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(डबिंग) तलवार के दम पर सरताजवां49एपिसोड

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(डबिंग) तलवार के दम पर सरताज

माता-पिता की खोज में विक्रम पहाड़ से उतरा। जेड ताबीज़ लेकर वह योद्धाओं की दुनिया में आया। शक्तिनगर में अंजलि चौहान को राठौरों से बचाया, दोनों परिवारों के झगड़े में फंस गया। चौहान परिवार में पता चला कि सीमा उसकी माँ है, ताबीज़ से उसका नाता। पिता राजेश ने उसे 'निकम्मा' कहा। माँ सीमा और बहन प्रिया पर खतरा आया तो उसने ताकत छिपाना छोड़ा, परिवार की रक्षा को लड़ने का संकल्प लिया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

प्रिया की चीखें दिल को छू गईं

जब प्रिया जमीन पर गिरकर राहुल को बचाने की कोशिश कर रही थी, तो लगा जैसे पूरी दुनिया टूट गई हो। उसकी आवाज़ में दर्द और डर साफ झलक रहा था। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे सीन्स देखकर आँखें नम हो जाती हैं। राहुल की बेबसी और प्रिया की मजबूरी ने इस सीन को यादगार बना दिया।

गुरु की चालाकी देखकर गुस्सा आता है

बूढ़े गुरु ने सालों से साजिश रची थी, और राहुल बेचारा कुछ भी नहीं जानता था। उसकी मुस्कान के पीछे छिपा जहर देखकर गुस्सा आता है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में विलेन का किरदार इतना घृणित है कि नफरत करने को मन करता है। असली तलवारबाजी तो दिल की साफगी से सीखी जाती है, न कि धोखे से।

राहुल का सवाल - तुम कौन हो?

राहुल जब गुरु से पूछता है कि तुम कौन हो, तो उसकी आवाज़ में टूटा हुआ भरोसा साफ सुनाई देता है। ये सवाल सिर्फ पहचान का नहीं, बल्कि विश्वास के टूटने का भी है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे डायलॉग्स देखकर लगता है कि हर रिश्ते में एक दिन ये सवाल जरूर आता है।

सिद्धार्थ की कहानी दिल दहला देती है

गुरु ने सिद्धार्थ को असली विद्या दी, और राहुल को सिर्फ तलवार चलाना सिखाया। ये भेदभाव देखकर लगता है कि कुछ लोग दूसरों की तकदीर से खेलते हैं। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ये अन्याय देखकर गुस्सा आता है। हर किसी को बराबर मौका मिलना चाहिए, चाहे वो तलवारबाजी हो या जिंदगी।

प्रिया का प्यार राहुल के लिए साफ है

प्रिया जब राहुल को बचाने के लिए जमीन पर गिरती है, तो उसका प्यार और समर्पण साफ झलकता है। वो राहुल को छोड़कर जाने को तैयार नहीं है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे प्यार के सीन्स देखकर लगता है कि सच्चा प्यार हर मुसीबत में साथ खड़ा होता है। प्रिया का किरदार दिल को छू गया।

गुरु की तलवारबाजी की परिभाषा गलत है

गुरु कहता है कि तलवारबाजी सिर्फ योद्धाओं के लिए है, पर असल में ये तो इंसानियत की परीक्षा है। उसकी सोच संकीर्ण और घृणित है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे विचार देखकर लगता है कि कुछ लोग ताकत को गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं। तलवार तो बस एक हथियार है, असली ताकत दिल में होती है।

राहुल की बेबसी देखकर दिल टूट जाता है

राहुल जब जमीन पर गिरकर दर्द से कराह रहा होता है, तो लगता है कि उसकी दुनिया उजड़ गई है। उसकी आँखों में आंसू और चेहरे पर खून देखकर दिल दहल जाता है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे सीन्स देखकर आँखें नम हो जाती हैं। राहुल का किरदार इतना मासूम है कि उस पर तरस आता है।

गुरु का अहंकार देखकर गुस्सा आता है

गुरु जब कहता है कि उसने राहुल को कचरे की तरह फेंक दिया, तो उसका अहंकार साफ झलकता है। उसे लगता है कि वो भगवान है, पर असल में वो सिर्फ एक धोखेबाज है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे किरदार देखकर नफरत होती है। अहंकार इंसान को अंधा बना देता है।

प्रिया और राहुल का रिश्ता दिल को छू गया

प्रिया जब राहुल से कहती है कि तुम यहां से निकल जाओ, तो उसकी चिंता और प्यार साफ झलकता है। राहुल भी उसे छोड़कर जाने को तैयार नहीं है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे रिश्ते देखकर लगता है कि सच्चा प्यार हर मुसीबत में साथ खड़ा होता है। प्रिया और राहुल का किरदार दिल को छू गया।

गुरु का धोखा सबसे गहरा होता है

राहुल के चेहरे पर खून और आँखों में बेबसी देखकर दिल दहल गया। जिस गुरु पर भरोसा था, वही सबसे बड़ा दुश्मन निकला। सिद्धार्थ की कहानी सुनकर लगा कि तलवारबाजी सिर्फ हुनर नहीं, इंसानियत की परीक्षा भी है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ये मोड़ देखकर हैरानी हुई। गुरु की नीयत पर शक करना मुश्किल होता है, पर यहाँ तो सब कुछ झूठा था।