इस पूरी लड़ाई में सफेद बालों वाली लड़की का रोल बहुत महत्वपूर्ण लग रहा है। वह शुरू से ही सब कुछ गौर से देख रही थी। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में उसकी आंखों में हीरो के प्रति एक अलग तरह का भाव था। जब हीरो चला गया, तो उसका चेहरा बहुत मासूम लग रहा था। शायद वह हीरो के राज को जानती है या शायद वह भी कुछ खास है। उसका यूनिफॉर्म और उसका खड़ा होना, सब कुछ बहुत क्लासी लग रहा था। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखना अच्छा लगता है।
एपिसोड के अंत में हीरो का अकेले चलना और पीछे मुड़कर न देखना, यह सीन बहुत ही हीरोइक था। लगता है कि वह अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा है और पीछे की परवाह नहीं करता। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में यह दिखाया गया है कि असली हीरो भीड़ का हिस्सा नहीं, बल्कि रास्ता बनाने वाला होता है। सूरज ढलने का दृश्य और उसकी परछाई, यह सिनेमेटोग्राफी कमाल की थी। कौवे का उड़ना और हीरो का आगे बढ़ना, यह एक नई शुरुआत का संकेत देता है।
इतनी कम अवधि में इतनी बेहतरीन कहानी और विजुअल्स देखकर हैरानी हुई। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ की क्वालिटी किसी बड़ी फिल्म से कम नहीं है। भेड़िए के फर और ड्रैगन की चमक, हर डिटेल पर ध्यान दिया गया है। छात्रों के बीच की केमिस्ट्री और हीरो की पर्सनालिटी, सब कुछ बहुत बारीकी से बनाया गया है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कंटेंट मिलना एक सुखद अनुभव है। मैं अगले एपिसोड का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं कि आगे क्या होता है।
पूरे एपिसोड में हीरो ने ज्यादा डायलॉग नहीं बोले, लेकिन उनकी आंखों में जो आत्मविश्वास था, वह हजार शब्दों से भारी था। जब बाकी छात्र डर के मारे कांप रहे थे, तब वह अकेला खड़ा था। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में यह दिखाया गया है कि असली ताकत शोर मचाने में नहीं, बल्कि शांत रहकर फैसला लेने में है। उस नीले जादूई मंडल का डिजाइन बहुत ही यूनिक था। अंत में जब वह चांदनी रात में अकेला चलता है, तो एक अलग ही रहस्य पैदा होता है।
कौन सोच सकता था कि इतना छोटा और प्यारा सा जीव इतने विशाल और खतरनाक भेड़िए को हरा देगा? उसकी आंखों में जो चमक थी, वह उसकी शक्ति का संकेत थी। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ की कहानी में यह पात्र सबसे ज्यादा दिल जीत लेता है। जब वह हवा में तैरता है और नीली रोशनी छोड़ता है, तो सीन बहुत ही जादुई लगता है। दोस्तों का डरना स्वाभाविक था, लेकिन हीरो का उस पर भरोसा ही जीत की वजह बना। यह एनिमेशन देखकर मन बहुत हल्का हो गया।
इस वीडियो का सबसे खास पहलू इसका वातावरण है। काले बादल, टूटी हुई जमीन और पीला चांद, सब कुछ इतना डरावना था कि सांस रुक सी गई। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में जब भेड़िया दहाड़ता है, तो लगता है कि वह स्क्रीन से बाहर आ जाएगा। लाल आंखों वाला भेड़िया और उस पर हमला करती नीली रोशनी, यह कंट्रास्ट बहुत अच्छा लगा। छात्रों के यूनिफॉर्म और उनके डरे हुए चेहरे कहानी को और भी रियलिस्टिक बनाते हैं। नेटशॉर्ट पर ऐसे विजुअल्स देखना सुकून देता है।
जब भेड़िया गिर गया, तो दोस्तों का रिएक्शन देखकर हंसी भी आई और डर भी लगा। वे इतने घबरा गए थे कि समझ नहीं पा रहे थे कि क्या करें। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में हीरो का गुस्सा और उसने दोस्त को रोका, यह सीन बहुत इमोशनल था। लगता है कि हीरो को अपनी ताकत छुपानी पड़ती है या शायद वह अकेलापन महसूस करता है। सफेद बालों वाली लड़की की आंखों में जो सवाल थे, वे बिना बोले सब कह रहे थे। यह ड्रामा बहुत गहराई से जुड़ा है।
हीरो द्वारा जादूई मंडल बनाकर ड्रैगन को बुलाने का सीन मेरा फेवरेट था। जमीन पर नीली रोशनी का फैलना और फिर उसमें से ड्रैगन का निकलना, यह एनिमेशन बहुत ही स्मूथ था। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में ऐसे सीन्स बार-बार देखने को मिलते हैं जो आंखों को ठंडक पहुंचाते हैं। ड्रैगन का डिजाइन बहुत ही क्यूट है, पीले सींग और हरा शरीर। जब वह हीरो के पास आता है, तो उनकी दोस्ती साफ झलकती है। यह जादूई दुनिया मुझे बहुत पसंद आ रही है।
भेड़िए के मरने का तरीका बहुत ही वायलेंट था। जब उसके शरीर से लाल रोशनी निकल रही थी और वह तड़प रहा था, तो थोड़ा बुरा भी लगा। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में दिखाया गया है कि ताकतवर दुश्मन का अंत आसान नहीं होता। ड्रैगन की स्पीड और हमले की तकनीक देखकर हैरानी हुई। अंत में जब भेड़िया शांत हो गया और उसकी आंखें बुझ गईं, तो एक अजीब सी खामोशी छा गई। यह एक्शन सीक्वेंस बहुत ही शानदार था और दिल को छू गया।
शुरुआत में काले भेड़िए का खौफनाक रूप देखकर रोंगटे खड़े हो गए, लेकिन जैसे ही हीरो ने अपना पालतू बुलाया, माहौल बदल गया। वह छोटा ड्रैगन इतना प्यारा था कि मन कर रहा था स्क्रीन से बाहर निकाल लूं। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ की यह लड़ाई सिर्फ ताकत का नहीं, बल्कि भावनाओं का भी खेल था। जब ड्रैगन ने अपनी चमकदार पूंछ से हमला किया, तो विजुअल्स देखते ही बनते थे। अंत में दोस्तों का डर और हीरो का शांत चेहरा कहानी में गहराई लाता है।