत्थर को तोड़ दिया था। सुनहरी आँखें में कार्रवाई से भरपूर सीन हैं। मूर्तियाँ टूटने लगीं और धूल उड़ी। आवाजें तेज हो गईं और कान बंद करने पड़े। हर कोई शोर से परेशान था। यह सीन बहुत ही तीव्र था। देखने में बहुत मजा आया।

जज्बाती पल

बच्चे ने बुजुर्ग से कुछ बात की। वो गुस्से में लग रहा था और चिल्ला रहा था। सुनहरी आँखें में जज्बात भी हैं। रिश्तों की अहमियत इसमें दिखी। सब लोग एक परिवार जैसे लग रहे थे। मुश्किल वक्त में सब साथ खड़े थे। यह देखकर दिल को अच्छा लगा। कहानी में दिल भी है और दम भी।

धमाकेदार अंत

अंत में सब लोग वहाँ से भाग गए। मूर्ति उनके पीछे आ रही थी। सुनहरी आँखें का अंत धमाकेदार है। अगला भाग कब आएगा इसका इंतजार है। मैं तो यह कहानी देखता रहूंगा। कहानी में जान है। हर कड़ी नया आश्चर्य देती है। बहुत ही बेहतरीन काम किया है। सबको देखना चाहिए।