सफेद बालों वाले लड़के की आँखों में डर साफ झलक रहा था, पसीने की बूंदें और कांपते हुए हाथ। लेकिन तभी सामने आया वह काले बालों वाला लड़का, जिसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी। उसकी शांत मुद्रा और गहरी नजरों ने सबका ध्यान खींच लिया। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में यह किरदार बहुत रहस्यमयी लग रहा है।
जैसे ही वह हरे रंग का ड्रैगन प्रकट हुआ, पूरी स्क्रीन नीली रोशनी से जगमगा उठी। उसकी उड़ान और आँखों की चमक बेमिसाल थी। भालू के सामने उसका विशाल रूप देखकर लगता है अब असली लड़ाई शुरू होने वाली है। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में ऐसे जादुई प्राणियों का डिजाइन कमाल का है।
ड्रैगन द्वारा बनाया गया नीला ऊर्जा जाल और फिर उसका विस्फोट देखकर आँखें चौंधिया गईं। भालू उस जाल में फंसकर कैसे तड़पता है, यह दृश्य बेहद शक्तिशाली था। अंत में जब भालू जमीन पर गिरता है और खून बहता है, तो माहौल गंभीर हो जाता है। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ की वीएफएक्स क्वालिटी शानदार है।
जब वह काले बालों वाला लड़का आगे बढ़ता है, तो पीछे खड़ी भीड़ के चेहरे पर हैरानी और डर साफ दिख रहा था। सफेद बालों वाली लड़की की आँखों में आंसू और आश्चर्य था। सबकी प्रतिक्रियाएं इस बात का सबूत हैं कि सामने खड़ा लड़का कोई साधारण इंसान नहीं है। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में इमोशन्स को बहुत अच्छे से दिखाया गया है।
इस वीडियो में आँखों के क्लोज-अप शॉट्स बहुत गहरे हैं। कभी डर से फैली हुई पुतलियां, तो कभी गुस्से से लाल होती आँखें। खासकर उस लड़के की आँखें जो शांत खड़ा था, उनमें एक अजीब सी शक्ति दिखाई दी। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में कैमरा वर्क और एक्टिंग का यह मेल बहुत प्रभावशाली है।
रात का समय, सूखे पेड़ और टूटी हुई जमीन। यह सेटिंग ही इतनी डरावनी है कि रोंगटे खड़े हो जाएं। भालू की दहाड़ और हवा की सनसनाहट ने माहौल को और भी भयानक बना दिया है। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ का यह एपिसोड थ्रिलर प्रेमियों के लिए बेहतरीन है।
भालू और ड्रैगन के बीच का टकराव देखकर लग रहा था जैसे पहाड़ टूट पड़ेंगे। नीली रोशनी और आग का मिलन एक भव्य दृश्य पेश करता है। जब ड्रैगन हमला करता है तो उसकी ताकत का अंदाजा लगाना मुश्किल है। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में एक्शन सीक्वेंस बहुत ही हाई लेवल के हैं।
वह लड़का जो बीच में आकर खड़ा हो गया, उसकी पर्सनालिटी में कुछ अलग ही बात है। न डर, न घबराहट, बस एक ठंडा गुस्सा। उसकी आँखों में छिपी शक्ति ने भालू को भी हरा दिया। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में इस किरदार के बारे में और जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।
जब भालू हारकर गिर जाता है और खून बहता है, तो स्क्रीन पर सन्नाटा छा जाता है। ड्रैगन हवा में मंडराता रहता है और सब लोग हैरान होकर देखते रह जाते हैं। यह अंत अगले एपिसोड के लिए बेसब्री पैदा करता है। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ का क्लिफहैंगर बहुत दमदार है।
शुरुआत में ही उस विशाल भालू के पंजों से जमीन टूटती देख रोंगटे खड़े हो गए। धूल का गुबार और पात्रों की घबराहट ने माहौल को बेहद तनावपूर्ण बना दिया। जब वह भालू दहाड़ता है तो लगता है स्क्रीन कांच टूट जाएगा। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में ऐसे एक्शन सीन्स देखकर दिल की धड़कन रुक सी जाती है।