इस एनिमेटेड शो में तनाव बहुत ज्यादा है। जब पिताजी को पता चलता है कि उनके पोते ने देश के सबसे महत्वपूर्ण हथियार को नुकसान पहुंचाया है, तो उनका गुस्सा देखने लायक है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में ऐसे मोड़ आते हैं जो दर्शकों को हैरान कर देते हैं। सैनिकों का आगमन और गिरफ्तारी का आदेश डरावना लगता है। क्या मेहता परिवार बच पाएगा? यह जानने के लिए देखते रहना होगा। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है।
बुजुर्ग व्यक्ति की भूमिका बहुत शक्तिशाली है। उन्होंने अपने बेटे को थप्पड़ मारा क्योंकि उन्हें लगा कि उनके वंशज ने देशद्रोह किया है। होलोग्राफिक संदेश आने के बाद माहौल बदल जाता है। (डबिंग) साँप की शुरुआत की कहानी में परिवारिक रिश्ते और देशभक्ति का टकराव दिखाया गया है। कमांडर के आने के बाद स्थिति और बिगड़ जाती है। मुझे यह नाटक बहुत पसंद आया क्योंकि इसमें भावनाएँ हैं।
जब कमांडर अपने सैनिकों के साथ कमरे में घुसता है, तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट आदेश दिया कि जो भी विरोध करेगा उसे गोली मार दी जाएगी। यह सख्ती दिखाती है कि मामला कितना गंभीर है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में कार्यवाही और नाटक का अच्छा मिश्रण है। मेहता परिवार पर लगा आरोप बहुत भारी है। क्या वे अपनी बेगुनाही साबित कर पाएंगे? यह सवाल हर दर्शक के मन में है।
नीले रंग का होलोग्राफिक संदेश बहुत भविष्यवादी लगता है। जब उसमें से सैनिक निकलकर जानकारी देता है, तो बुजुर्ग व्यक्ति पसीने से तरबतर हो जाते हैं। यह दिखाता है कि खबर कितनी भयानक है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में तकनीक और पुराने खानदान का मिलन देखने को मिलता है। दिव्य नाग योजना का जिक्र कहानी को और रोचक बनाता है। मुझे यह दृश्य शैली बहुत भाई।
पूरा परिवार एक साथ मुसीबत में फंस गया है। पिता और पुत्र के बीच की बहस बहुत तेज थी। बुजुर्ग व्यक्ति जानते हैं कि असली सच्चाई क्या है, लेकिन वे मजबूर हैं। (डबिंग) साँप की शुरुआत में हर किरदार की अपनी मजबूरी है। गिरफ्तारी के वक्त जो डर दिखाया गया है, वह असली लगता है। क्या कोई उन्हें बचाने आएगा? यह कहानी आगे बहुत रोमांचक होने वाली है।
देश के सबसे महत्वपूर्ण हथियार को नुकसान पहुंचाना कोई छोटा आरोप नहीं है। कमांडर के चेहरे पर कोई रहम नहीं था। उसने सीधे गिरफ्तारी का आदेश दे दिया। (डबिंग) साँप की शुरुआत में रहस्य बना हुआ है कि असली गलती किसने की। क्या वो लड़का सच में देश का रक्षक देवता है? यह जानना बहुत जरूरी हो गया है। मुझे यह कथानक मोड़ बहुत पसंद आया है।
शुरू में बेटा अपने पिता से कहता है कि वह बदला लेना चाहता है। लेकिन पिताजी को पता चलता है कि इसका नतीजा बहुत बुरा होगा। थप्पड़ मारने वाला दृश्य बहुत भावनात्मक था। (डबिंग) साँप की शुरुआत में परिवारिक कलह को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। बुजुर्ग व्यक्ति की आंखों में डर और गुस्सा दोनों साफ दिख रहे थे। यह अभिनय बहुत प्रभावशाली है।
नागदेश के रक्षक देवता होने का जिक्र कहानी में नया मोड़ लाता है। बुजुर्ग व्यक्ति जानते हैं कि यह लड़का सिर्फ एक बच्चा नहीं है। उसकी गलती से पूरा देश खतरे में है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में मिथक और आधुनिकता का संगम है। सैनिकों की वर्दी और हथियार बहुत विस्तृत हैं। मुझे यह दुनिया का निर्माण बहुत अच्छी लग रही है। आगे क्या होगा देखना बाकी है।
कमांडर का आगमन बहुत धांसू है। उसके पीछे खड़े सैनिक लोहे के कवच में हैं। उसका आदेश सीधा और स्पष्ट है। कोई बहस नहीं, सीधे कार्यवाही। (डबिंग) साँप की शुरुआत में अधिकार का प्रदर्शन बहुत अच्छे से किया गया है। मेहता परिवार के सामने अब दो रास्ते हैं, या तो झुक जाएं या लड़ें। यह तनावपूर्ण अंत बहुत रोमांचक है। मुझे अगला भाग देखने की जल्दी है।
यह भाग किसी बड़ी त्रासदी की शुरुआत लगता है। परिवार का सम्मान खतरे में है और देश की सुरक्षा भी। बुजुर्ग व्यक्ति की बेचैनी सब कुछ बता रही है। (डबिंग) साँप की शुरुआत में हर दृश्य में कुछ नया खुलासा होता है। होलोग्राम से लेकर सैनिकों तक, सब कुछ बहुत व्यवस्थित है। क्या यह साजिश है या सच्चाई? यह पहेली सुलझाना मुश्किल है। बहुत ही बेहतरीन दृश्य कला है।