अस्पताल का वो दृश्य बहुत ही तनावपूर्ण था। आदित्य की घबराहट साफ दिख रही थी। फिर माँ को फोन करना और फिर बिस्तर पर कपड़े देखना। यह सब बहुत चौंकाने वाला था। वह पुरुष है? ने मुझे हैरान कर दिया। माँ और बेटे के बीच का तनाव अब कैसे सुलझेगा यह देखना दिलचस्प होगा। कहानी में बहुत गहराई है और हर दृश्य में कुछ नया है। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आई है।
सुमन सिंघानिया का अभिनय लाजवाब था। गुस्से में उनकी आवाज़ कांप रही थी। बिस्तर पर पुरुषों के कपड़े देखकर उनका दर्द समझ आया। वह पुरुष है? में परिवार के रिश्तों को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। मुझे उनकी स्थिति पर बहुत तरस आया। उम्मीद है आदित्य जल्द सफाई देगा। यह नाटक दिल को छू लेता है। बहुत ही भावुक कर देने वाला है।
बेचारा आदित्य अस्पताल में दौड़ता हुआ आया। वह बहुत थका हुआ लग रहा था। चिकित्सा रिपोर्ट ने कहानी में रहस्य जोड़ दिया। फिर माँ को फोन क्यों किया? वह पुरुष है? की रफ्तार बहुत अच्छी है। अंत में उसका चौंकना वाला चेहरा देखकर मैं भी हैरान रह गया। अगला भाग कब आएगा। मुझे इंतजार है। कहानी में दम है।
शुरू में लगा चिकित्सा नाटक है, फिर परिवार का झगड़ा निकला। अंतर्वस्त्र का सुराग बहुत साहसिक था। माँ का फोन पर बेटे से सामना करना नाटकीय था। वह पुरुष है? पुरानी कहानियां नहीं अपनाता। मैं इस रहस्य में फंस गया हूं। उन कपड़ों का मालिक कौन है यह जानना जरूरी है। कहानी बहुत रोचक है। हर मोड़ पर नया बदलाव है।
लड़के की आंखों के भाव उत्कृष्ट थे। उसकी आंखों में डर साफ दिख रहा था। माँ की आवाज़ का लहजा बहुत तीखा था। वह पुरुष है? में बहुत प्रतिभाशाली कलाकार हैं। अस्पताल के गलियारे का दृश्य माहौल बनाने में कामयाब रहा। बहुत ही यथार्थवादी अभिनय है। हर संवाद में वजन है। देखने में बहुत अच्छा लगता है।
चिकित्सा रिपोर्ट में क्या है? माँ कपड़ों को लेकर गुस्सा क्यों है? इतने सारे सवाल हैं। वह पुरुष है? रहस्य बहुत अच्छे से बनाता है। अस्पताल और शयनकक्ष के बीच का बदलाव सहज था। मुझे लगता है यह कोई गलतफहमी है। सच जानने के लिए बेताब हूं मैं। कहानी के मोड़ अच्छे हैं।
माँ को रोते हुए देख भावुक हो गया। वह अपने बेटे से प्यार करती हैं पर उलझन में हैं। आदित्य फंसा हुआ लग रहा था। वह पुरुष है? दिल के तार छू लेता है। शयनकक्ष की रोशनी नरम थी पर माहौल गहरा था। टीम का निर्देशन बहुत शानदार है। दृश्य बहुत प्रभावशाली हैं। मुझे यह अंदाज बहुत पसंद आया।
फोन ने दो दुनियाओं को जोड़ दिया। अस्पताल का शोर बनाम शांत शयनकक्ष। बातचीत गर्मागर्म लग रही थी। वह पुरुष है? सामान का अच्छा इस्तेमाल करता है। मोबाइल पर्दे पर माँ का नाम दिखना एक अच्छा अंदाज था। सरल पर असरदार कहानी कहने का तरीका है। यह तरीका मुझे पसंद आया। बहुत ही अनोखा है।
अस्पताल साफ और आधुनिक लग रहा था। शयनकक्ष आलीशान था। यह विपरीत उनकी हैसियत दिखाता है। वह पुरुष है? का निर्माण अच्छा है। अंतर्वस्त्र पर निकट दृश्य विवादास्पद था पर जरूरी था। दृश्य कहानी कहने का तरीका यहां बहुत मजबूत है। सजावट भी अच्छी है। हर जगह बारीकी से काम किया गया है।
हाल ही में देखी सबसे श्रेष्ठ लघु नाटक। कहानी तेजी से आगे बढ़ती है। कोई नीरस भाग नहीं है। वह पुरुष है? आपको अनुमान लगाते रखता है। आदित्य और सुमन की परिवार के रूप में मेल अच्छी है। उम्मीद है यह लड़ाई जल्द सुलझेगी। देखने की सलाह दूंगा। सबको देखना चाहिए।