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(डबिंग) ठुकराया हुआ इक्कावां17एपिसोड

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(डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का

राहुल को उसके अमीर परिवार ने 18 साल तक नकार दिया था। उसने एक रहस्यमय जुआरी आदित्य से ताश के खेल की बारीकियाँ सीखीं। अब वह सच्चाई जानने वापस लौटता है, और देखता है कि सिंह परिवार शर्मा परिवार के खिलाफ जानलेवा जुआ में फंसा हुआ है। सब उसका मजाक उड़ाते हैं, लेकिन राहुल अपनी कला दिखाता है, कमाल के करतब करके बाजी पलट देता है। वह बहिष्कृत से परिवार का रक्षक और उत्तरी अमेरिका का जुआरी बादशाह बन जाता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

खूनी जुआ का खौफनाक अंत

उस पल जब बंदूक सीधी माथे पर लगी थी, मेरी सांसें पूरी तरह रुक गई थीं। बूढ़े जुआरी की मुस्कान में छिपा खतरा किसी बड़े तूफान से कम नहीं लग रहा था। जब पत्तों पर खून फैला, तो लगा जैसे पर्दे से ही लाल रंग टपक रहा हो। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का ने दिखाया कि जुआ सिर्फ पैसे का नहीं, जान का भी होता है। काश मैं इस मंच पर इसे पहले देख लेता, बहुत चूक गया।

युवक की बेमिसाल बहादुरी

युवक की हिम्मत देखकर मैं दंग रह गया। उसने सीधे बादशाह को चुनौती दी थी। संवाद इतनी तेज थी कि रोंगटे खड़े हो गए। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की कहानी में हर पल रहस्य बना रहता है। अंत में खून देखकर यकीन नहीं हुआ कि यह सच में हो गया। युवक की आंखों में डर नहीं था। बहादुरी की मिसाल थी।

बूढ़े अभिनेता का जादू

बूढ़े अभिनेता के भाव सटीक थे। हंसते हुए चेहरे से बंदूक उठाकर सिर पर रखना आसान नहीं है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे दृश्य देखकर सिनेमा का असली मजा आता है। शर्त तो शर्त होती है वाली लाइन दिल को छू गई। बुजुर्ग की हार भी किसी जीत से कम नहीं लगी। अभिनय देखते ही बनती थी।

दृश्यों की शानदार सजावट

रोशनी और झूमर ने नाटक को कई गुना बढ़ा दिया था। हरी मेज पर लाल खून का अंतर बहुत गजब था। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का के दृश्य बहुत गजब की हैं। हर दृश्य एक चित्र जैसा लग रहा था। कैमरा कोण ने तनाव को बहुत अच्छे से पकड़ा था। नजर नहीं हटी पर्दे से।

संवादों में जान थी

हिंदी डबिंग बहुत प्रभावशाली थी। एक छोकरे से हार गया वाली लाइन बहुत भारी पड़ी। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का के संवाद बहुत भारी हैं। जोश और गुस्सा दोनों साफ झलकता था। आवाज में जो दम था उसने दृश्य को जान डाल दी। कानों में गूंजती रही। बहुत शानदार था।

पत्तों पर लिखी मौत

अंत में इक्का और बादशाह का पत्ता बहुत प्रतीकात्मक था। मौत ताकत पर हावी हो गई। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का ने अंत में सबको चौंका दिया। खून के नीचे दबे पत्ते कहानी बता रहे थे। यह अंत किसी को उम्मीद नहीं था। दिमाग घूम गया देखकर। सच में अनोखा था।

किरदारों की गहराई

बूढ़े आदमी पर तरस भी आया और डर भी लगा। किरदार बहुत जटिल था। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में किरदार इतने गहरे क्यों होते हैं। हर किसी की अपनी मजबूरी थी। भावनात्मक जुड़ाव बहुत जल्दी हो गया। दिल पर असर हुआ। कहानी बहुत गहरी थी। हर पल नया लगा।

रफ्तार नहीं रुकी

एक भी पल नीरस नहीं था। हर सेकंड कीमती था। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की रफ्तार बहुत तेज है। सांस लेने का भी मौका नहीं मिला। संपादन इतनी कसकर की गई थी कि नजर नहीं हटी। समय का ध्यान नहीं रहा। शुरू से अंत तक जुड़ाव बना रहा।

लालच का सच

लालच इंसान को कहां ले जाता है, यह साफ दिखाया। पुरानी विषय को अच्छे से निभाया। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का ने लालच का सच दिखाया। पैसे के आगे इंसान क्या कुछ नहीं कर गुजरता। सबक मिलने वाला दृश्य था। जीवन की सच्चाई थी। बहुत प्रभावशाली लगा।

ध्वनि का कमाल

फोन पर देखने का अनुभव अद्भुत था। ध्वनि प्रभाव बहुत शानदार था। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का का आवाजें बहुत बढ़िया थे। गोली चलने की आवाज कानों में गूंजी। कानफोन लगाकर देखना चाहिए। मजा दोगुना हो गया। तकनीक बहुत अच्छी थी। हर आवाज सही थी।