शुरुआत में बालकनी वाला दृश्य बहुत रहस्यमयी है। नायिका का फोन कॉल और नीचे खड़े व्यक्ति का सूटकेस कहानी की दिशा बदल देता है। जब नायक अपने फोन पर वीडियो देखता है तो उसका झटका साफ दिखता है। वह पुरुष है? में यह मोड़ बहुत अच्छा लगा। छिपे कैमरे का विचार डरावना है लेकिन रोचक भी। रंगों का उपयोग मनोदशा को बदलने में मदद करता है। नीली रोशनी में अकेलापन और गुलाबी रोशनी में खतरा साफ झलकता है। अभिनय बहुत प्राकृतिक लगता है।
फोन की स्क्रीन पर जो दिखाया गया वह सब कुछ बदल देता है। नायक की आंखों में हैरानी और गुस्सा दोनों हैं। उसने मुट्ठी भींच ली जो उसकी भावनाओं को बताती है। वह पुरुष है? की कहानी में यह मोड़ जरूरी था। नायिका का मुस्कुराना और फिर निजी दृश्य देखकर लगता है कि कुछ गड़बड़ है। फूल के अंदर छिपा कैमरा बहुत रचनात्मक विचार है। यह शो निजता के बारे में सवाल उठाता है। देखने के बाद मन में कई सवाल आते हैं।
रात के शहर की भीड़ और फिर कमरे की खामोशी का अंतर बहुत अच्छा है। यातायात का समय बीतने का अहसास दिलाता है। वह पुरुष है? में दृश्य का बदलाव बहुत स्मूथ है। जब वह व्यक्ति कमरे में आता है तो थकान साफ दिखती है। फिर अचानक फोन की सूचना सब बदल देती है। लाल और गुलाबी रोशनी का उपयोग डर पैदा करता है। यह शो सिर्फ रोमांस नहीं बल्कि सस्पेंस से भरा है। हर दृश्य में कुछ नया है।
नायिका के कान की बाली और उसका स्टाइल बहुत शानदार है। लेकिन उसकी मुस्कान में कुछ चालाकी है। वह पुरुष है? में किरदारों का रूप-रंग बहुत अच्छा है। जब नायक वीडियो देख रहा होता है तो उसकी सांसें तेज हो जाती हैं। दर्शक भी उसी के साथ घबरा जाता है। निजी दृश्यों को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। यह शो आपको सोचने पर मजबूर कर देता है कि कौन सच बोल रहा है। कहानी में गहराई है।
कहानी की रफ्तार बहुत तेज है। शुरू में शांति है और फिर अचानक हंगामा। वह पुरुष है? में चरमोत्कर्ष की तैयारी बहुत अच्छी है। फोन पर वीडियो देखते समय नायक का चेहरा पीला पड़ जाता है। यह अभिनय बहुत प्रभावशाली है। नायिका का किरदार बहुत मजबूत दिखाया गया है। वह सब कुछ कंट्रोल कर रही लगती है। यह शो देखकर लगता है कि रिश्तों में धोखा कितना खतरनाक हो सकता है। बहुत ही दमदार प्रस्तुति है।
छिपे कैमरे का डर हर किसी को सताता है। फूल के बीच में लेंस देखकर रोंगटे खड़े हो गए। वह पुरुष है? में यह बारीकी बहुत मायने रखती है। यह दिखाता है कि खतरा कहीं भी हो सकता है। नायक की प्रतिक्रिया बहुत असली लगती है। वह समझ नहीं पा रहा कि क्या करे। गुलाबी रोशनी वाले दृश्यों में एक अजीब सी बेचैनी है। यह शो तकनीक और इंसान के रिश्ते को भी दिखाता है। बहुत ही अनोखी कहानी है।
बालकनी से नीचे देखना और फिर फोन पर कॉल करना। यह सब एक योजना का हिस्सा लगता है। वह पुरुष है? में कहानी की बुनावट बहुत मजबूत है। जब वह व्यक्ति सूटकेस के साथ आता है तो लगता है सब ठीक है। लेकिन असलियत कुछ और ही निकलती है। कमरे की रोशनी मनोदशा को पूरी तरह बदल देती है। नीली रोशनी में उदासी और गुलाबी में उत्तेजना है। यह शो दृश्य रूप से बहुत सुंदर है। हर दृश्य को संवारकर बनाया गया है।
निजी दृश्यों को दिखाने का तरीका बहुत कलात्मक है। धुंधलापन और रंगों का खेल दिमाग में छवि बनाता है। वह पुरुष है? में छायांकन बहुत अच्छा है। नायक का झटका देखकर लगता है कि उसे धोखा मिला है। नायिका का किरदार रहस्यमयी बना हुआ है। क्या वह शिकार है या शिकारी? यह सवाल बना रहता है। यह शो देखने के बाद आप भी अपने फोन को चेक करेंगे। बहुत ही सस्पेंस से भरा है।
शहर की रोशनी और कमरे की अंधेरी कोने का अंतर बहुत प्यारा है। वह पुरुष है? में स्थान का चुनाब बहुत सही है। जब नायक मेज पर बैठता है तो उसे अकेलापन महसूस होता है। फिर फोन की रोशनी उसके चेहरे पर पड़ती है। यह प्रतीकात्मक भी हो सकता है। सच्चाई की रोशनी ने उसे झकझोर दिया। नायिका की हंसी में एक अलग ही नशा है। यह शो भावनात्मक भी है और रोमांचक भी। बहुत ही बेहतरीन काम है।
अंत में नायक की आंखें फटी की फटी रह जाती हैं। यह भाव-भंगिमा सब कुछ कह जाती है। वह पुरुष है? का अंत बहुत खुला है। आप खुद अनुमान लगा सकते हैं कि आगे क्या होगा। यह शो दर्शकों को शामिल करता है। कपड़ों का उतरना और फिर कैमरे का दिखना। यह सब एक जाल है। यह शो आधुनिक समय की कहानी कहता है। बहुत ही अपनापन लगने वाला और डरावना अनुभव है। जरूर देखें।