बुजुर्ग खिलाड़ी को अपनी जीत पर बहुत घमंड था, लेकिन राहुल ने सबको चौंका दिया। उसकी शांति देखकर लग रहा था कि कुछ बड़ा होने वाला है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में यह मोड़ बहुत शानदार था। पुराने अनुभव के आगे नई चाल कैसे काम करती है, यह देखना रोमांचक था। काश ऐसे ही दृश्य और भी होते। हर पल में तनाव बना रहा।
आदित्य के खेल को समझने का दावा करना आसान है, लेकिन असली खेल तो राहुल के इश्के में छिपा था। जब इक्का सामने आया तो सबकी सांसें रुक गईं। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की कहानी में यह पल सबसे ऊंचा था। हरे रंग की टेबल और चमकदार झूमर ने माहौल बनाया। बहुत ही बेहतरीन अभिनय देखने को मिला। सबने तालियां बजाईं।
जिस तरह से बूढ़े आदमी ने पत्तों को पढ़ने की कोशिश की, वह कमाल की थी। पर राहुल ने अपना असली पत्ता आखिर में दिखाया। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में रहस्य बनाए रखना मुश्किल था, फिर भी यह दृश्य हिट रहा। दर्शकों की प्रतिक्रिया भी बहुत असली लगी। मुझे यह नाटक बहुत पसंद आया। कहानी में दम था।
पीछे खड़े लोग भी हैरान थे कि आखिर खेल कैसे पलटा। चेक सूट वाला व्यक्ति सोच में पड़ गया कि आत्मविश्वास क्यों है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में हर किरदार ने अपनी भूमिका निभाई। महिलाओं की चीखें सुनकर लगा कि जीत पक्की हो गई है। ऐसा अंत बार बार देखने को मिले। जोश बहुत था।
संवाद बहुत तेज और तीखे थे। बुजुर्ग ने कहा कि कोई अतिरिक्त मौका नहीं मिलेगा, पर राहुल ने बिना बोले जवाब दे दिया। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की आवाज़ भी काफी दमदार लगी। आवाज़ में जो उतार चढ़ाव था, उसने दृश्य को और गहरा किया। मुझे यह शैली बहुत भाई। आवाज़ साफ़ थी।
जुआ घर का माहौल बहुत शानदार तरीके से दिखाया गया है। झूमर और हरे रंग की टेबल क्लासिक लग रही थी। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में दृश्यों पर भी ध्यान दिया गया है। जब पत्ता टेबल पर गिरा, तो लगा समय थम गया हो। ऐसे निर्माण वाली वेब श्रृंखला कम ही मिलती हैं। नज़ारा सुंदर था।
राहुल की आंखों में जो चमक थी, वह बता रही थी कि वह हारने वाला नहीं है। बुजुर्ग खिलाड़ी की हंसी अब गंभीरता में बदल गई। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में किरदारों के भाव बहुत साफ़ दिखे। चेहरे के हाव भाव से कहानी आगे बढ़ती है। यह मनोवैज्ञानिक खेल बहुत अच्छा लगा। दिमागी खेल था।
शुरू में लगा कि बुजुर्ग जीत जाएगा क्योंकि उसे सब पता है। पर अंत में पता चला कि असली चाल तो राहुल के पास थी। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में मोड़ बहुत अच्छे तरीके से लिखा गया है। दर्शक भी इस उलटफेर की उम्मीद नहीं कर रहे थे। मुझे यह कहानी बहुत रोचक लगी। अंत अच्छा था।
महिलाओं की खुशी देखकर लगा कि राहुल का साथ सब दे रहे हैं। बूढ़ी औरत ने भी तालियां बजाईं। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में भावनात्मक जुड़ाव भी अच्छा है। सिर्फ जुआ नहीं, बल्कि रिश्ते भी दांव पर लगे हैं। यह गहराई मुझे बहुत पसंद आई। यह वेब श्रृंखला देखने का मज़ा आया। सब खुश थे।
आखिरी दृश्य में पत्ते का करीबी शॉट बहुत दमदार था। क्लब्स का इक्का और किंग साथ में थे। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का का नाम भी इसी पत्ते से जुड़ा लगता है। पूरी श्रृंखला में यह दृश्य सबसे यादगार बन गया। मैं अब अगली कड़ी का इंतज़ार कर रहा हूँ। बहुत बढ़िया काम है। नज़ारा अच्छा था।