जब वो मास्क पहने शख्स स्टेज पर आया तो माहौल बदल गया। उसकी खामोशी में भी एक डर था। जैनिटर का माइटि फिस्ट में ऐसे मोमेंट्स ही तो असली जादू लाते हैं। वो लड़की जो चाकू लेकर खड़ी थी, उसकी आँखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। सब कुछ इतना तेजी से बदला कि सांस लेने का मौका भी नहीं मिला।
वो नीले और सुनहरे कपड़े पहने आदमी जब घुटनों पर गिरा तो लगा कहानी में कुछ बड़ा होने वाला है। उसकी आँखों में डर और गुस्सा दोनों थे। जैनिटर का माइटि फिस्ट के इस सीन में हर किरदार का अपना रंग है। वो लड़की जो काले कपड़ों में थी, उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा बोल रही थी।
पूरा हॉल शांत था, बस सांसों की आवाज आ रही थी। जब वो मास्क वाला आगे बढ़ा तो लगा जैसे कोई बड़ा फैसला होने वाला हो। जैनिटर का माइटि फिस्ट में ऐसे सीन्स देखकर दिल की धड़कन तेज हो जाती है। वो लड़की जो चाकू पकड़े खड़ी थी, उसकी नजरें किसी को नहीं छोड़ रही थीं।
वो लंबा काला कोट पहने शख्स जब स्टेज पर आया तो सबकी नजरें उस पर टिक गईं। उसकी चाल में एक अलग ही अहंकार था। जैनिटर का माइटि फिस्ट के इस पार्ट में हर किरदार की अपनी कहानी है। वो मास्क वाला शख्स भी उससे डरा हुआ लग रहा था।
उस लड़की की आँखों में जो आग थी, वो किसी भी हीरो से कम नहीं थी। जब उसने चाकू उठाया तो लगा जैसे वो पूरी दुनिया से लड़ने को तैयार हो। जैनिटर का माइटि फिस्ट में ऐसे किरदार ही तो कहानी को जिंदा रखते हैं। उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी।