शुरू में लाल वस्त्रों वाले योद्धा और नीले बालों वाली सुंदरी के बीच जो नज़दीकियां दिखाई गईं, वो दिल को छू लेने वाली थीं। लेकिन जैसे ही कहानी आगे बढ़ी, बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा वाली लाइन सच साबित हुई। जब उसने अपनी शक्तियों का प्रदर्शन किया, तो पूरा माहौल बदल गया। आग के गोले और तलवारें देखकर रोंगटे खड़े हो गए। यह दृश्य किसी साधारण युद्ध से कम नहीं था। हर पल में एक नया मोड़ था। एनिमेशन की गुणवत्ता भी बहुत उच्च स्तर की थी।
जब लाल वस्त्रों वाले योद्धा ने अपने हाथों से आग की शक्तियां निकालीं, तो स्क्रीन पर जो चमक फैली वह लाजवाब थी। बैंगनी पोशाक वाले सैनिक भागते हुए दिखाई दिए, जो खतरे का संकेत था। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा कहानी का मूल भाव यहीं छिपा है। धूल और धुएं के बीच जो संघर्ष दिखा, वह बहुत ही तीव्र था। माथे पर टैटू वाला गंजा व्यक्ति भी अपनी ताकत दिखा रहा था। ऐसे एक्शन सीन देखकर मन रोमांचित हो उठता है। तकनीकी पहलू भी बहुत मजबूत नजर आए।
माथे पर टैटू वाला गंजा व्यक्ति जब सामने आया, तो उसकी आवाज और चेहरे के भाव डरावने थे। उसने अपनी सेना को आदेश दिया और सब एक साथ दौड़ पड़े। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा वाली कहानी में ऐसा विलेन जरूरी होता है। उसकी आंखों में गुस्सा और ताकत साफ झलक रही थी। नीले बालों वाली सुंदरी को देखकर उसकी प्रतिक्रिया भी दिलचस्प थी। यह संघर्ष केवल शक्तियों का नहीं, बल्कि इरादों का भी था। दर्शक इस किरदार से नफरत करेंगे पर पसंद भी।
युद्ध के बाद जब धुआं छा गया और चारों तरफ सिर्फ जलते हुए दीपक बचे थे, तो वह दृश्य बहुत भारी था। लाल वस्त्रों वाले योद्धा ने सब कुछ नष्ट कर दिया था। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा के संदेश के साथ यह दृश्य गहरा असर छोड़ता है। नीले बालों वाली सुंदरी की आंखों में डर और हैरानी साफ दिखाई दी। ऐसे में चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचाती है। निर्माण टीम ने माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रात का समय और जलती इमारतें बहुत सुंदर लगीं।
जब भी युद्ध की बात आई, नीले बालों वाली सुंदरी के चेहरे के भाव बदल गए। वह लाल वस्त्रों वाले योद्धा के पास खड़ी थी लेकिन असमंजस में थी। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा वाली स्थिति में उसकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उसकी आंखों में आंसू और चिंता साफ झलक रही थी। हरे रंग की पोशाक और उसके गहने बहुत आकर्षक लग रहे थे। वह केवल एक साक्षी नहीं, बल्कि कहानी का हिस्सा लगती है। उसकी चुप्पी में भी बहुत कुछ कहने को था।
बैंगनी पोशाक वाले सैनिक जब एक साथ दौड़ रहे थे, तो वह दृश्य बहुत शक्तिशाली लगा। उनकी अनुशासन और ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता था। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा कहानी में ऐसे समूह दृश्य जरूरी हैं। माथे पर टैटू वाला गंजा व्यक्ति उनका नेतृत्व कर रहा था। रात के अंधेरे में मशालों की रोशनी बहुत अच्छी लग रही थी। यह दिखाता है कि सामने वाली ताकत कम नहीं है। भीड़ का दृश्य बहुत ही भव्य तरीके से बनाया गया है।
जब लाल वस्त्रों वाले योद्धा ने हवा में तैरते हुए सुनहरी तलवारें छोड़ीं, तो वह जादू था। नीले रंग का चक्र और सुनहरी रोशनी का मिलन अद्भुत था। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा वाली शक्ति का यह सबसे बड़ा प्रमाण था। हर तलवार एक दुश्मन को निशाना बना रही थी। यह दृश्य दिखाता है कि वह कितना खतरनाक हो सकता है। एनिमेशन में रंगों का उपयोग बहुत ही कलात्मक था। ऐसे दृश्य बार-बार देखने को मन करता है।
कहानी का ज्यादातर हिस्सा एक प्राचीन मंदिर या महल में होता है। लकड़ी के दरवाजे और लालटेन बहुत पुराने जमाने की याद दिलाते हैं। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा की पृष्ठभूमि इसके लिए सही है। रात का समय और बादलों का छाया रहना माहौल को गंभीर बनाता है। पेड़ों से गिरते पत्ते और गीली जमीन पर ध्यान देती है। यह जगह केवल सेट नहीं, बल्कि एक पात्र की तरह लगती है। वास्तुकला बहुत ही विस्तृत और सुंदर दिखाई दी।
जब लाल वस्त्रों वाले योद्धा और माथे पर टैटू वाला गंजा व्यक्ति आमने सामने आए, तो हवा में तनाव था। दोनों की आंखों में एक दूसरे के लिए नफरत साफ थी। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा का अंतिम परिणाम इसी पर निर्भर है। नीले बालों वाली सुंदरी बीच में खड़ी होकर सब देख रही थी। यह शांति से पहले का तूफान लग रहा था। संवाद कम थे लेकिन भावनाएं बहुत ज्यादा थीं। यह क्लाइमेक्स की शुरुआत हो सकती है।
इस एपिसोड के अंत में कई सवाल छोड़ दिए गए हैं। लाल वस्त्रों वाले योद्धा का असली मकसद क्या है? बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा कहानी में आगे क्या होगा? माथे पर टैटू वाला गंजा व्यक्ति चुप नहीं बैठेगा। नीले बालों वाली सुंदरी की भूमिका और भी अहम हो सकती है। दर्शक अब अगले भाग का बेसब्री से इंतजार करेंगे। हर दृश्य में एक नई पहेल छिपी हुई है। यह श्रृंखला अपने प्रशंसकों को निराश नहीं करती।