इस कड़ी में सैन्य बैठक का माहौल काफी गंभीर और तनावपूर्ण है। काला पत्थर मरुस्थल भेजने के फैसले पर सभी अधिकारी चिंतित नजर आ रहे हैं। मुख्य अधिकारी का निर्णय लेने का तरीका बहुत प्रभावशाली लगा। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे मोड़ देखकर रोमांच बढ़ जाता है। लड़की की दलीलें भी जायज़ लग रही थीं। सबकी चिंताएं वाजिब हैं। भविष्य की तकनीक अच्छी है।
जब वह लड़की बैठक में घुसी तो सब हैरान रह गए। उसने अपनी जान की परवाह किए बिना सच बोलने की हिम्मत दिखाई। पश्चिमपुर शहर बचाने वाली बात ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया। (डबिंग) साँप की शुरुआत में किरदारों का विकास बहुत अच्छा हो रहा है। उसकी आँखों में डर नहीं था। वह अपने दोस्त को बचाना चाहती है। सच्चाई सामने आएगी।
हरे वर्दी वाले जनरल का रवैया थोड़ा सख्त जरूर था, लेकिन उनका चिंता जायज़ थी। वे नहीं चाहते थे कि चुनी हुई टुकड़ी बेवजह खतरे में जाए। (डबिंग) साँप की शुरुआत में हर किरदार की अपनी मजबूरी है। अंत में मुख्य अधिकारी का फैसला सबको चौंका देता है। यह कहानी बहुत रोचक है। अनुभवी लोग सावधानी बरतते हैं। सही निर्णय होगा।
अंत में जब मुख्य अधिकारी ने नील नाग विशेष टुकड़ी को बुलाने का आदेश दिया, तो रोंगटे खड़े हो गए। वे खुद सच जानना चाहते हैं। यह दिखाता है कि वे जिम्मेदारी से बच नहीं रहे। (डबिंग) साँप की शुरुआत की कहानी में अब नया मोड़ आएगा। आभासी टेबल का दृश्य बहुत शानदार लगा। तकनीक का उपयोग अच्छा है। आगे की योजना बनेगी।
इस शो का दृश्य शैली बहुत ही आधुनिक और भविष्यवादी है। नीली रोशनी और गोल मेज वाली बैठक कक्ष बहुत आकर्षक लगता है। पात्रों की वर्दी में बारीकियां देखने लायक हैं। (डबिंग) साँप की शुरुआत में चित्रण की गुणवत्ता काफी ऊंची है। संवाद भी बहुत तेज और प्रभावशाली हैं। देखने में बहुत मजा आ रहा है। चित्र शानदार हैं। रंग संयोजन अच्छा है।
यहाँ हर संवाद में वजन है। जब जनरल ने कहा कि वहां दरिंदे भी नहीं जाना चाहते, तो खतरा साफ समझ आ गया। लड़की का जवाब भी बहुत दमदार था। (डबिंग) साँप की शुरुआत में संवाद बाजी बहुत अच्छी है। मुख्य अधिकारी की आँखों का निकट दृश्य बहुत तीव्र था। कहानी आगे बढ़ रही है। संवादों में दम है। बहस तेज थी।
क्या यह फंसाने की चाल है? काली वर्दी वाले अधिकारी का शक जायज़ लग रहा था। मुख्य शहर की सुरक्षा खाली करने का डर सबके मन में था। (डबिंग) साँप की शुरुआत में रहस्य बना हुआ है। कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ, यह जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। अगली कड़ी कब आएगी। सब सवाल पूछ रहे हैं। धोखा हो सकता है। रहस्य गहरा है।
मुख्य अधिकारी ने सबकी बात सुनी लेकिन अंत में अपना फैसला खुद लिया। यह नेतृत्व का सही उदाहरण है। वे जोखिम उठाने को तैयार हैं। (डबिंग) साँप की शुरुआत में नेतृत्व की झलक देखने को मिलती है। उनकी नीली आँखों में दृढ़ संकल्प साफ दिखाई दे रहा था। बहुत प्रेरणादायक दृश्य था। फैसला अंतिम था। सब चुप रहे।
लड़की और जनरल के बीच की बहस में भावनाएं साफ झलक रही थीं। एक तरफ अनुभव था तो दूसरी तरफ आस्था। (डबिंग) साँप की शुरुआत में भावनात्मक पक्ष बहुत अच्छे से पकड़ा गया है। जब उसने कहा कि वह मर चुका होता, तो दिल पर असर हुआ। कहानी में गहराई है। रिश्ते मजबूत हैं। विश्वास की जीत होगी।
अब नील नाग टुकड़ी मैदान में उतरेगी। काला पत्थर मरुस्थल में क्या होने वाला है, यह देखने के लिए सब बेताब हैं। (डबिंग) साँप की शुरुआत का अंत पास आ रहा है। कार्रवाई और रणनीति का मिश्रण बहुत बढ़िया है। नेटशॉर्ट पर देखने का अनुभव बहुत अच्छा रहा है। आगे क्या होगा। सब इंतजार करेंगे।