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आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मतवां6एपिसोड

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आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत

वीर सिंह जेल से जल्दी रिहा होकर भाई ध्रुव और भाभी प्रिया के साथ लौटा। रास्ते में अनिका रेड्डी की कार से टक्कर हो गई। अनिका ने पचास हज़ार रुपये की माँग कर दी। तारा को हॉस्पिटल पहुँचाने के लिए वीर रुक गया। उसने अनिका और उसके साथियों को हराया और उनका सहायक यश मल्होत्रा को बुलवाया। यश ने प्रिया को मुआवज़ा माँगा, जिससे वीर भड़क गया। फिर अर्जुन राठौर अपने लोगों के साथ आया। वीर ने अकेले ही सबको हरा दिया। तभी चेयरमैन शौर्य मल्होत्रा ने वीर को पहचानकर उसकी मदद की
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इस एपिसोड की समीक्षा

सड़क पर हुआ बवाल

इस दृश्य में तनाव साफ़ दिख रहा है। चश्मे वाला शख्स कुछ समझाने की कोशिश कर रहा है लेकिन फूलों वाली शर्ट वाला गुस्से में है। लगता है कोई पुरानी दुश्मनी है। जब तक हरी सूट वाला नहीं आया, माहौल बहुत भारी था। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत देखकर लगा कि असली खेल अब शुरू होगा। किरदारों की बॉडी लैंग्वेज बहुत दमदार है और दर्शकों को बांधे रखती है।

विलेन की एंट्री धांसू

काले जैकेट वाला शख्स अपनी अकड़ दिखा रहा है। उसकी आंखों में गुस्सा साफ़ झलकता है। सामने खड़ी लड़की भी कम नहीं लग रही। पैकेट वाले शख्स की बेचैनी देखकर दिल दहल गया। कहानी में ट्विस्ट आने वाला है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत का ये सीन सबसे बेस्ट है। गाड़ियों का काफिला देखकर अमीरी का घमंड साफ़ दिखता है। विलेन की एक्टिंग बहुत जबरदस्त लग रही है।

लेदर कोट वाली की चुप्पी

काले कोट वाली का रवैया बहुत सख्त लग रहा है। वो चुपचाप सब देख रही है लेकिन उसकी आंखें सब बता रही हैं। चश्मे वाला शख्स शायद किसी मुसीबत में फंसा है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसे सीन बार-बार देखने को मिलते हैं। एक्टिंग बहुत नेचुरल है। लगता है ये पैकेट किसी बड़े राज की चाबी है। सीन का हर पहलू बहुत गहराई से बनाया गया है।

गाड़ियों का दिखावा

महंगी गाड़ियों का काफिला देखकर लगता है कि पावर गेम चल रहा है। लाल स्पोर्ट्स कार और काली सेडान आमने सामने हैं। ये सिर्फ़ रास्ता रोका नहीं, इज़्ज़त का सवाल बन गया है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत की कहानी में ये टकराव अहम है। हरी सूट वाले की एंट्री से सबकी बोलती बंद हो गई। बहुत ही शानदार सीन है जो रोंगटे खड़े कर देता है।

बेचारे चश्मे वाले की हालत

उस शख्स को देखकर तरस आ रहा है जो पैकेट पकड़े खड़ा है। वो कुछ कहना चाहता है लेकिन सुना नहीं जा रहा। फूलों वाली शर्ट वाला उसे डरा रहा है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसे इमोशनल पल बहुत हैं। उम्मीद है हरी सूट वाला उसकी मदद करेगा। डायलॉग डिलीवरी बहुत असरदार लग रही है। दर्शक इस किरदार के साथ जुड़ जाते हैं।

गुस्से का पैमाना

फूलों वाली शर्ट वाले का गुस्सा सातवें आसमान पर है। वो इशारों में धमकी दे रहा है। सामने वाले लोग डरे हुए नहीं लग रहे बस शांत हैं। ये खामोशी तूफान से पहले की है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत का ये क्लाइमेक्स लगता है। कैमरा एंगल्स ने तनाव को बहुत बढ़ा दिया है। देखने वाले को बांधे रखता है। हर फ्रेम में कहानी है।

नया किरदार एंट्री

हरी सूट वाला शख्स जैसे ही गाड़ी से उतरा, सबकी नज़रें उस पर टिक गईं। उसकी चाल में अलग ही कॉन्फिडेंस है। लगता है वो इस झगड़े को सुलझाने आया है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसे ट्विस्ट्स की उम्मीद थी। ब्लैक ड्रेस वाली भी अब राहत की सांस ले सकती है। सीन बहुत ही सस्पेंस से भरा है। एंट्री बहुत धमाकेदार हुई है।

पैकेट में क्या है राज

वो भूरा पैकेट किस चीज़ का है? शायद इसी को लेकर ये सब झगड़ा हो रहा है। चश्मे वाला शख्स उसे संभाल कर रख रहा है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत की प्लॉट इसी के इर्द गिर्द घूमती है। विलेन को वो कागज़ चाहिए लगता है। हर किसी की नज़र उसी पर है। ये छोटी चीज़ बड़ी मुसीबत बन गई है। रहस्य बना हुआ है।

दो गुटों की लड़ाई

एक तरफ भीड़ है और दूसरी तरफ कुछ लोग खड़े हैं। रास्ता बीच में बटा हुआ है। ये सिर्फ़ जगह की नहीं, इलाके की लड़ाई लग रही है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में पावर डायनामिक्स बहुत अच्छे दिखाए गए हैं। कपड़ों से ही किरदारों की पहचान हो जाती है। विलेन की शर्ट बहुत भड़कीली है। माहौल में गंभीरता है।

अंत कैसे होगा

अब सबकी नज़रें हरी सूट वाले पर हैं। क्या वो शांति बनाएगा या लड़ाई बढ़ाएगा? चश्मे वाले की किस्मत अब उसी के हाथ में है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत का अगला एपिसोड देखने को बेताब हूँ। ऐसे ड्रामे देखना बहुत पसंद है। कहानी में दम है और एक्टिंग भी लाजवाब है। हर मोड़ पर नया ट्विस्ट है।