जब स्कैनर पर 19800 का स्कोर दिखा, तो सबकी सांसें रुक गईं। वह लड़का जिसने इतना कम स्कोर किया था, उसकी आँखों में डर साफ़ दिख रहा था। लेकिन मुख्य पात्र की शांति और आत्मविश्वास देखकर लगता है कि वह इससे कहीं ज्यादा शक्तिशाली है। पशु साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में ऐसे मोड़ बहुत आते हैं।
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चाहे वह ड्रैगन पर सवार हो या भीड़ के बीच खड़ा हो, उसका आत्मविश्वास कभी नहीं डगमगाता। उसकी आँखों में एक अलग ही चमक है जो बताती है कि वह कुछ खास है। पशु साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ का यह पात्र वाकई प्रेरणादायक है। उसकी यात्रा देखने का इंतजार है।
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जब वह विशाल नीले ड्रैगन पर सवार होकर आया, तो पूरी भीड़ सन्न रह गई। उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी, जैसे वह किसी और दुनिया से आया हो। पशु साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ की यह शुरुआत वाकई दिलचस्प थी। उसने जिस तरह से अंडे को संभाला, उससे साफ़ जाहिर होता है कि वह कोई साधारण छात्र नहीं है।