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(डबिंग) ठुकराया हुआ इक्कावां41एपिसोड

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(डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का

राहुल को उसके अमीर परिवार ने 18 साल तक नकार दिया था। उसने एक रहस्यमय जुआरी आदित्य से ताश के खेल की बारीकियाँ सीखीं। अब वह सच्चाई जानने वापस लौटता है, और देखता है कि सिंह परिवार शर्मा परिवार के खिलाफ जानलेवा जुआ में फंसा हुआ है। सब उसका मजाक उड़ाते हैं, लेकिन राहुल अपनी कला दिखाता है, कमाल के करतब करके बाजी पलट देता है। वह बहिष्कृत से परिवार का रक्षक और उत्तरी अमेरिका का जुआरी बादशाह बन जाता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

समुद्र में नई शुरुआत

इस नाटक का अंत बहुत ही भावुक कर देने वाला है। आदित्य ने जुआ छोड़कर किसान बनने का फैसला किया जो साबित करता है कि इंसान बदल सकता है। समुद्र के बीच छोटी नाव वाला दृश्य बहुत सुंदर था। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि असली जीत क्या होती है। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का अनुभव काफी अच्छा रहा।

खतरे से भरी बचाव

जहाज से कूदने वाला दृश्य देखकर मेरी सांसें रुक गई थीं। शार्क का जिक्र सुनकर डर लग रहा था पर आदित्य का साहस काबिले तारीफ है। बुजुर्ग और नौजवान की दोस्ती ने दिल जीत लिया। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की कहानी में ऐसा मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। शाम का सूरज और वो नाव का दृश्य यादगार बन गया है।

जुआरी से किसान तक

कहानी का यह मोड़ बहुत ही अनोखा है जहां ताकतवर आदमी सादगी चुन लेता है। आदित्य का किरदार निभाने वाले कलाकार ने बहुत अच्छा काम किया है। हिंसा के बाद शांति वाली यह कहानी (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में बहुत गहराई से दिखाई गई है। मुझे लगा कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक जीवन सबक है।

सूर्यास्त वाली खूबसूरती

दृश्यों की बात करें तो सूरज ढलने का नजारा बेमिसाल था। नाव में बैठकर बातचीत वाला दृश्य बहुत शांत था। पहले कमरे में लाशें थीं और अब समुद्र की शांति। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का ने दिखाया कि कैसे शोर के बाद खामोशी आती है। नेटशॉर्ट पर ऐसी गुणवत्ता देखकर अच्छा लगा।

गुरु और शिष्य का रिश्ता

बुजुर्ग आदमी ने नौजवान को रास्ता दिखाया कि कैसे जिंदगी जीनी चाहिए। आदित्य ने सिखाया कि खेत संभालना भी एक कला है। यह रिश्ता बहुत प्यारा लगा। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे संवाद मिलना मुश्किल है। मुझे यह लगा कि असली ताकत बंदूक में नहीं दिमाग में होती है।

मौत को मात देकर

मरे हुए लोगों के बीच से बचकर निकलना आसान नहीं था। आदित्य और उसके साथी की योजना बहुत खतरनाक थी। समुद्र में कूदना जोखिम भरा था पर जरूरी था। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का ने रोमांच और जज्बात का अच्छा मिश्रण पेश किया है। हर पल पर संदेह होता रहा कि अब क्या होगा।

नई पहचान का सफर

जब आदित्य ने कहा कि अब वह किसान होगा तो मुझे बहुत अच्छा लगा। पुरानी पहचान छोड़कर नई शुरूआत करना बहादुरी का काम है। नाव वाला दृश्य इसी नई शुरुआत का प्रतीक था। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की यह लाइन दिल को छू गई। नेटशॉर्ट ऐप पर कहानी का अंत बहुत संतोषजनक लगा।

संवादों की ताकत

संवाद बहुत वजनदार थे खासकर जब बुजुर्ग ने कहा कि कोई रास्ता नहीं है। फिर भी रास्ता निकाल लिया। आदित्य की बातों में दम था। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का के संवाद याद रह जाते हैं। हिंदी डबिंग भी काफी स्वाभाविक लगी जिससे कहानी समझने में आसानी हुई।

खूनखराबे के बाद शांति

शुरू में कमरे में खून था और अंत में समुद्र की शांति। यह विरोधाभास बहुत गहरा था। आदित्य ने हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति चुनी। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का ने दिखाया कि अंत अच्छा होना चाहिए। मुझे यह बदलाव बहुत पसंद आया जो नेटशॉर्ट पर देखा।

आखिरी नाव का सफर

दो लोग और एक छोटी नाव सूरज ढलते हुए। इससे बेहतर अंत कोई नहीं हो सकता। आदित्य का सफर अब खेतों की ओर है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का ने दर्शकों को एक सुकून भरा अंत दिया। यह कहानी लंबे समय तक याद रहेगी क्योंकि इसमें जान थी।