इस एपिसोड में सांप का किरदार वाकई बहुत गहराई से लिखा गया है। जब राहुल कपूर खतरे में था, तो सांप ने भागने के बजाय लड़ना चुना। वह बफे की बात करके हंसाता भी है और डराता भी है। एनिमेशन क्वालिटी बहुत शानदार है, खासकर जब सांप बिजली का इस्तेमाल करता है। (डबिंग) साँप की शुरुआत देखकर लगता है कि आगे क्या होगा। राहुल कपूर की जान बचाने के लिए सांप का समर्पण देखकर अच्छा लगा। कमांडर की चिंता भी साफ दिख रही थी स्क्रीन पर। यह एपिसोड बहुत रोमांचक था।
तीन मिनट का समय बहुत कम लग रहा था जब विशाल मेंढक हमला कर रहा था। रामलाल यादव और बाकी टीम अपनी पूरी ताकत लगा रहे थे लेकिन मुट्ठेड प्राणी बहुत शक्तिशाली था। सांप ने जब कमजोरी का विश्लेषण किया तो राहत मिली। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीरीज देखने का अनुभव बहुत अच्छा है। राहुल कपूर को बचाने के लिए सांप का जोखिम उठाना भावनात्मक था। मेंढक का डिजाइन थोड़ा डरावना जरूर था पर वीएफएक्स लाजवाब थे।
इस शो में राक्षस का डिजाइन बहुत ही अनोखा है। विशाल मेंढक जो एस-रैंक का खतरा था, उसकी त्वचा और हमले का तरीका बहुत डरावना था। सांप ने जब उसकी कमजोरी बताई तो पता चला कि गले के नीचे की थैली मुख्य केंद्र है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे मोड़ बार-बार देखने को मिलते हैं। कमांडर का आदेश और राहुल कपूर की स्थिति तनाव बढ़ा रही थी। बिजली की शक्ति का इस्तेमाल करके सांप ने सबको चौंका दिया। अंत बहुत क्लिफहैंगर था।
कमांडर का किरदार बहुत जिम्मेदार लग रहा था। जब उसने राहुल कपूर को पीछे हटने का आदेश दिया, तो उसकी आवाज में घबराहट थी। स्क्रीन पर जो नक्शा दिखाया गया वह बहुत डिटेल्ड था। सांप ने जब कहा कि अगर भागे तो बेस का निशाना होगा, तो सब हैरान रह गए। (डबिंग) साँप की शुरुआत की कहानी में यह मोड़ बहुत महत्वपूर्ण है। टीम की मदद तीन मिनट में आने वाली थी पर जानलेवा हमले रुक नहीं रहे थे। यह ड्रामा बहुत पकड़ बनाए रखता है।
रामलाल यादव जब चिल्लाया कि जानवर मैं तुझे नहीं छोडूंगा, तो उसका गुस्सा साफ दिख रहा था। टीम के सभी सदस्य लेजर तलवारें लेकर लड़ रहे थे। पर मुट्ठेड प्राणी के आगे उनकी ताकत कम पड़ रही थी। सांप का एंट्री लेट हुआ पर असरदार था। नेटशॉर्ट ऐप पर वीडियो क्वालिटी बहुत साफ है। राहुल कपूर के लिए सांप का लड़ना दोस्ती की मिसाल है। एपिसोड का अंत बहुत सस्पेंस से भरा था। सब कुछ खत्म हो गया वाला डायलॉग रोंगटे खड़े करता है।
जब सांप ने पूछा कि अगर मैं भाग गया तो मुझे बफे कौन खिलाएगा, तो हंसी भी आई और डर भी लगा। यह डायलॉग बहुत यादगार था। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे हल्के पल तनाव को कम करते हैं। सांप की आंखें पीली और शरीर काला सोने जैसा बहुत आकर्षक लग रहा था। राहुल कपूर के साथ उसका कनेक्शन समझ से परे है। विश्लेषण करते समय जो होलोग्राफिक स्क्रीन आईं वह बहुत भविष्यवादी लगीं। यह शो तकनीक और जादू का मिश्रण है।
जब वाकी टॉकी पर कहा गया कि राष्ट्रीय स्तर की मदद तीन मिनट में पहुंचेगी, तो उम्मीद जागी। पर तीन मिनट में सब मारे जाएंगे वाला डायलॉग डरावना था। सांप ने बीच में कूदकर स्थिति संभाली। राहुल कपूर को बचाने के लिए उसने अपनी जान जोखिम में डाली। एनिमेशन में बिजली के इफेक्ट्स बहुत चमकदार थे। (डबिंग) साँप की शुरुआत का यह एपिसोड सबसे बेहतरीन है। मेंढक का हमला और सांप का पलटवार देखने लायक था। अंत में सब खत्म हो गया सुनकर झटका लगा।
सांप ने जब लक्ष्य का विश्लेषण शुरू किया तो पता चला कि मेंढक की कमजोरी क्या है। उसने बताया कि शरीर का तरल पदार्थ अत्यधिक संक्षारक है। यह जानकारी बहुत काम की थी। राहुल कपूर को यह सब देखकर आश्चर्य हुआ होगा। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे वैज्ञानिक तत्व कहानी को मजबूत बनाते हैं। सांप के गले में लगा कॉलर भी बहुत टेक्नोलॉजिकल लग रहा था। यह शो एक्शन और विज्ञान का अच्छा मिश्रण है। दर्शक बंधे रहते हैं।
टीम के सदस्यों के पास लाल और नीली लेजर तलवारें थीं जो बहुत कूल लग रही थीं। रामलाल यादव और बाकी सब मिलकर लड़ रहे थे। पर मुट्ठेड प्राणी के आगे सब फीका पड़ गया। सांप ने जब हवा में उड़कर हमला किया तो मजा आ गया। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीरीज लगातार देखने लायक है। राहुल कपूर की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता थी। सांप का रूप बहुत भव्य और शक्तिशाली दिखाया गया है। यह फैंटेसी वर्ल्ड बहुत रंगीन है।
एपिसोड के अंत में कमांडर ने कहा सब खत्म और स्क्रीन काली हो गई। यह क्लिफहैंगर बहुत तेज था। राहुल कपूर और सांप की क्या हालत हुई यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई। (डबिंग) साँप की शुरुआत का अगला एपिसोड कब आएगा इसका इंतजार है। मेंढक का हमला और सांप की बिजली का टकराव बहुत शानदार था। विश्लेषण सफल होने के बाद भी खतरा बना हुआ था। यह शो हर एपिसोड में नया ट्विस्ट देता है। दर्शकों को बांधे रखने की कला इसमें है।