जब उसने फोन पर उस जीव के बारे में पढ़ा, तो माहौल में डर छा गया। सोते हुए हाथ को छूना और फिर चौंक जाना, यह दृश्य बहुत तनावपूर्ण था। दोस्त की चेतावनी भी बेमानी नहीं थी। वह पुरुष है? इस सवाल ने कहानी को नया मोड़ दिया। नायक की घबराहट साफ दिख रही थी। रात की नीली रोशनी ने डर को और बढ़ा दिया। क्या सच में वह इंसान नहीं है? यह जानने के लिए देखते रहना होगा। बहुत ही रोमांचक कहानी है।
शुरुआत में ही दोस्त ने जो कागज दिया, उसने सब बदल दिया। सोफे पर बैठकर बातचीत में गंभीरता साफ झलक रही थी। नायक के चेहरे पर चिंता की लकीरें थीं। फिर बिस्तर पर वह पलटा और सच्चाई सामने आई। वह पुरुष है? यह सवाल हर दृश्य में गूंजता है। नींद में सोई हुई लड़की को देखकर भी उसे शक हुआ। यह संदेह ही कहानी की जान है। दर्शक भी हैरान रह गए।
जब उसने हाथ छूा और वह चिपचिपा लगा, तो रोंगटे खड़े हो गए। फोन की स्क्रीन पर जानकारी पढ़ना और फिर हकीकत सामने आना। कमरे की रोशनी बहुत डरावनी थी। उसकी सांसें तेज हो गईं। वह पुरुष है? इस नाटक में हर पल संशय बना रहता है। पत्नी को छूने से पहले वह हिचकिचाया। यह छोटा सा स्पर्श बड़ा खुलासा बन गया। बहुत ही बेहतरीन अंदाज है।
बिस्तर पर लेटकर फोन चलाना और फिर अचानक चौंक जाना। नायक की आंखों में डर साफ था। दोस्त ने जो किताब दी थी, उसने सब शुरू किया। वह पुरुष है? इस सच्चाई जानने की जंग है। रात के सन्नाटे में हर आवाज डराती है। उसने कंबल ओढ़ा लेकिन नींद नहीं आई। क्या वह सच में सुरक्षित है? यह सवाल बना रहता है। कहानी बहुत गहरी है।
कागज के टुकड़े को मुट्ठी में भींचना उसकी बेचैनी दिखाता है। खड़े होकर वह कुछ सोच रहा था। फिर रात में वह सच सामने आया। वह पुरुष है? इस शो में हर मोड़ पर नया राज खुलता है। सोते हुए साथी को देखना भी अब डरावना लग रहा है। नीली रोशनी में चेहरा और भी डरावना लग रहा था। यह कहानी बहुत रोचक है। देखने लायक है।
बेडरूम का दृश्य बहुत खूबसूरत लेकिन डरावना था। नीली लाइट में सब कुछ अलग लग रहा था। उसने फोन छोड़ा और हाथ बढ़ाया। वह पुरुष है? इस सवाल ने नींद उड़ा दी। पत्नी के हाथ का स्पर्श अजीब लगा। नायक की घबराहट देखकर लगता है कुछ गड़बड़ है। यह दृश्य बहुत यादगार बन गया है। हर पल नया लग रहा है।
सोफे पर बैठे दोनों दोस्तों की बातचीत गंभीर थी। एक समझा रहा था और दूसरा सुन रहा था। वह पुरुष है? इस नाटक में दोस्त की भूमिका अहम है। उसने जो दस्तावेज दिया, वही सबूत बना। नायक अब अकेले में डर रहा है। रात में जागकर वह सच ढूंढ रहा है। यह कहानी बहुत गहरी है। संदेह का माहौल है।
स्क्रीन पर जो पढ़ा गया, वह चौंकाने वाला था। जीव की आदतों के बारे में जानना। वह पुरुष है? यह सवाल दिमाग में कौंधा। नायक ने फोन रख दिया और साथी को देखा। नींद में वह बेखबर सो रही थी। लेकिन उसे शक हो गया। यह संदेह ही कहानी की ताकत है। हर पल नया लग रहा है। बहुत ही शानदार है।
उसने कागज को मुट्ठी में भींच लिया था। खड़ा होकर वह किसी को देख रहा था। फिर रात में वह डर सामने आया। वह पुरुष है? इस शो में हर किरदार संदिग्ध है। बिस्तर पर लेटना भी अब सुरक्षित नहीं लगता। उसने कंबल ठीक किया लेकिन डर नहीं गया। यह कहानी बहुत रोमांचक है। अंत तक देखना होगा।
अंत में जो हाथ दिखा, वह चिपचिपा था। नायक की सांसें रुक गईं। वह पुरुष है? इस सवाल का जवाब मिलने वाला है। दोस्त की बात सच साबित हो रही है। रात के अंधेरे में सच सामने आया। यह दृश्य बहुत प्रभावशाली था। अब आगे क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता है। बहुत ही बेहतरीन है।