इस शो में जब विशाल सुनहरा अजगर टूटी हुई इमारतों के बीच खड़ा होता है तो माहौल बहुत डरावना हो जाता है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सैनिक की आंखों में हार का डर साफ दिख रहा था जब वह घुटनों पर गिर गया। भविष्य की तकनीक और प्राचीन शक्ति का यह संगम अद्भुत लग रहा है। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आ रही है और मैं अगला एपिसोड देखने के लिए बेताब हूं।
टेलीविजन पर कमांडर का भाषण सुनकर घर बैठे परिवार की घबराहट साफ झलक रही थी। सभी नागरिकों को तुरंत शहर छोड़ने का आदेश मिला है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में दिखाया गया है कि कैसे एक बड़े संकट के समय नेता जिम्मेदारी लेते हैं। यह युद्ध केवल हथियारों का नहीं बल्कि अस्तित्व का है। हर कोई अपनी जान बचाने की कोशिश में लगा हुआ है।
बादलों के ऊपर तैरते हुए शहर का नज़ारा बहुत ही भव्य और अद्भुत लग रहा है। लोग अपनी गाड़ियों लेकर वहां पहुंचने की जल्दी में हैं। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे भविष्यवादी विचार देखकर हैरानी होती है। जब धरती खतरे में हो तो इंसान नई जगह तलाशता है। ट्रैफिक का वह दृश्य बहुत ही वास्तविक लग रहा था जहां हर कोई भाग रहा था।
उस लड़के ने हुडी पहनकर तलवार उठाई और कहा कि वह भी हीरो बनेगा। उसकी आंखों में गुस्सा और जुनून साफ दिख रहा था। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे किरदार कहानी में जान डाल देते हैं। जब सब भाग रहे हों तो कोई लड़ने के लिए आगे आए यह बहुत बड़ी बात है। उसका संकल्प देखकर लगता है कि वह कुछ बड़ा करने वाला है।
कमांडर ने जीवन बीज योजना को सक्रिय करने का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि अब इंसानियत को बचाने का आखिरी वक्त आ गया है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे प्लॉट ट्विस्ट देखकर उत्सुकता बढ़ जाती है। पूरे देश में बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हो चुका है। लोग अपने घर बार छोड़कर सुरक्षित जगह की तरफ जा रहे हैं।
अंत में जब अजगर ऊंची इमारत के ऊपर बैठकर सूर्योदय को देखता है तो वह दृश्य बहुत ही सुंदर लग रहा था। नीली रोशनी और सुनहरा शरीर बहुत प्यारा लग रहा है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे विजुअल्स देखकर मन शांत हो जाता है। लगता है कि यह अजगर किसी की रक्षा कर रहा है। यह दृश्य कहानी के अंत का संकेत दे सकता है।
जब माता पिता अपने बच्चे को गोद में लेकर टीवी देख रहे थे तो उनकी चिंता साफ झलक रही थी। देश जो कहेगा वही करेंगे यह उनका रवैया था। (डबिंग) साँप की शुरुआत में परिवार के बंधन को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। संकट के समय परिवार ही सबसे बड़ी ताकत होता है। उनकी आंखों में डर था लेकिन उम्मीद भी बची हुई थी।
सैनिक ने रिपोर्ट दी कि नुकसान तीस प्रतिशत से भी अधिक हो चुका है। यह सुनकर लगता है कि लड़ाई बहुत भयानक रही होगी। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे आंकड़े कहानी की गंभीरता को बढ़ा देते हैं। चारों तरफ मलबा और टूटी हुई मशीनें पड़ी हुई थीं। रात का समय और चांदनी उस वीराने को और डरावना बना रही थी।
शहर की सड़कों पर होलोग्राफिक साइन बोर्ड लगे हुए थे जो बहुत ही आधुनिक लग रहे थे। लोग वहां से गुजर रहे थे और खबरें देख रहे थे। (डबिंग) साँप की शुरुआत में तकनीक का उपयोग बहुत ही रचनात्मक तरीके से किया गया है। हर जगह नीली रोशनी का जाल बिछा हुआ था। यह दुनिया बहुत ही विकसित लग रही है लेकिन खतरे में भी है।
कमांडर ने कहा कि यह कोई फिल्म नहीं बल्कि असली कयामत आ चुकी है। यह युद्ध हमारी सभ्यता के अस्तित्व का युद्ध है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे डायलॉग सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। हम इसकी तैयारी दस साल से कर रहे थे यह बात बहुत चौंकाने वाली है। अब देखना है कि इंसानियत इस मुसीबत से कैसे पार पाती है।