इस दृश्य में एक्शन बहुत शानदार है। ग्रे जैकेट वाला लड़का बिना किसी डर के सबको हरा देता है। उसकी लड़ाई की कला देखकर लगता है कि वह कोई साधारण व्यक्ति नहीं है। जब उसने फोन दिखाया तो दुश्मन का चेहरा उतर गया। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत नामक इस ड्रामे में ऐसा मोड़ उम्मीद से ज्यादा रोमांचक था। मुझे यह पल बहुत पसंद आया जब उसने एक ही वार में सबको गिरा दिया। सच में देखने लायक है और हर पल रोमांच से भरा है।
सोने की चेन पहने हुए व्यक्ति का घमंड देखकर गुस्सा आता है। उसे लगता था कि वह सब कुछ खरीद सकता है, लेकिन उसे अपनी औकात का पता चल गया। जब लड़ाई शुरू हुई तो उसके सारे गुंडे जमीन पर थे। यह ड्रामा आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत सच में दिलचस्प कहानी बता रहा है। काले कपड़े वाली महिला की घबराहट साफ दिख रही थी। अंत में फोन वाली बातचीत ने सब कुछ बदल दिया। बहुत ही बेहतरीन सीन है जो दिल पर असर करता है।
लेदर कोट वाली महिला का किरदार बहुत रहस्यमयी लगता है। वह शांत खड़ी रहती है लेकिन उसकी आंखों में कुछ और ही बात है। जब ग्रे जैकेट वाले ने लड़ाई की तो वह बस देखती रही। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसे किरदार कहानी को गहराई देते हैं। मुझे लगा कि वह भी किसी बड़े खेल का हिस्सा है। सड़क का सूनसान माहौल तनाव को और बढ़ा रहा था। हर फ्रेम में एक अलग ऊर्जा है जो दर्शकों को बांधे रखती है और आगे क्या होगा इसकी उत्सुकता बढ़ती है।
काली ड्रेस वाली महिला का रिएक्शन देखने लायक था। पहले वह घमंड में थी, फिर डर के मारे कार से टकरा गई। यह बदलाव बहुत तेजी से हुआ। ग्रे जैकेट वाले लड़के की ताकत ने सबको चौंका दिया। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत जैसे शो में ऐसे इमोशनल पल बहुत जरूरी होते हैं। मुझे यह पसंद है कि हीरो बिना बोले अपने काम से सबूत देता है। एक्शन सीन्स की कोरियोग्राफी बहुत सटीक और तेज है जो आंखों को चुभती है।
इस दृश्य में जो संवाद नहीं हैं, वही सबसे ज्यादा बोलते हैं। हीरो की चुप्पी और दुश्मन की शोर-शराबा वाली हरकतें। जब फोन निकाला गया तो सन्नाटा छा गया। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत की कहानी में यह मोड़ बहुत अच्छा लगा। लाल कार और ग्रे गाड़ी के बीच का यह मुकाबला सिर्फ शारीरिक नहीं, मानसिक भी था। हर किरदार का अपना एक मकसद लग रहा है। देखने वाले को अंत तक अनुमान नहीं लग पाता कि क्या होगा और कब पलटा आएगा।
गुंडों के गिरने का तरीका बहुत फिल्मी है लेकिन मजा आता है। हीरो एक हाथ से सबको संभाल लेता है। फूलों वाली शर्ट वाले नेता का रंग ढंग से उतर गया। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में एक्शन का यह स्तर काफी ऊंचा है। मुझे लगा कि शायद वह फोन किसी बड़े इंसान का था। बाद में जो फोन कॉल हुई उसने सारी ताकत के समीकरण बदल दिए। यह सीन बार-बार देखने योग्य है और हर बार नया लगता है।
मौसम का असर इस सीन पर बहुत गहरा है। बादल छाए हुए हैं और सड़क खाली है। यह उदासी लड़ाई की गंभीरता को बढ़ाती है। ग्रे जैकेट वाला लड़का बहुत शांत है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसे वातावरण का उपयोग बहुत अच्छे से किया गया है। जब वह फोन दिखाता है तो लगता है कि असली खेल अब शुरू हुआ है। विजुअल्स बहुत साफ और तीखे हैं। हर एक्सप्रेशन कैमरे में कैद है जो कहानी को आगे बढ़ाता है।
हीरो की आंखों में जो गुस्सा है वह शांत है। वह चिल्लाता नहीं बस काम करता है। दुश्मन पक्ष के लोग डर के मारे कांप रहे थे। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में किरदारों की यह गहराई देखने मिली। लेदर कोट वाली महिला और हीरो के बीच की चुप्पी भी एक कहानी कहती है। मुझे यह लगा कि शायद वे पहले से एक दूसरे को जानते हैं। एक्शन के बीच में भी इमोशन बना हुआ है जो दर्शकों को बांधे रखता है।
अंत में जो फोन कॉल होती है वह सबसे बड़ा रहस्य है। सोने की चेन वाला व्यक्ति अब किससे बात कर रहा है। क्या वह मदद मांग रहा है या हार मान रहा है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसे अधूरापन बहुत अच्छे लगते हैं। ग्रे जैकेट वाले की जीत पक्की थी लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं हुई। सभी गिरे हुए लोग जमीन पर तड़प रहे थे। यह दृश्य बहुत ही शक्तिशाली और यादगार बन गया है जो दिमाग में रहता है।
इस शो की रफ्तार बहुत तेज है। एक मिनट में बातचीत और अगले मिनट में धमाकेदार फाइट। काली ड्रेस वाली महिला की चीख भी सुनाई दी होगी। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत जैसे ड्रामे में बोरियत का कोई मौका नहीं है। हीरो की स्टाइल बहुत सिंपल लेकिन असरदार है। मुझे यह पसंद आया कि उसने हथियार नहीं उठाए बस हाथों से सब निपटा दिया। सच में यह दृश्य देखने में बहुत मजेदार है और बार-बार देखने को मन करता है।