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बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटावां37एपिसोड

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बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा

आदित्य कैलाश पीठ के मुखिया के सबसे बड़े शिष्य थे, लेकिन उनकी होने वाली पत्नी तारा ने अपने प्रेमी रुद्र के साथ मिलकर उन्हें मरवा दिया। चमत्कार से आदित्य दोबारा जीवित हो उठे और बदला लेने के लिए कैलाश पीठ लौट आए। वह मूर्ख बनने का नाटक कर रहे हैं ताकि असली दुश्मन सामने आ जाएँ, जबकि दुश्मन बार‑बार उन्हें खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच आदित्य के भीतर अग्नि‑ज्वाला जाग उठी—अब वह किसी लड़की को छूते हैं तो उसके शरीर में गर्मी दौड़ जाती है, और किसी जानवर को छूते हैं तो उसकी शक्ति खींच लेते हैं। जब
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इस एपिसोड की समीक्षा

शक्ति का प्रदर्शन

पहले तो लग रहा था कि वह बस बातें बना रहा है, लेकिन जब उसने जादुई शक्ति दिखाई तो सब हैरान रह गए। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा वाली कहानी सच साबित हुई। लाल वस्त्रों वाले वृद्धों की हालत देखकर मजा आ गया। श्वेत केश वाली सुंदरी की चिंता भी देखने लायक थी। दृश्य कला बहुत शानदार है। हर दृश्य में बारीकी है। दर्शकों को पसंद आएगा।

प्रेम और शक्ति

इन दोनों की जोड़ी बहुत जचती है। जब वह साथ चलते हैं तो लगता है कि कोई तूफान आने वाला है। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा वाला संवाद दिल को छू गया। काले वस्त्रों वाले योद्धा ने अपनी ताकत से सबको चौंका दिया। रात का दृश्य बहुत सुंदर बनाया गया है। देखने में बहुत मजा आया। कहानी अच्छी है। समय बर्बाद नहीं होता।

बूढ़ों की हार

लाल वस्त्रों वाले वृद्धों को लगा था कि वे जीत जाएंगे, लेकिन उनकी गलतफहमी दूर हो गई। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा वाली स्थिति उनके सामने आई। जब जमीन फटी और आग निकली तो वे डर गए। उनकी आंखों का डर साफ दिख रहा था। बहुत रोमांचक लड़ाई थी। हर पल रोचक था। अंत अच्छा था। सबको देखना चाहिए।

दृश्य शानदार

जादुई प्रभाव बहुत अच्छे हैं। बैंगनी रोशनी और आग का खेल देखकर मजा आ गया। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा वाली थीम के साथ यह दृश्य बहुत अच्छा लगा। काले वस्त्रों वाले योद्धा की चाल में एक अलग ही तेज था। श्वेत केश वाली सुंदरी का शृंगार भी लाजवाब था। दृश्य प्रभाव बहुत अच्छे हैं। बजट अच्छा लगा।

कहानी में मोड़

शुरू में लगा कि शायद वह हार जाएगा, लेकिन अंत में पता चला कि सब योजना थी। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा वाला सच सामने आया। लाल वस्त्रों वाले वृद्धों की योजना धरी की धरी रह गई। ज्वालामुखी वाला दृश्य बहुत खतरनाक लग रहा था। सबको हैरानी हुई। कहानी बहुत गहरी है। सोचने पर मजबूर करती है।

नायक का गुस्सा

काले वस्त्रों वाले योद्धा के चेहरे पर गुस्सा साफ दिख रहा था। जब उसने हाथ उठाया तो सब कांप गए। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा वाली बात उस पर सच उतरती है। श्वेत केश वाली सुंदरी उसके साथ खड़ी रही। यह वफादारी देखकर अच्छा लगा। लड़ाई के दृश्य जबरदस्त थे। सबको पसंद आएंगे। बार बार देखने को मन करता है।

माहौल का जादू

रात का समय और टूटी हुई जमीन, यह दृश्य बहुत गहरा था। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा वाली कहानी इस माहौल में जचती है। लाल वस्त्रों वाले वृद्धों की घबराहट बढ़ गई थी। आसमान में बादल और बिजली कड़क रही थी। बहुत ही रोमांचक माहौल बनाया गया है। देखने में बहुत मजा आया। ध्वनि प्रभाव भी अच्छे थे।

जादुई शक्तियां

हरी रस्सियां और आग की लपटें, यह जादू बहुत अनोखा था। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा वाले पल में यह शक्ति काम आई। काले वस्त्रों वाले योद्धा ने सबको बांध दिया। लाल वस्त्रों वाले वृद्ध कुछ कर ही नहीं पाए। जादू का स्तर बहुत ऊंचा दिखाया गया है। दृश्य प्रभाव शानदार हैं। कल्पना बहुत अच्छी है।

भावनात्मक पल

श्वेत केश वाली सुंदरी की आंखों में डर और भरोसा दोनों था। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा वाली बात से उसका भरोसा बढ़ा। काले वस्त्रों वाले योद्धा ने उसे अकेला नहीं छोड़ा। लाल वस्त्रों वाले वृद्धों की हार निश्चित थी। यह भावनात्मक जुड़ाव अच्छा लगा। दिल को छू लेने वाला है। रिश्ता प्यारा लगा।

अंतिम मुकाबला

जब जमीन फटी और नीचे आग दिखाई दी, तो लगा कि अंत आ गया है। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा वाली जीत मिली। लाल वस्त्रों वाले वृद्धों के पास कोई रास्ता नहीं बचा। काले वस्त्रों वाले योद्धा की जीत हुई। यह अंत बहुत संतोषजनक था। सबको देखना चाहिए। बहुत अच्छा लगा। सीजन दो का इंतजार रहेगा।