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(डबिंग) तलवार के दम पर सरताजवां2एपिसोड

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(डबिंग) तलवार के दम पर सरताज

माता-पिता की खोज में विक्रम पहाड़ से उतरा। जेड ताबीज़ लेकर वह योद्धाओं की दुनिया में आया। शक्तिनगर में अंजलि चौहान को राठौरों से बचाया, दोनों परिवारों के झगड़े में फंस गया। चौहान परिवार में पता चला कि सीमा उसकी माँ है, ताबीज़ से उसका नाता। पिता राजेश ने उसे 'निकम्मा' कहा। माँ सीमा और बहन प्रिया पर खतरा आया तो उसने ताकत छिपाना छोड़ा, परिवार की रक्षा को लड़ने का संकल्प लिया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

राहुल और माया का मिलन

राहुल और मायादेवी का पहला मिलन और फिर अनुप के घर पर उनका दोबारा मिलना बहुत नाटकीय था। माया का राहुल को देखकर अपनापन महसूस करना भविष्य में कुछ बड़ा संकेत दे रहा है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में रिश्तों की यह उलझन बहुत अच्छी लगी।

बीस साल पुराना सच

भूतकाल में जब अनुप ने राहुल को मरा हुआ घोषित करने का आदेश दिया, तो मीता की चीखें सुनकर रोंगटे खड़े हो गए। एक पिता का ऐसा व्यवहार सच में अकल्पनीय है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज का यह मोड़ कहानी को पूरी तरह बदल देगा।

नेटशॉर्ट का जादू

इस शो को नेटशॉर्ट ऐप पर देखना एक अलग ही अनुभव है। कहानी का हर मोड़ इतना रोचक है कि बार-बार देखने का मन करता है। राहुल की कहानी आगे क्या होगी, यह जानने की बेचैनी बढ़ रही है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज निश्चित रूप से सफल होने वाली है।

राहुल की मासूमियत

राहुल का यह कहना कि उसके पास कोई शक्ति नहीं है, बस पैर अच्छे हैं, बहुत प्यारा लगा। वह अपनी ताकत को नहीं जानता, लेकिन उसकी नेकी उसे आगे ले जाएगी। मायादेवी के साथ उसका लगाव भी बहुत अच्छी लग रही है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज की यह जोड़ी बहुत जल्दी प्रसिद्ध होने वाली है।

अनुप का घमंड

अनुप चौहान का किरदार बहुत नफरत करने वाला है। अपने ही बेटे को कमजोर कहकर छोड़ देना और परिवार की इज्जत का बहाना बनाना सच में चौंकाने वाला था। मीता की बेचारी हालत देखकर गुस्सा आ रहा है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में खलनायक इतना घृणित कम ही देखा गया है।

पेंडेंट का राज

वह हरा पेंडेंट सिर्फ एक गहना नहीं, बल्कि राहुल की पहचान है। मीता ने उसे अपने हाथों से बनाया था और अब वही चीज उसके खोए हुए बेटे को वापस ला रही है। यह बारीकी बहुत शानदार है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे रहस्य ही कथानक को आगे बढ़ाते हैं।

मायादेवी का संघर्ष

मायादेवी का किरदार बहुत मजबूत है। वह चोटिल होने के बावजूद राहुल का शुक्रिया अदा करती है और अपने भाई की याद में रोती है। उसकी आँखों में छिपा दर्द साफ दिख रहा था। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में हर किरदार की गहराई दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है।

गुरुजी की चेतावनी

गुरुजी का वह डायलॉग कि बिना सोचे हाथ मत चलाना, नहीं तो समाज में हड़कंप मच जाएगा, बहुत भारी था। लगता है राहुल के पास कोई खास शक्ति है जिसे वह अभी नहीं जानता। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे रहस्यमय तत्व कहानी को और रोचक बनाते हैं।

मीता की प्रार्थना

मीता का मंदिर में जाकर अपने बेटे के लिए प्रार्थना करना और कहना कि उसकी जगह उसे ले लिया जाए, बहुत हृदयस्पर्शी था। एक माँ का प्यार और त्याग इससे बेहतर नहीं दिख सकता। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे दृश्य आँखें नम कर देते हैं।

माँ का दिल टूट गया

जब राहुल ने वह हरा पेंडेंट दिखाया, तो मीता की आँखों में जो दर्द था, वो देखकर मेरा भी दिल रो पड़ा। बीस साल पहले का वह दर्दनाक सच अब सामने आ गया है। अनुप की क्रूरता और मीता की मजबूरी ने इस कहानी को बहुत गहरा बना दिया है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे भावनात्मक मोड़ ही दर्शकों को बांधे रखते हैं।