इस कहानी की शुरुआत ही बहुत भव्य तरीके से होती है। जब वह सुनहरा द्वार खुलता है तो लगता है कि कोई बड़ा चमत्कार होने वाला है। मत्स्य कन्या की पोशाक और उसका त्रिशूल बहुत ही सुंदर डिजाइन किया गया है। सफेद बाल वाले योद्धा की ताकत को देखकर डर लगता है। मछली बनी ड्रैगन में दिखाए गए हर दृश्य में एक अलग ही जादू है। रोशनी का खेल बहुत ही शानदार है। दर्शक को बांधे रखने के लिए यह काफी है। संगीत भी बहुत मधुर लग रहा था।
मत्स्य कन्या की आंखों से गिरते आंसू किसी का भी दिल तोड़ सकते हैं। उसने बहुत कोशिश की लेकिन किस्मत शायद कुछ और ही थी। जब वह जमीन पर गिरती है तो लगता है कि सब खत्म हो गया। सफेद बाल वाले योद्धा की बेरुखी देखकर गुस्सा आता है। मछली बनी ड्रैगन में भावनाओं को बहुत गहराई से दिखाया गया है। खून के निशान और दर्द का अहसास बहुत असली लगता है। यह कहानी बहुत भावुक कर देने वाली है। कोई भी इसे देखकर रो पड़ेगा।
सुनहरा ड्रैगन जब सामने आता है तो सारा माहौल बदल जाता है। उसकी दहाड़ से लगता है कि धरती हिल रही है। मत्स्य कन्या का सामना इतनी बड़ी शक्ति से करना बहुत साहस का काम था। लेकिन अंत में जो हुआ वह बहुत दुखद था। मछली बनी ड्रैगन में ऐसे दृश्य हैं जो लंबे समय तक याद रहते हैं। ड्रैगन की आंखों में एक अलग ही चमक थी। यह दृश्य बहुत ही शानदार बनाया गया है। सबको यह पसंद आएगा।
जब मत्स्य कन्या ने अपने त्रिशूल को उठाया तो नीली रोशनी फैल गई। उसकी ताकत को देखकर सब हैरान रह गए। वह अकेले ही सबका सामना करने के लिए तैयार थी। लेकिन दुश्मन बहुत ताकतवर थे। मछली बनी ड्रैगन में एक्शन के दृश्य बहुत ही रोमांचक हैं। बिजली जैसी ऊर्जा का दिखाया जाना बहुत अच्छा लगा। हर कोई इस लड़ाई को देखकर दंग रह जाएगा। यह बहुत ही रोमांचक है। देखने में मजा आता है।
इस कहानी का मुख्य पात्र बहुत ही रहस्यमयी लगता है। उसके शरीर पर बने ड्रैगन के निशान बहुत खास हैं। वह बहुत शांत लेकिन खतरनाक लगता है। जब वह मुस्कुराता है तो लगता है कि कुछ बड़ा होने वाला है। मछली बनी ड्रैगन में इस पात्र की अहमियत बहुत ज्यादा है। उसकी आंखों का रंग भी बहुत अलग है। दर्शक इस किरदार को लेकर बहुत उत्सुक रहते हैं। यह बहुत अच्छा है। सबको पसंद आएगा।
पूरी कहानी पानी के नीचे के माहौल में सेट लगती है। बुलबुले और नीली रोशनी बहुत सुंदर लग रही थी। ऐसा लगता है कि हम किसी दूसरी ही दुनिया में हैं। मत्स्य कन्या का इस माहौल में होना बहुत सही लगता है। मछली बनी ड्रैगन में ऐसे सेट डिजाइन बहुत प्रभावशाली हैं। हर जगह पानी का अहसास होता है। यह दृश्य बहुत ही शांत और सुंदर है। देखने में बहुत अच्छा लगता है। मन को शांति मिलती है।
कहानी का अंत बहुत ही दुखद होता है। मत्स्य कन्या को ड्रैगन के मुंह में जाना पड़ा। यह देखकर बहुत बुरा लगा। उसने हार नहीं मानी लेकिन किस्मत खराब थी। खून से सना चेहरा देखकर दिल दहल गया। मछली बनी ड्रैगन में ऐसे मोड़ आते हैं जो उम्मीद नहीं होते। यह बहुत ही चौंकाने वाला अंत था। दर्शक को यह बिल्कुल पसंद नहीं आएगा। यह बहुत दुखद है। कोई उम्मीद नहीं थी।
यह कहानी सुनने में किसी पुरानी मिथक जैसी लगती है। ड्रैगन और देवताओं की बातें बहुत प्राचीन लगती हैं। ऐसा लगता है कि यह किसी बहुत पुरानी किताब से ली गई है। मत्स्य कन्या का संघर्ष बहुत बड़ा है। मछली बनी ड्रैगन में ऐसी कहानियां बहुत कम देखने को मिलती हैं। यह संस्कृति से जुड़ी हुई लगती है। हर कोई इससे कुछ न कुछ सीख सकता है। यह बहुत अच्छा है। ज्ञानवर्धक है।
कई बार कैमरा पात्रों की आंखों पर फोकस करता है। उसमें जो डर और गुस्सा था वह साफ दिख रहा था। खासकर मत्स्य कन्या की आंखों में आंसू बहुत भारी थे। सफेद बाल वाले योद्धा की आंखें बहुत तेज थीं। मछली बनी ड्रैगन में ऐसे छोटे विवरण बहुत मायने रखते हैं। यह दिखाता है कि निर्माताओं ने कितनी मेहनत की है। हर पल को बहुत ध्यान से बनाया गया है। यह बहुत ही बारीक है। दर्शक को यह पसंद आएगा।
यह दृश्य देखने के बाद मन में बहुत सारे विचार आते हैं। कहानी और दृश्य प्रभाव सब कुछ अच्छा था। मत्स्य कन्या का किरदार बहुत यादगार है। मछली बनी ड्रैगन को एक बार जरूर देखना चाहिए। यह समय बर्बाद नहीं होने वाला है। दोस्तों के साथ देखने के लिए यह सही है। हर कोई इसकी तारीफ करेगा। यह बहुत ही शानदार अनुभव है। सबको देखना चाहिए। संगीत भी बहुत अच्छा था। कहानी बहुत रोचक है।