नीले बालों वाले योद्धा की पागल हंसी दिल दहला देने वाली थी। शुरू में लगा वो खलनायक है, पर बाद में उसकी मजबूरी साफ दिखी। जब उसने वो जादुई पट्टिका पकड़ी, तो लगा कुछ बड़ा होने वाला है। मछली बनी ड्रैगन में ऐसे मोड़ देखकर मजा आ गया। सफेद बालों वाले की शक्ति के आगे वो बेबस लग रहा था। उसकी आंखों में जो दर्द था वो साफ झलक रहा था।
सफेद बालों वाले सुनहरे योद्धा का आगमन ही कुछ और था। उसकी आंखों में वो चमक और शरीर पर वो सुनहरी चमक देखकर लगता है वो कोई देवता है। उसने जब जंजीरें तोड़ीं, तो कैदियों की खुशी देखने लायक थी। मछली बनी ड्रैगन का ये सीन सबसे शानदार है। विशेष प्रभावों का कमाल साफ दिख रहा था स्क्रीन पर। हर कोई इसकी तारीफ कर रहा है।
मछली जैसे सिर वाले रक्षक काफी डरावने लग रहे थे। उनके दांत और आंखें देखकर ही खौफ आता है। पर जब वो सुनहरा योद्धा आया, तो सब डर गए। नीले बालों वाले को पकड़कर ले जाते वक्त जो नजरें थीं, उसमें गुस्सा साफ था। मछली बनी ड्रैगन में युद्ध के दृश्य बहुत तगड़े हैं। काश ये लड़ाई और लंबी होती। दर्शकों को ये पसंद आएगा।
वो काली पट्टिका जिस पर नीली रोशनी थी, वो कहानी की चाबी लग रही थी। जब सफेद बालों वाले ने उसे ऊपर उठाया, तो पूरी जगह हिलने लगी। जंजीरें टूटने का दृश्य रोंगटे खड़े करने वाला था। मछली बनी ड्रैगन में जादू का इस्तेमाल बहुत खूबसूरत दिखाया गया है। ऐसे सीन बार बार देखने का मन करता है। जादू की दुनिया बहुत रोचक है।
पीछे खड़े कैदियों की हालत देखकर तरस आ रहा था। सबके गले में जंजीरें थीं और चेहरे पर डर। पर जब आजादी मिली, तो उनकी आंखों में उम्मीद दिखी। नीले बालों वाले ने शायद उनकी खातिर ही वो पट्टिका दी होगी। मछली बनी ड्रैगन की कहानी में ये भावनात्मक पल बहुत गहरा असर छोड़ता है। ये दृश्य बहुत ही प्रेरणादायक है।
दोनों के बीच की टक्कर देखते ही बनती थी। एक तरफ काली शक्ति, दूसरी तरफ सुनहरी रोशनी। जब ये दोनों टकराईं, तो धमाका इतना था कि पत्थर उड़ने लगे। नीले बालों वाले को हारते देख दुख हुआ। मछली बनी ड्रैगन में ऐसी महान लड़ाई की उम्मीद थी जो पूरी हो गई। दृश्य गुणवत्ता लाजवाब है। हर कोई इसकी चर्चा कर रहा है।
पानी के अंदर की रचना कमाल की है। वो ऊंची स्तंभ और जंग लगी जंजीरें माहौल को बहुत अंधेरा बना रही थीं। रोशनी का इस्तेमाल बहुत चतुर तरीके से हुआ है। सफेद बालों वाले के आते ही सब कुछ चमकने लगा। मछली बनी ड्रैगन की कहानी कहने का तरीका बहुत मजबूत है। हर दृश्य को चित्र की तरह सजाया गया है। नजारा बहुत सुंदर है।
नीले बालों वाले के चेहरे से खून बह रहा था, पर उसकी आंखों में हार नहीं थी। उसने वो पट्टिका सौंपते वक्त जो दर्द दिखा, वो असली लग रहा था। शायद वो बुरा नहीं है, बस मजबूर है। मछली बनी ड्रैगन में किरदारों की गहराई देखकर हैरानी हुई। ऐसे जटिल किरदार ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। इस पर चर्चा होनी चाहिए।
आजादी का ये पल सबसे जरूरी था। जब वो सुनहरा योद्धा ऊपर उठा और जंजीरें टूटीं, तो लगा अब सब ठिक हो जाएगा। कैदियों की भीड़ में जो हलचल हुई वो असली थी। मछली बनी ड्रैगन ने दिखाया कि उम्मीद कभी नहीं मरनी चाहिए। ये सीन देखकर रूह कांप गई। सबको ये पसंद आएगा। ये बहुत ही भावुक कर देने वाला है।
पूरा दृश्य एक रहस्य से भरा हुआ था। शुरू में हंसी, फिर लड़ाई, फिर आंसू और अंत में उम्मीद। नीले और सफेद बालों वाले के बीच की दुश्मनी क्या है ये जानना जरूरी है। मछली बनी ड्रैगन का हर भाग ऐसे ही रोमांचक मोड़ के साथ खत्म होता है। अगला हिस्सा कब आएगा इसका इंतजार नहीं हो रहा। कहानी बहुत आगे बढ़ेगी।