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(डबिंग) तलवार के दम पर सरताजवां62एपिसोड

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(डबिंग) तलवार के दम पर सरताज

माता-पिता की खोज में विक्रम पहाड़ से उतरा। जेड ताबीज़ लेकर वह योद्धाओं की दुनिया में आया। शक्तिनगर में अंजलि चौहान को राठौरों से बचाया, दोनों परिवारों के झगड़े में फंस गया। चौहान परिवार में पता चला कि सीमा उसकी माँ है, ताबीज़ से उसका नाता। पिता राजेश ने उसे 'निकम्मा' कहा। माँ सीमा और बहन प्रिया पर खतरा आया तो उसने ताकत छिपाना छोड़ा, परिवार की रक्षा को लड़ने का संकल्प लिया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

माँ का दर्द

सफेद पोशाक वाली माँ का चेहरा देखकर लगता है जैसे वह टूट गई हो। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में एक्टिंग इतनी नेचुरल है कि आप भी उनके साथ रो पड़ेंगे। परिवार का बंधन बहुत गहरा दिखाया गया है।

लाल कार्पेट पर खून

लाल कार्पेट पर गिरता खून और फिर अंत में श्मशान का दृश्य, यह कंट्रास्ट बहुत पावरफुल था। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज की स्टोरीलाइन में यह ट्विस्ट उम्मीद से ज्यादा इमोशनल निकला।

अनूप की आँखों में आंसू

जब अनूप ने पिता को 'पिताजी' कहा, तो उसकी आवाज़ में जो दर्द था, वह बयां नहीं किया जा सकता। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह सीन सबसे ज्यादा यादगार बना रहेगा।

बांस के जंगल का माहौल

अंत में बांस के जंगल में श्मशान का दृश्य बहुत शांत लेकिन उदास था। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज ने विजुअल्स के जरिए भी कहानी को गहराई दी है। प्रकृति और दुख का मेल बहुत खूबसूरत था।

परिवार का एकजुट होना

पिता की मृत्यु के बाद पूरा परिवार एक साथ खड़ा हुआ, यह देखकर लगा कि दुख में ही रिश्ते मजबूत होते हैं। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह संदेश बहुत अच्छे से दिया गया है।

लड़की का हाथ थामना

अनूप ने उस लड़की का हाथ थामा, जो शायद उसकी नई उम्मीद है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह छोटा सा जेस्चर बहुत बड़ा मतलब रखता है। नई शुरुआत का संकेत बहुत प्यारा लगा।

बूढ़े गुरु का चेहरा

सफेद बालों वाले गुरु का चेहरा देखकर लगा कि वह सब जानते हैं लेकिन चुप हैं। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह किरदार बहुत रहस्यमयी और गहरा लगा। उनकी चुप्पी भी कहानी कह रही थी।

मोमबत्ती की लौ

श्मशान पर जलती मोमबत्ती की लौ और धुंधला जंगल, यह विजुअल बहुत सिनेमैटिक था। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे डीटेल्स स्टोरी को और भी इमोशनल बना देते हैं।

अंत का संदेश

पिता की मृत्यु के बाद भी परिवार का एकजुट होना और आगे बढ़ना, यह संदेश बहुत प्रेरणादायक है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज ने दुख में भी उम्मीद की किरण दिखाई है।

पिता का बलिदान

अनूप के पिता ने अपनी जान देकर बेटे को बचाया, यह दृश्य देखकर आँखें नम हो गईं। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे इमोशनल मोमेंट्स दिल को छू लेते हैं। माँ का रोना और बेटे का सदमा बहुत रियल लगा।