इस चलचित्र के विजुअल्स देखकर मैं दंग रह गया। समुद्र की गहराई में बनाया गया यह संसार कितना सुंदर है। जब सफेद बालों वाले योद्धा ने अपनी शक्ति दिखाई, तो लगा जैसे सूरज उग आया हो। मछली बनी ड्रैगन कहानी में ऐसा मोड़ नहीं देखा था। रंगों का प्रयोग और जादूई प्रभाव बहुत ही शानदार हैं। हर फ्रेम एक पेंटिंग जैसा लग रहा था।
ऑक्टोपस दाढ़ी वाला राजा तो कमाल का किरदार है। उसकी हंसी और अंदाज देखकर डर भी लग रहा था और हंसी भी। भीड़ का उत्साह देखकर लगता है कि कोई बड़ी प्रतियोगिता होने वाली है। मछली बनी ड्रैगन में ऐसे विलेन हमेशा यादगार होते हैं। उसकी आंखों में चालाकी साफ झलक रही थी। काश इसका किरदार थोड़ा और लंबा होता।
जब दोनों योद्धा आमने सामने आए, तो हवा में तनाव साफ महसूस हो रहा था। काले टैटू वाला योद्धा बहुत गुस्से में था, लेकिन सुनहरी बिजली के आगे उसकी एक नहीं चली। एक्शन सीन्स बहुत तेज रफ्तार के थे। मछली बनी ड्रैगन की कहानी में यह युद्ध सबसे रोमांचक हिस्सा था। पानी के बवंडर का दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए।
सफेद और बैंगनी बालों वाली सुंदरियां जब सामने आईं, तो सबकी नजरें उन पर टिक गईं। उनकी पोशाकें और गहने बहुत ही बारीकी से बनाए गए हैं। वे चुपचाप सब देख रही थीं, जैसे उन्हें सब कुछ पता हो। मछली बनी ड्रैगन में महिला किरदारों को भी अच्छी खासियत दी गई है। उनकी खूबसूरती ने पूरे दृश्य को चार चांद लगा दिए।
उस कछुए के किरदार ने सबका ध्यान खींच लिया। वह रेफरी की तरह व्यवहार कर रहा था। जब अंत में धमाका हुआ, तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं। उसकी हरकतें बहुत ही मासूम और मजेदार थीं। मछली बनी ड्रैगन में ऐसे कॉमिक राहत देने वाले किरदार जरूरी होते हैं। उसने गंभीर माहौल में थोड़ी हंसी फैला दी।
जब भीड़ ने अपने थैले ऊपर उठाए, तो उनमें से निकली रोशनी ने पूरा वातावरण बदल दिया। हर किसी के पास कोई न कोई जादूई वस्तु थी। यह दिखाता है कि इस दुनिया में शक्ति कितनी आम है। मछली बनी ड्रैगन की दुनिया की कल्पना बहुत विशाल है। ऐसे दृश्य देखकर मन करता है कि हम भी वहां होते।
काले बालों वाले योद्धा की आंखों में गुस्सा और हार का दर्द साफ दिख रहा था। वह हार मानने वाला नहीं था, लेकिन सुनहरी शक्ति बहुत प्रबल थी। जब वह जमीन पर गिरा, तो दिल को ठेस लगी। मछली बनी ड्रैगन में ऐसे दुखद अंत देखकर रोना आ जाता है। उसकी ताकत को कम नहीं आंका जा सकता था।
सफेद बालों और सींगों वाला योद्धा किसी देवता से कम नहीं लग रहा था। जब उसने अपनी शक्ति छोड़ी, तो पूरा समुद्र रोशन हो गया। उसका आत्मविश्वास देखकर लगता था कि जीत उसकी ही होगी। मछली बनी ड्रैगन में नायक की एंट्री बहुत धमाकेदार थी। उसकी चमकती हुई त्वचा और आभूषण बहुत आकर्षक थे।
पूरा एरीना दर्शकों से भरा हुआ था। हर कोई चीख रहा था और अपने पसंदीदा योद्धा का समर्थन कर रहा था। यह माहौल किसी बड़े खेल की प्रतियोगिता जैसा था। मछली बनी ड्रैगन में भीड़ के दृश्य बहुत जीवंत लगते हैं। उनकी उत्तेजना देखकर हमें भी जोश आ जाता है। सब कुछ बहुत वास्तविक लग रहा था।
यह दृश्य देखकर लगा कि यह कोई साधारण कार्टून नहीं है। इसमें गहराई और भावनाएं दोनों हैं। पात्रों के डिजाइन से लेकर पृष्ठभूमि संगीत तक सब कुछ बेमिसाल है। मछली बनी ड्रैगन ने मेरी उम्मीदों पर खरा उतरा है। ऐसे चलचित्र देखकर गर्व होता है कि कहानियां कितनी अच्छी बन सकती हैं। जरूर देखें।