अमित की जीत के बाद उसका घमंड साफ दिख रहा है, लेकिन जब सागर गुरु की तलवार का जिक्र होता है तो माहौल बदल जाता है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह टकराव बहुत रोमांचक है। अमित की चालें जहरीली हैं, पर सागर का आना सब कुछ बदल सकता है। दर्शक के रूप में यह अनिश्चितता बहुत पसंद आई।
जब सागर गुरु मैदान में उतरते हैं, तो उनकी तलवार देखकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। अमित भले ही आठ लोगों को हरा चुका हो, लेकिन सागर के सामने उसकी औकात क्या है? (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह मुकाबला देखने लायक है। सागर की आँखों में गुस्सा और अमित की बेचैनी कमाल की है।
सब लोग राहुल को ढूंढ रहे हैं, पर वह कहीं नहीं दिख रहा। क्या वह डर गया या कोई बड़ी चाल चल रहा है? (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह सस्पेंस बना हुआ है। अमित और सागर के बीच की नोकझोंक देखकर लगता है कि राहुल की अनुपस्थिति किसी बड़े प्लॉट का हिस्सा है।
अमित की तलवारबाजी में दम तो है, लेकिन उसकी चालें बहुत धोखेबाज हैं। वह मैल भी नहीं खाता, जो उसे खतरनाक बनाता है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह किरदार बहुत जटिल है। सागर गुरु के सामने उसकी यह चाल कितनी चलेगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
सागर गुरु का गुस्सा साफ दिख रहा है, वह अमित को नीचा दिखाना चाहते हैं। अमित भी कम नहीं, वह सागर को चुनौती दे रहा है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह टकराव बहुत तेज है। दोनों के बीच की बातचीत में जो तनाव है, वह युद्ध से कम नहीं लगता।
लड़की की आँखों में चिंता साफ दिख रही है, वह सागर को लेकर परेशान है। उसके दोस्त भी उसे समझा रहे हैं, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह भावनात्मक पल बहुत अच्छा लगा। युद्ध के बीच भी दोस्ती और चिंता का यह पहलू दिल को छू गया।
अमित का अहंकार उसकी सबसे बड़ी कमजोरि लग रही है। वह खुद को सबसे ताकतवर समझता है, लेकिन सागर गुरु के सामने उसकी यह सोच गलत साबित हो सकती है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह अहंकार का टकराव बहुत रोमांचक है। देखना होगा कि अमित कब तक इस अहंकार में बना रहता है।
सागर गुरु की तलवार स्वर्गीय कही जाती है, जबकि अमित की चालें जहरीली हैं। यह दो अलग-अलग शैलियों का टकराव है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह मुकाबला बहुत ही अनोखा है। सागर की सीधी और ताकतवर तलवारबाजी के सामने अमित की चालें कितनी कामयाब होंगी, यह देखना बाकी है।
अमित बार-बार राहुल को ढूंढ रहा है, उसे लगता है कि राहुल कहीं छिपा हुआ है। यह उसकी बेचैनी को दर्शाता है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह मनोवैज्ञानिक खेल बहुत अच्छा है। सागर गुरु भी राहुल को लेकर चिंतित हैं, जो बताता है कि राहुल का किरदार बहुत अहम है।
पूरा मैदान युद्ध के माहौल में डूबा हुआ है, दर्शक भी बेचैन हैं। अमित और सागर के बीच का यह मुकाबला सबकी सांसें रोकने वाला है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह दृश्य बहुत ही शानदार है। तलवारों की टकराहट और किरदारों के डायलॉग ने माहौल को और भी रोमांचक बना दिया है।