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(डबिंग) साँप की शुरुआतवां30एपिसोड

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(डबिंग) साँप की शुरुआत

राहुल कपूर अचानक एक ऐसे संसार में पहुँच जाता है जहाँ लोग पशु नियंत्रक हैं। वहाँ वह एक कमजोर और उपहास का पात्र “सर्प” बन जाता है, जिसे रिया मल्होत्रा भी नापसंद करती है। मौत के करीब पहुँचने पर वह अवशोषण विकास प्रणाली सक्रिय करता है और छाया भेड़िया जैसे जीवों को निगलते हुए लगातार विकसित होता है। धीरे-धीरे वह साधारण सर्प से शक्तिशाली नाग बनकर अंततः विश्व को भयभीत करने वाला महान ड्रैगन बन जाता है। वैश्विक पशु प्रलय और खतरनाक शत्रुओं के बीच, वह मानवता के साथ मिलकर लड़ता है और सर्वोच्च शक्ति।
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इस एपिसोड की समीक्षा

इंसान से साँप बनने का राज़

जब राहुल कपूर ने बताया कि वो कभी इंसान था, तो कमांडर की आँखें फटी की फटी रह गईं। ये मोड़ बिल्कुल उम्मीद नहीं था। डबिंग साँप की शुरुआत में ऐसे पल देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। चित्रण इतना बेहतरीन है कि हर डर असली लगता है। बस यही जानना है कि आगे क्या होगा।

प्रलय की भविष्यवाणी सच होगी

आसमान में वो बैंगनी दरारें और नीचे शहर में तबाही का नज़ारा देखकर दिल दहल गया। साँप ने जो भविष्य दिखाया वो किसी बुरे सपने से कम नहीं था। डबिंग साँप की शुरुआत में ये डर का माहौल बहुत गहरा है। नेटशॉर्ट ऐप पर देखते वक्त लगा जैसे खुद उस मैदान में खड़ा हूँ। बचने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा।

कमांडर का हैरान चेहरा देखने लायक था

सैनिकों की वर्दी और कमांडर का अंदाज़ बहुत प्रभावशाली है, लेकिन जब साँप ने सच बताया तो सबकी हालत खराब हो गई। डबिंग साँप की शुरुआत में अभिनय और भाव बहुत गजब के हैं। वो सवाल कि क्या ये संभव है, हर किसी के मन में उठ रहा था। संवाद शैली ने सीन को और भी भारी बना दिया है।

लड़की का डर और सवाल

सफेद वर्दी वाली लड़की ने जब पूछा कि क्या तुम भी इंसान थे, तो उसकी आवाज़ में कांप थी। ये भावनात्मक जुड़ाव कहानी को आगे बढ़ाता है। डबिंग साँप की शुरुआत में पात्रों के बीच का रिश्ता धीरे धीरे खुल रहा है। उसका हैरान चेहरा देखकर लगा कि वो पहले से कुछ जानती थी। बहुत गहराई है इस किरदार में।

काले साँप का डिज़ाइन शानदार

वो विशाल काला नाग जिसके गले में तकनीक वाला पट्टा है, बहुत ही अनोखा लग रहा है। पीली आँखें और हरे निशान इसे खतरनाक बनाते हैं। डबिंग साँप की शुरुआत का दृश्य शैली मुझे बहुत पसंद आया। हर चमड़ी की बनावट साफ दिखती है। ऐसे जीव को पर्दे पर देखना एक अलग ही अनुभव है जो बार बार देखने को मजबूर कर दे।

मौत के बाद की ज़िंदगी का सच

राहुल ने कहा कि आपदा से पहले वो मर चुका था और जागा तो ऐसा बन गया था। ये विचार बहुत नया और दिलचस्प है। डबिंग साँप की शुरुआत में मौत और पुनर्जन्म का विषय बहुत अच्छे से उठाया गया है। भूत जैसे दिखने वाले लड़के का आना भी इसी कड़ी का हिस्सा लगता है। रहस्य और भी गहरा होता जा रहा है।

दुनिया के निगलने वाली आपदा

अंतरिक्ष से पृथ्वी को घेरते पत्थर और ऊपर से गिरते राक्षसों का नज़ारा बहुत भयानक था। लगता है वक्त बहुत कम है। डबिंग साँप की शुरुआत में ये प्रलय दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। साँप की चेतावनी को नज़रअंदाज़ करना नामुमकिन लग रहा है। अब सबकी नज़र अगले कदम पर टिकी है।

भूतिया लड़के का रहस्य

चश्मे वाला लड़का जो हवा में तैर रहा था, वो कौन था? क्या वो भी राहुल का ही कोई रूप है या कोई और शक्ति? डबिंग साँप की शुरुआत में हर सीन में कोई नई पहेली सामने आ जाती है। उसका शांत चेहरा और साँप की बातें मिलकर एक अजीब माहौल बना रही हैं। मुझे इसका जवाब जल्दी चाहिए।

राक्षसों का शहर पर हमला

जब वो काले साये शहर में तबाही मचा रहे थे, तो लगा जैसे सब खत्म हो गया हो। विकृत प्राणियों की बनावट बहुत डरावनी है। डबिंग साँप की शुरुआत में कार्रवाई और डर का बैलेंस बहुत अच्छा है। नेटशॉर्ट ऐप पर उच्च गुणवत्ता में ये सब देखना लाजवाब था। बस यही उम्मीद है कि नायक कोई रास्ता निकाल ले।

वक्त कम है और खतरा ज्यादा

अंत में साँप ने जो कहा कि हमारे पास वक्त बहुत कम है, वो डायलॉग रूह कंपा देने वाला था। जल्दबाजी साफ महसूस हुई। डबिंग साँप की शुरुआत का अंत बहुत तगड़ा है। कमांडर अब क्या फैसला लेगा ये देखना बाकी है। कहानी की रफ़्तार बहुत तेज़ है जो बिल्कुल पसंद आई।