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वह पुरुष है?वां36एपिसोड

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वह पुरुष है?

एक साल से शादीशुदा थे। नायिका बार-बार नजदीकियों से बचती, उसकी मेडिकल रिपोर्ट में गड़बड़ थी, घर में अजीब चीज़ें मिलीं – नायक को उसके लिंग पर शक होने लगा। नए साल से पहले नायिका उसे अपने गाँव ले गई। वहाँ साँप जैसी मछलियाँ और भयानक माहौल देखकर उसे लगा कि यहाँ बड़ा खतरा है...
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इस एपिसोड की समीक्षा

रहस्यमयी रात का सफर

इस कहानी में जो भावनात्मक उतार चढ़ाव दिखाया गया है, वह वास्तव में दिल को छू लेता है। जब वह लड़का चिकित्सा पेटी लेकर आता है, तो लगता है कुछ गड़बड़ है। फिर अचानक रोशनी बदलती है और सब कुछ अलग हो जाता है। क्या यह सब सपना था? वह पुरुष है? वाले सवाल ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया। अंत में उसकी घबराहट देखकर लगता है कि कुछ छुपाया जा रहा है। बहुत ही रोमांचक मोड़ है।

सपना या हकीकत का खेल

शुरुआत में साधारण लगने वाला कमरा बाद में नीयन रोशनी में बदल जाता है। नायिका की पोशाक बदलना और फिर वह लड़का का भ्रमित होना सब कुछ एक पहेली जैसा है। मुझे लगा कि शायद वह किसी जादू के साये में हैं। वह पुरुष है? जब यह सवाल दिमाग में आता है तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। नेटशॉर्ट मंच पर ऐसे दृश्य देखना बहुत अच्छा लगता है। बिल्कुल अलग अनुभव मिला।

भावनाओं का टकराव

दोनों के बीच का लगाव बहुत गहरा है। पहले वे बातें कर रहे थे और फिर अचानक करीब आ गए। लेकिन अंत में वह लड़का क्यों डर गया? क्या उसे कुछ याद आ गया? वह पुरुष है? इस शीर्षक के पीछे की सच्चाई जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। हर दृश्य में एक नया रहस्य छुपा है। अभिनय बहुत ही स्वाभाविक लगा। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आई।

चिकित्सा पेटी का राज

वह चांदी की पेटी लेकर आया था, शायद वही सब कुछ बदलने की वजह बना। कमरे का माहौल एकदम से बदल गया और रंग भी बदल गए। नायिका की आंखों में सवाल थे और नायक के चेहरे पर डर। वह पुरुष है? इस शीर्षक के पीछे की सच्चाई जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। क्या यह कोई मनोवैज्ञानिक रोमांचक कहानी है? मुझे अंत का मोड़ बिल्कुल नहीं समझ आया पर मजा आया।

नीयन रोशनी का जादू

जब कमरे में गुलाबी और बैंगनी रोशनी हुई, तो कहानी ने करवट ली। वह लड़की बहुत खूबसूरत लग रही थी काले कपड़ों में। फिर भी वह लड़का पीछे हट गया। क्यों? क्या उसे कोई पछतावा हुआ? वह पुरुष है? वाली कहानी में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं। नेटशॉर्ट पर दृश्य देखने का अनुभव बहुत ही शानदार रहा। बिल्कुल नया लगा।

अचानक बदलाव क्यों

इतनी देर तक सब ठीक चल रहा था, फिर अचानक वह लड़का अपने हाथों को देखने लगा। जैसे उसे अपनी पहचान भूल गई हो। नायिका भी हैरान रह गई। वह पुरुष है? इस सवाल ने पूरी कहानी का रुख मोड़ दिया। शायद यह कोई भ्रम था या फिर कोई गहरा सच। मुझे यह अनिश्चितता बहुत पसंद आई। हर पल नया रहस्यमय तनाव बना रहा।

प्यार या धोखा

पहले वे एक दूसरे के करीब आए, फिर अचानक दूरी बढ़ गई। क्या उनके बीच कोई पुरानी दुश्मनी है? वह लड़की मुस्कुरा रही थी पर वह लड़का डरा हुआ था। वह पुरुष है? जब यह शीर्षक सामने आता है तो लगता है कि पहचान ही सब कुछ है। कहानी में बहुत गहराई है। मुझे ऐसे नाटक देखना बहुत अच्छा लगता है जहां अंत तक पता न चले।

आईने वाला दृश्य

स्नानगृह में वह लड़का जब आईने में खुद को देखता है, तो उसके चेहरे पर पसीना था। शायद उसे कुछ याद आ रहा था। फिर शयनकक्ष में वह सब कुछ बदल गया। वह पुरुष है? यह सवाल बार बार दिमाग में आ रहा है। क्या वह कोई और बन गया है? यह कहानी बहुत ही अनोखी है। नेटशॉर्ट मंच पर मिलने वाली सामग्री कभी ऊब नहीं कराती।

खामोशी का शोर

बिना संवाद के भी यह कहानी बहुत कुछ कह जाती है। चेहरे के हाव भाव सब कुछ बता रहे हैं। वह लड़की उदास थी, फिर खुश हुई, फिर भ्रमित। वह पुरुष है? वाली श्रृंखला का यह भाग बहुत ही दमदार है। मुझे लगा कि शायद वे दोनों किसी जाल में फंस गए हैं। अंत तक सांस रुकी रही। बहुत ही बेहतरीन काम है।

अंत क्या होगा

कहानी अधूरी लग रही है, शायद अगले भाग में सब खुलेगा। वह लड़का क्यों चिल्लाया? क्या उसे कोई साया दिखाई दिया? वह पुरुष है? इस पहेली को सुलझाना अब जरूरी हो गया है। मुझे यह रहस्यमय तनाव बहुत पसंद आया। नेटशॉर्ट पर ऐसे दृश्य देखकर मजा आ जाता है। जल्दी अगला भाग आए।